पीरियड्स एक प्राकृतिक और स्वाभाविक प्रक्रिया है, जिसमें शरीर की अंदरूनी परत टूटकर खून और टिश्यू के रूप में बाहर निकलती है। यह प्रक्रिया हार्मोन्स के जरिए नियंत्रित होती है और इसके साथ-साथ कोई भी विदेशी चीज़ जैसे नहाना, बाल धोना, या पानी का तापमान उसके साथ निकलने में कोई संबंध नहीं रखती।
पीरियड्स के दौरान बाल धुलने और ब्लेडिंग बढ़ने के बीच कोई भी वैज्ञानिक या मेडिकल संबंध नहीं है। पीरियड्स एक प्राकृतिक और स्वाभाविक प्रक्रिया है, जिसमें शरीर की अंदरूनी परत टूटकर खून और टिश्यू के रूप में बाहर निकलती है, इस प्रकार बाल धोने के साथ भी।
इसलिए, पीरियड्स के दौरान बाल धुलना बिल्कुल ठीक है। इसके साथ-साथ, पीरियड्स में हेयर वॉश करने के कई फायदे भी हो सकते हैं, जैसे कि शरीर और मन दोनों फ्रेश महसूस करते हैं, चिड़चिड़ापन और बेचैनी कम होती है, गर्म पानी से सिर धोने पर हल्की ऐंठन में राहत मिल सकती है, साफ-सफाई बनी रहती है, जो मेन्स्ट्रुअल हाइजीन के लिए जरूरी है।
पीरियड्स के दौरान बाल धुलने और ब्लेडिंग बढ़ने के बीच कोई भी वैज्ञानिक या मेडिकल संबंध नहीं है। पीरियड्स एक प्राकृतिक और स्वाभाविक प्रक्रिया है, जिसमें शरीर की अंदरूनी परत टूटकर खून और टिश्यू के रूप में बाहर निकलती है, इस प्रकार बाल धोने के साथ भी।
इसलिए, पीरियड्स के दौरान बाल धुलना बिल्कुल ठीक है। इसके साथ-साथ, पीरियड्स में हेयर वॉश करने के कई फायदे भी हो सकते हैं, जैसे कि शरीर और मन दोनों फ्रेश महसूस करते हैं, चिड़चिड़ापन और बेचैनी कम होती है, गर्म पानी से सिर धोने पर हल्की ऐंठन में राहत मिल सकती है, साफ-सफाई बनी रहती है, जो मेन्स्ट्रुअल हाइजीन के लिए जरूरी है।