महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी का मामला, जिसमें 4 महिला कर्मचारियों से पीरियड्स का सबूत मांगने की घटना हुई थी, सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर आपराधिक मामले के रूप में देखा। जस्टिस बीवी नागरत्ना ने कहा, "यह महिलाओं के प्रति लोगों की सोच दिखाता है। अगर उनकी गैरमौजूदगी की वजह से कोई भारी काम नहीं हो सका तो किसी और को लगाया जा सकता था।"
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, हरियाणा सरकार और अन्य पक्षों से जवाब मांगा, जबकि याचिका में कहा गया है कि ऐसी गाइडलाइंस बनाई जाएं जो पीरियड्स के दौरान महिलाओं के स्वास्थ्य, सम्मान, निजता और शारीरिक स्वतंत्रता की रक्षा सुनिश्चित करें।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, हरियाणा सरकार और अन्य पक्षों से जवाब मांगा, जबकि याचिका में कहा गया है कि ऐसी गाइडलाइंस बनाई जाएं जो पीरियड्स के दौरान महिलाओं के स्वास्थ्य, सम्मान, निजता और शारीरिक स्वतंत्रता की रक्षा सुनिश्चित करें।