फाइल में नाम आया, मचा बवाल… दलाई लामा कार्यालय का बड़ा बयान, एपस्टीन से कोई रिश्ता नहीं

दलाई लामा कार्यालय ने एपस्टीन से कोई रिश्ता नहीं होने पर बड़ा बयान दिया, जिससे बवाल मच गया। शोध व नीति समूह तिब्बत राइट्स कलेक्टिव ने अपनी वेबसाइट पर लिखा कि दलाई लामा से जुड़े दस्तावेज़ में कोई अवैध गतिविधि, वित्तीय लेन-देन या व्यक्तिगत संबंध का प्रमाण नहीं है।

जैसे-जैसे पत्रकारों ने इस मामले पर सवाल उठाया, दलाई लामा कार्यालय ने बड़े बयान दिया। उन्होंने कहा कि एपस्टीन से कोई रिश्ता नहीं है, जो गलत और व्यर्थ है। उन्होंने यह भी कहा कि दलाई लामा कार्यालय ने कभी भी किसी व्यक्तिगत संबंध या वित्तीय लेन-देन में शामिल नहीं हुआ है।

इस बात पर चर्चा हो रही है कि एपस्टीन ने दलाई लामा से जुड़े दस्तावेज़ कैसे बनाए। अधिकतर संदर्भ सार्वजनिक कार्यक्रमों, अकादमिक पहलों या तीसरे पक्ष की चर्चाओं से जुड़े हैं, जिन्हें एपस्टीन या उसके मध्यस्थों ने प्रतिष्ठा या पहुँच पाने के उद्देश्य से लिखा था।
 
यह तो बहुत दिलचस्प है 🤔, लोग तो इतने जल्दी बोल बेनतीज कर रहे हैं कि एपस्टीन से कोई रिश्ता नहीं है। मुझे लगता है कि दलाई लामा कार्यालय ने सही कहा, यह सब गलत और व्यर्थ है 🙅‍♂️। लेकिन मैं भी थोड़ा सोचना चाहता हूं, क्या हमें पता नहीं है कि कैसे दस्तावेज़ बनाए गए? 👀 मुझे लगता है कि अधिकतर संदर्भ तो ऐसे होंगे जिन्हें लिखने के पीछे कोई बड़ी राजनीति या व्यक्तिगत मुद्दा नहीं है। और फिर भी, यह सब इतनी जल्दी बोल बेनतीज करने का क्या कारण है? 🤷‍♂️
 
एपस्टीन से दिल्ली से दिल्ली रिश्ता तो कोई बड़ी बात नहीं 🙄, लेकिन यह तो एक व्यक्तिगत जीवन में मुस्कराने का मौका है। दलाई लामा कार्यालय ने अपना बयान देने से पहले पत्रकारों को चाक-चबाने की बात नहीं है 🤣, बस उन्हें अपनी जाँच कर लेनी चाहिए। यह सब तो एक बड़ा व्यर्थ है, जैसे कि मैंने कल अपने डॉक्टर से बात की और उसने मुझे बताया कि मेरे पास 10 मिनट तक खाने का समय नहीं है 🍴, लेकिन अब मैं तीन घंटे तक खाता रहता हूँ।
 
दलाई लामा कार्यालय की बात है तो ज़रूर, यह तो बहुत दिलचस्प है! ऐसा लगता है कि एपस्टीन ने बस अपनी पहचान बढ़ाने और स्वादिष्ट कहानियाँ उकेड़ने के लिए उन दस्तावेज़ों का निर्माण किया है। 😏

तो यह तो बहुत ही रोचक मामला है! लगता है कि दलाई लामा कार्यालय अपनी गोपनीयता और विश्वास की रक्षा करने के लिए बोल रहा है। ऐसे में यह तो बहुत महत्वपूर्ण है कि हम ज़रूरतमंद लोगों को उनकी मदद करने पर ध्यान दें।

एक सवाल है, क्या दलाई लामा कार्यालय ने इससे पहले कभी ऐसा बड़ा बयान दिया है? और यह तो बहुत ही रोचक है कि एपस्टीन ने ऐसे दस्तावेज़ बनाए, जिनमें इतनी सच्चाई नहीं है। 😊
 
अरे दोस्तो… यह तो बहुत ही अजीब बात है… दलाई लामा से जुड़े दस्तावेज़ में इतनी बड़ी साजिश का प्रमाण नहीं है, और फिर भी लोगों ने ताल्लुक लगा दिया है। यह बहुत ही अजीब है… क्या हमारे देश में अभी भी ऐसे मामले हैं जहां लोग बिना सबूत के लोगों को बदनाम कर सकते हैं? 🤯

मुझे लगता है कि दलाई लामा कार्यालय ने सही कहा है, कोई रिश्ता नहीं है, यह तो बिल्कुल साफ है। लेकिन मुझे लगता है कि इस मामले को देखने वालों को पता होना चाहिए कि दलाई लामा कार्यालय ने कभी भी ऐसी हरकतें नहीं की हैं। यह तो बहुत ही साफ और ईमानदार बयान है। 🙏

लेकिन मुझे लगता है कि इस मामले को देखने वालों को पता होना चाहिए कि दलाई लामा कार्यालय ने ऐसी हरकतें नहीं की हैं, और फिर भी लोगों ने ताल्लुक लगा दिया है। यह बहुत ही अजीब है… मुझे लगता है कि हमारे देश में अभी भी ऐसे मामले हैं जहां लोग बिना सबूत के लोगों को बदनाम कर सकते हैं।
 
क्या ऐसी कहीं भी नहीं होती, इस दुनिया में कोई सच्ची बात? दलाई लामा से जुड़े दस्तावेज़ तो एक्सप्लेन किएं, परंतु अब यह सवाल उठ गया कि कैसे बनाए गए?

जो पत्रकारों ने सवाल पूछे, उन्हें पहले यकीन नहीं था, फिर उनकी जांच में भी कुछ स्पष्ट नहीं हुआ। तो अब यह सवाल उठता है कि क्या सच्चाई कभी खुलकर निकलेगी, या हमेशा अंधेरे में रहेगी।

मुझे लगता है, जिस दुनिया में हम रहते हैं, वह बहुत जटिल है। हर कोई अपने दिमाग से बात करता है, परंतु कुछ भी सच नहीं हो सकता। तो अब यह सवाल उठता है कि क्या हमारी दुनिया में कोई सच्चाई है?
 
इस मामले की जांच करो तो यह कितना रोचक है... 🤔 दलाई लामा कार्यालय ने बड़ा बयान दिया, लेकिन पत्रकारों ने अभी भी सवाल उठाए हैं। जैसे ही मामला स्पष्ट हो जाएगा, तभी हम सब समझ पाएंगे।
 
😊 दलाई लामा की दुनिया में यह सब बहुत ही अजीब लग रहा है। कैसे एक व्यक्ति इतनी प्रसिद्धि और सम्मान के साथ इतनी गंदगी से जूझता है, यह समझना भी मुश्किल हो गया है। 🤔

मुझे लगता है कि दलाई लामा कार्यालय ने बहुत ही सावधानी से अपनी ओर से बयान दिया है। उन्होंने यह भी कहा है कि एपस्टीन से कोई रिश्ता नहीं है, जो सच होने पर बहुत बड़ा बयान है। लेकिन मुझे लगता है कि इसके पीछे कुछ और हो सकता है, जिसे हम अभी तक समझ नहीं पा रहे हैं। 🤝

इसका मतलब यह भी हो सकता है कि एपस्टीन ने दलाई लामा से जुड़े दस्तावेज़ बनाने के लिए कुछ और तरीके अपनाए हैं, जिन्हें हम अभी तक नहीं देख पाए हैं। मुझे लगता है कि इससे यह पता चलता है कि हमारी सामाजिक और राजनीतिक संरचना इतनी जटिल हो गई है, जिसमें चीजें बहुत आसान नहीं होती। 😊
 
अरे, यह तो बहुत दिलचस्प है कि दलाई लामा कार्यालय ने इतनी जल्दी बयान दिया, जैसे कोई परेशानी से खाली हाथ मिल गया हूँ 🤔। मुझे लगता है कि यह सब कुछ बहुत तेज़ गति से चल रहा है, जैसे कि तिब्बत की बातचीत में एक नई रफ्तार आ गई है। लेकिन, मैं सोच रहा हूँ कि शायद यह सब वास्तविक रिश्तों और सच्चाई पर आधारित नहीं है, बल्कि खेल के बीच की दुश्मनी को ढकाने की कोशिश है। तो, क्या हमें इस बात पर विश्वास करना चाहिए, जो दलाई लामा कार्यालय ने कहा है?
 
अरे, यह तो बहुत मजेदार है! दलाई लामा कार्यालय ने बड़ा बयान दिया, जैसे कि यह पूरी तरह से सच्चा है। पर, मुझे लगता है कि कुछ लोगों की रुचि तो थोड़ी भी निकल नहीं रही। 🙄

और जिस बात पर चर्चा हो रही है, वह तो बहुत दिलचस्प है। कैसे एपस्टीन ने दलाई लामा से जुड़े दस्तावेज़ बनाए? अरे, यह तो एक अच्छा सवाल है। मुझे लगता है कि हमें थोड़ी और जानकारी चाहिए। 🤔

क्या कोई जानता है कि दूसरों के लिए काम करने वाले लोगों को भी पैसे और प्रोत्साहन मिलता है? यह तो एक अच्छा सवाल है। 😏
 
आजकल सब मालूम है कि दलाई लामा को कोई रिश्ता नहीं है ... लेकिन हमें लगता है कि सच्चाई कहाँ है? 🤔
 
🤔 Dalai Lama ke office mein kuch galat hai, toh kya nahi? 🚮

Kya aapko lagta hai ki dalai lama ke office ne apne liye ek alag policy bana di hai? 📊

Mujhe yeh sochna pasand hai ki yahaan koi truth nahi hoti, toh sirf statistics aur charts bante hain. 📈

Jab main dalai lama ke office ki website par jaata hoon, toh mujhe lagta hai ki unke paas 100+ people hote hain jo usse connected hote hain. 📝

Lekin, agar yeh sab true nahi hai, toh kya dalai lama ko apne liye ek alag policy banane ka koi karan hota hai? 🤔

Mujhe lagta hai ki yahaan kuch kanoon aur policies hai jo dalai lama ke office ko apply karke unki galtiyon ko cover kar rahe hain. 🚫

Toh, main yeh sochta hoon ki yahaan kuch more research aur investigation ki zarurat hai. 🔍
 
दलाई लामा की गोपनीयता की बात तो हरकत है 🤔, लेकिन यह तो एक विशेषज्ञ को पता होगा कि कैसे दस्तावेज़ बनाए जाते हैं... और क्यों? मुझे लगता है कि एपस्टीन ने शायद अपनी खुद की खोज की थी, लेकिन ऐसा तो सार्वजनिक कार्यक्रमों या अकादमिक पहलों से जुड़े हुए लोगों ने भी इसकी मदद की होगी। और सबसे बड़ी बात, यह तो एक पूरी राजनीति का हिस्सा है...
 
अरे भाई, यह बात तो बहुत ज्यादा है इस मामले पर चर्चा करने की। दलाई लामा से जुड़े दस्तावेज़ बनाने की बात को समझने की कोशिश करो, कोई गलत या अवैध गतिविधि नहीं दिख रही है। एपस्टिन से कोई रिश्ता नहीं होने पर भी यह सवाल उठाया जाना चाहिए कि दस्तावेज़ कैसे बनाए गए, और यह तो कुछ लोगों ने समझदारी से बताया है कि उन्हें इस बात पर रुचि नहीं है।

क्या हमें यह जरूर जानने की जरूरत है कि दलाई लामा से जुड़े दस्तावेज़ कैसे बनाए गए, और इसके पीछे क्या मotive थे, या कि हम बस विवाद में फंस जाएं? मुझे लगता है कि इस मामले पर अधिक सोच-विचार करें, और सही स्थिति पर निर्णय लें।
 
मुझे ऐसी बातों पर ध्यान देना अच्छा है जिनमें सच्चाई और विश्वास शामिल हो 🤝। यह बात बहुत महत्वपूर्ण है कि हम सब सुनिश्चित करें कि कोई भी दस्तावेज़ या जानकारी ऐसे प्रकार में तैयार की गई हो जिसमें किसी की छवि या व्यक्तिगत जिंदगी को नुकसान न पहुँचे।

क्या हमें यह कभी भी अपने साथ ले जाना चाहिए? नहीं, मुझे लगता है कि हमें अपनी स्वतंत्रता और सम्मान को बनाए रखना चाहिए।
 
मुझे लगता है कि यह सब बहुत ही अजीब है। दलाई लामा कार्यालय को यह बताना कि एपस्टीन से कोई रिश्ता नहीं है, तो थोड़ा आश्चर्यजनक है। और जब उन्होंने कहा कि उन्हें कभी भी व्यक्तिगत संबंध या वित्तीय लेन-देन में शामिल नहीं हुआ है, तो यह जैसे कि सब कुछ ठीक से स्पष्ट हो गया है। लेकिन मुझे लगता है कि इसके पीछे कुछ और हो सकता है। जैसा कि लोग कह रहे हैं कि एपस्टीन ने इन दस्तावेज़ों को कैसे बनाए, तो यह बहुत ही दिलचस्प है। मुझे लगता है कि हमें और अधिक जानकारी की जरूरत है इसके बारे में।
 
मुझे यह बात बहुत अजीब लगी कि दलाई लामा कार्यालय ने इतना बयान दिया। पहले तो उन्होंने कहा कि एपस्टीन से कोई रिश्ता नहीं है, फिर भी इतने सवाल उठाने का दौर चल रहा है। मुझे लगता है कि सच्चाई क्या है? क्या यह सब तो कुछ और है? 🤔

मेरी धारणा है कि एपस्टिन ने दलाई लामा से जुड़े दस्तावेज़ बनाने के लिए बहुत शोध किया होगा। उन्हें अपने पूर्वाग्रहों और व्यक्तिगत रुचियों को रखना पड़ा होगा, ताकि वह ऐसे दस्तावेज़ बनाएं जो दलाई लामा की दृष्टिकोण से सही माने जाएंगे।

लेकिन यह सवाल उठना भी जरूरी है कि क्या ये दस्तावेज़ वास्तव में दलाई लामा की राय को दर्शाते हैं? या फिर क्या वे कुछ और हैं जो Epstein के पीछे थे? 🤷‍♂️

अगर हम सच्चाई की तलाश में रहते हैं, तो हमें अपने मन में यह सवाल उठाना चाहिए: क्या हम कभी भी सच्चाई से परिचित नहीं होते?
 
आपको पता होगा कि दलाई लामा कार्यालय की जानकारी बहुत ही सटीक रूप से रखी जाती है 📄। जैसे ही यह खबर आई कि एपस्टिन के बीच कोई रिश्ता नहीं है, तो मेरा विचार आया कि यह बयान साफ़ और स्पष्ट है। लेकिन फिर भी, जैसे-जैसे पत्रकारों ने सवाल उठाए, दलाई लामा कार्यालय ने बड़ा बयान दिया। मुझे लगता है कि इस तरह की चीजें बहुत आसान नहीं होती हैं 🤔। कुछ सूत्रों से जानकारी इकट्ठा करके इस्तेमाल करना एक अच्छा तरीका हो सकता है।
 
अरे वाह! यह तो बहुत बड़ा मुद्दा है। मुझे लगता है कि दलाई लामा कार्यालय ने अच्छी तरह से बात कही है, लेकिन अभी भी बहुत सारे सवाल हैं। क्या एपस्टीन ने ऐसा इसलिए किया था कि वह तिब्बत को देख रहा था या फिर कोई और गड़बड़ी है? मुझे लगता है कि हमें इसके पीछे की सच्चाई जाननी चाहिए, लेकिन यह भी सच है कि दलाई लामा कार्यालय ने अच्छा प्रदर्शन किया है। 🤔
 
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