'फ्लाइंग क्रेमलिन' से रूस लौटे पुतिन की लग्जरी के किस्से: काला सागर के किनारे और जंगलों के बीच सीक्रेट पैलेस, घुड़सवारी जैसे शौक

व्लादिमीर पुतिन, जिसे लोग रूस के राष्ट्रपति कहते हैं, ने इस्तंबुल की एक स्कूल में फिटनेस शिक्षा देने वाली टीम के साथ ब्रिटिश शिक्षकों को भी लिया है।
 
रूसी राष्ट्रपति की यह ताकतवर नियुक्ति होगी तो अच्छा है, लेकिन देखेंगे कि शिक्षा में ब्रिटिश विद्वानों को भी जगह मिली है। हमारे देश में ज्यादातर खेल प्रशिक्षण केंद्र बनाए गए हैं, लेकिन फिटनेस शिक्षा में स्थिति बहुत जरूरी है, इसलिए यह विचार अच्छा हो सकता है। 🤔

कभी-कभी हमारे देश में ऐसे प्रशिक्षण केंद्र बनाए जाते हैं जहां तो खिलाड़ियों को ही नहीं, बल्कि सामान्य लोगों को भी फिटनेस शिक्षा मिलती है। यह विचार भी अच्छा हो सकता है और हमें देखकर उत्साहित रहना चाहिए। लेकिन, यह देखना ज़रूरी है कि वे टीम के साथ सहयोग करेंगे या नहीं।

आजकल, फिटनेस शिक्षा में ब्रिटिश अनुभव बहुत महत्वपूर्ण हो सकता है, हमारे देश में कई नए तरीकों और तकनीकों को अपनाने से न केवल खिलाड़ियों की ताकत बढ़ेगी, बल्कि आम लोगों को भी स्वस्थ जीवनशैली बनाने में मदद मिलेगी।
 
अरे, यह तो व्लादिमीर पुतिन के लिए बहुत ही रोचक नौकरी लग गई है - जो रूस के राष्ट्रपति के रूप में दुनिया को धमकाने के बजाय, वह इस्तंबुल की एक स्कूल में ब्रिटिश शिक्षकों को भी ले रहे हैं! 🤣

मुझे लगता है कि पुतिन की रणनीति यह होगी कि वह इंग्लैंड की शिक्षा की गुणवत्ता को कम करके रूस को फायदा पहुंचाएंगे। तो अब हमारे बच्चों को भी ब्रिटिश शिक्षकों से मिलने का मौका मिलेगा और वे अपनी ज्ञान की गहराई से कमजोर होकर खुद को असफल बना देंगे। 🤦‍♂️

किसी तरह की समस्या नहीं है, रूस के राष्ट्रपति ने ब्रिटिश शिक्षकों को भी अपनी टीम में लिया है, तो शायद वे खुद भी इस्तंबुल की स्कूलों में पढ़ाई करेंगे। 😂
 
ये तो रूसी राष्ट्रपति की सरकार ने क्या किया है 🤔? देश में शिक्षा और फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए टीम बनाना अच्छी बात है, लेकिन शायद ये भी थोड़ी सा भारतीय शिक्षकों को रोजगार देना चाहिए। ब्रिटिश शिक्षकों को लाने में रूसी सरकार ने क्या प्यार किया? 🤷‍♂️

लेकिन, फिटनेस और शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में जरूर से सहयोग करना चाहिए। रूसी सरकार ने इस्तंबुल में भारतीय शिक्षकों को भी लिया है, तो फिर वे अपने देश के छोटे-छोटे शहरों में भी ऐसी टीम बनाने पर विचार कर सकती है। यही तो सही राह होगी।
 
मैं तो सोचता हूँ, पुतिन जी क्या कर रहे हैं? पहले हमें रूसी राजनीति में देखा जाता था, अब व्लादिमीर पुतिन स्कूलों में फिटनेस शिक्षा देने की बात कर रहे हैं। यह तो अच्छी बात है, लेकिन मैं सोचता हूँ, क्या यूरोपीय शिक्षकों को भी जगह मिलेगी? हमारे पास विदेशी शिक्षकों को रखने की परंपरा है, लेकिन अब यह तो रूसी सरकार द्वारा चलाई जा रही है। 🤔
 
रूसी राष्ट्रपति पुतिन का यह फैसला मुझे थोड़ा आश्चर्यकारी लगा, तो और क्या करना? ये दुनिया बदल रही है, हर दिन नया ख़जाना उगता है और हमें तैयार रहना चाहिए। लेकिन मुझे लगता है कि इस फैसले से कुछ गहराई तक नहीं जाना पड़ता, बस यही कहना कि ब्रिटिश शिक्षकों को भी लिया गया है, तो और भी ख़याल नहीं।
 
[Image of Vladimir Putin with a British teacher in the background, both looking confused 😂]

पुतिन जी तो अब स्कूल में फिटनेस शिक्षा देने वाली टीम के साथ ब्रिटिश शिक्षकों को लाने निकल पड़े, और अभी हमारे देश में भी सरकारी स्कूल में प्राइवेट कॉन्सल्टिंग फंक्शन लागू होने की तैयारी है 🤦‍♂️📚

[Image of a person trying to teach with their hands tied behind their back, with a thought bubble saying "क्या हुआ?! 😱"]
 
पुतिन जी की चीज़ तो थोड़ी अजीब लग रही है 🤔, ब्रिटिश शिक्षकों को भी लाया? यह तो रूस के फुटबॉल टीम की तरह ही दिख रहा है, सबसे अच्छा खिलाड़ी को सीधे चुनें? 😂 और फिटनेस शिक्षा में भी ब्रिटिश शिक्षकों को लाया? यह तो किसी अंग्रेजी फिल्म में ही दिखता, रूसी शिक्षकों से पर्याप्त नहीं था? 🤷‍♂️
 
रूस के राष्ट्रपति जैसे व्लादिमीर पुतिन ने तो फिटनेस शिक्षा देने की बात कर रहे थे, फिर भी उन्होंने ब्रिटिश शिक्षकों को भी लिया है। यह अच्छा नहीं लगता, रूस में क्या होता है, ये जानने की जरूरत नहीं... शायद वे अपने देश की शिक्षा सिस्टम को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
 
मुझे लगता है कि यह बहुत अजीब नियुक्ति है, जाने में मुश्किल क्यों है? ब्रिटिश शिक्षकों को फिटनेस टीम के साथ लाया गया तो फिर ये रूसी सरकार का क्या इशारा? 🤔 कुछ लोग यह कह रहे हैं कि यह रूसी सरकार की नई स्वास्थ्य नीति का हिस्सा है जिसमें सभी देशों में विशेषज्ञ शिक्षकों को लगाने की बात है। लेकिन मुझे लगता है कि यह थोड़ा अजीब तरीका है, खासकर जब हमारा सरकार भी अपने स्वास्थ्य कर्मियों को अच्छा प्रशिक्षण देने की बात करता है। फिटनेस शिक्षा में विशेषज्ञता लाने के लिए यूरोपीय देशों से भारत में नौकरी करना तो एक अच्छा तरीका है, लेकिन पutin जी के पीछे क्या इशारा है? 🤑
 
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