फूट-फूटकर रोने लगे गांव वाले…पाकिस्तान की जेल से ताबूत में लौटा मछुआरा, कैद में अब भी चार

चिखली गांव के सरपंच नरेशभाई कामलिया ने बताया, "यह एक बहुत बड़ा संकट है और हमारे गांव को इसके प्रभाव से नहीं निकलने देंगे। भगाभाई की मृत्यु के बाद, जो हमारे समुद्र तट पर काम कर रहे थे, अब भी चार अन्य मछुआरे पाकिस्तान की जेलों में हैं।

इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने हमारे गांव को कई अन्य दर्दनाक घावों से भी पीढ़ाया लगाया है, जो कई महीनों से चल रहे थे। जब भगाभाई अकेले नहीं थे, बल्कि गांव के अन्य चार मछुआरे भी अब भी वहां कैद हैं। हमें पता नहीं है कि वे जेल में कहाँ हैं और उनके स्वास्थ्य कैसा है।

हाल ही में, एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें भगाभाई गंभीर रूप से बीमार हालत में अस्पताल में भर्ती दिखाये गये। उनका शव ही चिखली गांव लौट आया। अभी तक हमें पता नहीं है कि अन्य चार मछुआरे जेल में कहाँ और उनके स्वास्थ्य कैसा है।
 
अरे, ये तो बहुत बुरा हो गया है... पाकिस्तान की जेलों में हमारे दोस्त भगाभाई और अन्य चार मछुआरे फंस गए। उनके घर वापस आने से पहले उनका शव ही आया तो यह कैसा स्वागत है? और अब अभी तक हमें पता नहीं है कि अन्य चारों की स्थिति कैसी है। यह बहुत बुरा हुआ कुछ होना चाहिए, सरकार या कोई ऐसा करने वाला नाम दिखाना चाहिए।
 
मुझे यह बात बहुत दुखद लगी है कि भगाभाई की मृत्यु के बाद, उनके गांव को और अन्य चार मछुआरों को भी पाकिस्तान की जेलों में रहना पड़ रहा है। 🤕

मुझे लगता है कि हमें अपने सामाजिक कौशलों को बेहतर बनाने की जरूरत है, ताकि हम एक-दूसरे की मदद कर सकें और किसी भी तरह की समस्या में नहीं पड़ें।

मुझे लगता है कि सरकार की पहलें और भी बेहतर होनी चाहिए, जिससे ये स्थिति अच्छी न हो और ये लोग जल्दी से घर वापस आ सकें।

मुझे लगा कि अगर हम एक-दूसरे के प्रति सहानुभूति दिखाएं और मदद करें, तो यह समस्या हल हो सकती है।
 
🌊 पाकिस्तान ने फिर एक बार भारतीयों को अपनी राजनीति में लपेट दिया है, चार मछुआरों की जेल में रहने की वजह से चिखली गांव पर इतना दुखद प्रभाव पड़ा है।
 
बड़ा आंसू बहुत आ गया है इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना से। भगाभाई जी की मृत्यु एक बड़ी भारी लक्ष्मी है, हमें इसके लिए बहुत निराशा महसूस हो रही है। चार अन्य मछुआरे अभी भी जेल में फंसे हुए हैं, यह तो बहुत दुखद है कि उनका फैसला अभी तक नहीं आ पाया है, हमें सिर्फ अनुमान लगाना पड़ रहा है।

अब चार अन्य बादशाह जेल में भी फंस गए हैं, ये तो बहुत दुखद है कि इन्हें अभी भी जेल में रहना पड़ेगा, यह हमारे गांव के लिए एक बड़ा नुकसान है।
 
मुझे लगता है कि यह बहुत बड़ा मुद्दा है .. पाकिस्तानी जेलों में हमारे अपने देशवासियों को कैद रखना और उन्हें मानवीय सहायता नहीं करना.. भगाभाई की मृत्यु से पहले वह समुद्र तट पर काम करते थे, अब भी चार अन्य मछुआरे वहां न होने देना स्वास्थ्य विभाग और सरकार की जिम्मेदारी है ..
 
मैंने पढ़ा है कि चिखली गांव के लोग बहुत दर्द से भर गए हैं। यह एक बुरी तरह से पता लगाने वाली घटना है। मुझे लगता है कि हमारे समाज में जेलों में बैठने वाले लोगों को भी अपने परिवार और देश के प्रति एक सच्चा संदेह होना चाहिए। उनके बचपन के दोस्त अब भी उन्हें नहीं मिल पा रहे हैं... यह बहुत दर्दनाक है। मुझे लगता है कि हमें अपने समाज में एक नई दिशा बनाने की जरूरत है, जहां लोगों को स्वतंत्रता और न्याय की बात की जाए।
 
क्या तो यह बात चिंताजनक है! चार अन्य मछुआरे भी पाकिस्तान की जेलों में हैं? उनकी तरह भगाभाई की सीटी सुनकर इतनी दुखी हुई। क्या हमारा सरकार नहीं देख रही है? और अब भगाभाई का शव चिखली गांव लौट आया, तो यह कैसे हो सकता है? हमें पता नहीं है कि उनके परिवार को क्या हुआ है। 🤔👀
 
भाई, यह तो बहुत दुःखनाक है कि भगाभाई जी की मृत्यु के बाद भी अन्य चार मछुआरे अभी भी पाकिस्तान की जेलों में हैं। हमें लगता है कि सरकार से हमें इस मामले में अधिक स्पष्टता और सहायता मांगनी चाहिए।

पहले भगाभाई जी को भी गंभीर रूप से बीमार हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन उनका शव फिर से अपने गांव लौट आया। यह तो बहुत दुःखनाक है कि हमें पता नहीं है कि अन्य चार मछुआरे जेल में कहाँ और उनके स्वास्थ्य कैसा है।
 
बहुत दुखद दृश्य यहां प्रस्तुत हो रहा है, जहां नौवीरों की बेगानी तो खत्म हुई, लेकिन दर्द बना रहने लगा है... चार मछुआरे अभी भी जेलों में फंसे हुए हैं और हमें पता नहीं है कि उनके स्वास्थ्य कैसा है। यह एक बहुत बड़ा मुद्दा है और हमें इस पर कोई ध्यान देना चाहिए। हमें अपने समाज की यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना को समझने की कोशिश करनी चाहिए और इसके पीछे कारणों को खोजना चाहिए... 🤕
 
मेरे दोस्त, यह बात बहुत दुखद है जो हमें सुनाई दे रही है। चिखली गांव के लोगों ने जो खोना है, वह बहुत बड़ा है। भगाभाई की मृत्यु एक दर्दनाक घटना थी, और अब अन्य चार मछुआरे भी जेलों में हैं। यह सोचकर मुझे बहुत गुस्सा होता है कि उन्हें इतनी बड़ी बातों के लिए जेल में रखा गया है।

मैं सोचता हूं कि हमारे देश में ऐसी कई समस्याएं हैं, जिनसे हमें निपटना पड़ता है। लेकिन इतनी बड़ी बातों के लिए जेल में रखने से तो नहीं समझना चाहिए। यह किसी भी तरह का मानवीय सम्मान नहीं है।

हमें अपने देश के लोगों के साथ सहानुभूति रखनी चाहिए और उनकी मदद करनी चाहिए, खासकर ऐसे लोगों को जब वे जरूरतमंद होते हैं।
 
भाई, यह तो बहुत दुखद बात है। लोगों को पता ही नहीं है कि भारतीय नागरिक पाकिस्तान जेल में कितने समय तक रह सकते हैं? यह सोचो कि हमारा एक मछुआरा भगाभाई अस्पताल में बीमार था, फिर तो उसकी मृत्यु तो समझने लायक नहीं थी। और अब भी चार अन्य मछुआरे वहां हैं? यह तो किसी से भी नहीं सुनना चाहिए। पाकिस्तान जेलों में भारतीयों को इतना समय तक रखना कैसे संभव है?
 
मैंने देखा है यह बात, पर मुझे लगता है कि यह सच नहीं हो सकता, तो फिर भी ऐसा हुआ तो? चार मछुआरे जेल में इतने समय से फंस गए हैं, तो समझने को कुछ नहीं है। लेकिन अगर सरकार ने उनकी मदद करने में विफल रही, तो हमारी बात कर सकते हैं?
 
ਮानो तो ये बातें सच हैं... पाकिस्तानी जेलों में हमारे देश के लोगों को रखा जा रहा है? यह तो एक बड़ा संकट है, ਜਿਸ पर ਕੋਈ और ध्यान नहीं देता। भगाभाई की मृत्यु के बाद, चार अन्य मछुआरे भी जेलों में हैं... यह तो हमारे गांव के लिए एक बड़ा दर्दनाक घाव है। ਇਸ ਦੁਰ्भाग्यपूर्ण घटना ने हमारे गांव को और भी कई अन्य दर्दनाक घावों से भी पीढ़ाया लगाया है, जो कई महीनों से चल रहे थे।

मुझे लगता है कि यह तो एक बड़ी चुनौती है, जिस पर हमें निपटना होगा। हमें अपने देश के लिए और अपने गांव के लिए खड़े होने की जरूरत है। हमें पता चलना चाहिए कि अन्य चार मछुआरे कहाँ हैं और उनके स्वास्थ्य कैसा है। शायद हमें उनके परिवारों को मदद करनी चाहिए। यह तो एक बड़ा प्रयास होगा, लेकिन हमें इसके लिए तैयार रहना चाहिए।

कुछ साल पहले, मैंने भी इसी बात को कहा था। क्या कोई सुनने के तैयार था? अब यह तो एक सच्ची समस्या है। हमें इसके बारे में जागरूकता फैलानी चाहिए।
 
ये तो बहुत दुखद है! पाकिस्तान की जेलों में इतने भारतीय मछुआरे बंदी होना कैसे संभव है? हमारे देश में ऐसा कभी नहीं होता, यह एक बड़ा सवाल है। और भगाभाई की मौत को लेकर, यह तो पूरी तरह से गैरजिम्मेदारी है... उनकी परिवार को कम से कम आर्थिक मदद मिलनी चाहिए। और जेलों में बंद अन्य चार मछुआरों का ख्याल रखना भारत सरकार की जिम्मेदारी है, हमें उम्मीद है कि वे जल्द से जल्द मुक्त कर देंगे।
 
नई दुनिया कैसे बन रही है... 🤔 भगाभाई की गंभीर बीमारी और उसकी मृत्यु के बाद जो भयानक अनुभव हुआ, वह सिर्फ एक वीडियो था, लेकिन इसका असर बहुत बड़ा है। चार अन्य मछुएरे अभी भी पाकिस्तान की जेलों में फंसे हैं और हमें नहीं पता कि उनका स्वास्थ्य कैसा है... 🚨 यह एक बहुत बड़ा सवाल है कि क्या हमारी सरकार उनके लिए सही काम कर रही है? और फिर भी, चिखली गांव में जेलों से आए अन्य मछुएरे अभी भी कई महीनों से चल रहे दर्दनाक घावों से पीड़ित हैं... 🤕
 
मुझे भी यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना बहुत दुखद लगी, बाकी चार मछुआरों को जानबूझकर नहीं छोड़ा, तो फिर भगाभाई को जेल में छोड़कर साथ लेने की क्या वजह थी? 🤔

मुझे लगता है कि अगर सरकार और पुलिस ने जल्दी से इन चारों को बचाया होता, तो भगाभाई की मृत्यु जैसा दुर्भाग्य नहीं हुआ होता। आज भी हमें उनके परिवार की बातचीत करनी पड़ती, जिन्हें पता नहीं है कि उनके प्रियों को कहाँ रखा गया है। 😔

मैं समझता हूँ कि हर एक मामले में अलग-अलग कारण होते हैं, लेकिन ऐसी घटनाओं से हमें सीखने को तो कुछ नहीं मिलता, बस दर्द और दुख ही लगता है। 🤕
 
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