PM मोदी के घर NDA सांसदों का डिनर: खुबानी मलाई कोफ्ता, गोंगूरा पनीर का लुफ्त उठाया; अनुराग ठाकुर बोले-अगला डिनर बंगाल जीत के बाद

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आवास पर गुरुवार शाम 6:30 बजे से एनडीए सांसदों के लिए विशेष डिनर आयोजित हुआ। सभी सांसद 20-25 के ग्रुप में अलग-अलग बसों से उनके आवास पहुंचे।

करीब दो घंटे चला इस डिनर में कई तरह की डिशेस परोसी गईं, जिसमें खुबानी मलाई कोफ्ता, गोंगूरा पनीर का लुफ्त, और अन्य विकल्प शामिल थे। भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा है कि अगला डिनर बंगाल जीत के बाद होगा।

पीएम मोदी ने एनडीए और भाजपा सांसदों के साथ डिनर किया। उन्होंने इस डिनर को एक महत्वपूर्ण मौका बताया, जहाँ उन्होंने अपने विचार व्यक्त किए।

इस डिनर में गृहमंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह, जे पी नड्डा, और नितिन गडकरी आदि भी अलग-अलग टेबलों पर रहे।

इस डिनर का मुख्य उद्देश्य एनडीए सांसदों को एकजुट करना था। इस मौके पर उन्होंने अपने विचार और रणनीतियों को साझा किया।

भाजपा ने बताया है कि ऐसी व्यवस्था की गई थी, जिससे लोक कल्याण मार्ग पर जाम न लगे। राज्यवार ग्रुपिंग से समन्वय आसान हुआ।

इस डिनर में सभी टेबल्स पर केंद्रीय मंत्री मौजूद रहे, जो एनडीए और भाजपा की एकजुटता को मजबूत करने के लिए आयोजित किया गया था।
 
मुझे लगता है कि पीएम मोदी ने आज सांसदों को डिनर देकर कहीं और खाना नहीं बनाया, यार! 🤣 गोंगूरा पनीर का लुफ्त, मलाई कोफ्ता, यह सब तो वास्तव में मजेदार लगता है... लेकिन मैं सोचता हूं कि अगर बंगाल जीत जाता है, तो फिर पीएम मोदी ने दूसरा डिनर भी लगाया होगा, और दूसरा भी! 😂
 
अरे यार, तो पीएम मोदी ने एनडीए सांसदों के लिए विशेष डिनर आयोजित किया, और यह क्या था? 🤔 सभी सांसद एक-एक करके अलग-अलग बसों से उनके आवास पहुंचे, जैसे कि फिल्म में होता है! 😂

और तो और, पीएम ने कहा है कि अगला डिनर बंगाल जीत के बाद होगा, लेकिन मुझे लगता है कि यह तो भाजपा सांसदों के लिए एक अच्छी चुनौती होगी! 🤝

पीएम ने कहा है कि इस डिनर को महत्वपूर्ण मौका बताया, और उन्होंने अपने विचार व्यक्त किए, जैसे कि दिल्ली शेल्टर्स की बातें! 🏠

लेकिन ये तो एक सवाल है, कि एनडीए सांसदों ने पीएम के विचार सुन लिए? और यह तो उनके लिए एक अच्छा मौका होगा, जैसे कि फिल्म में होती है! 🎬
 
😊 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आवास पर बीते डिनर की चर्चा कर रहे हैं... मुझे लगता है कि यह एक अच्छा संदेश है कि एनडीए और भाजपा सांसदों को एकजुट करने के लिए पीएम मोदी ने ऐसी व्यवस्था की।

मुझे लगता है कि अगर बंगाल जीतने की बात सच है, तो फिर पार्टी को खुश रखने के लिए बहुत सावधानी बरतनी पड़ेगी। मैं सोचता हूँ कि अगले डिनर पर भी ऐसी ही सावधानी बरतनी चाहिए।

लेकिन यह सवाल उठता है कि पार्टी को क्या बाकी जानता है? क्या उन्हें पता है कि एनडीए और भाजपा सांसदों में इतनी गहरी मतभेद कैसे कम हो सकते हैं?

मुझे लगता है कि इन सवालों का जवाब देना ज्यादा आसान नहीं है। लेकिन मैं यह कह सकता हूँ कि पीएम मोदी ने बीते डिनर में बहुत अच्छे विचार साझा किए।

अब चुनावों का समय आ गया है, और हर कोई अपने दृष्टिकोण से लड़ने लगेगा। लेकिन मुझे लगता है कि यह डिनर एक अच्छी शुरुआत थी।
 
मैंने देखा है कि इस डिनर में विभिन्न सांसदों ने अपने पसंदीदा व्यंजन चुने हैं और पीएम मोदी ने भी खाना खाया है। यह अच्छा लगता है कि सभी सांसद एकजुट होकर डिनर में बैठकर बात कर रहे हैं। कुछ लोग कह रहे हैं कि अगला डिनर बंगाल जीत के बाद होगा, लेकिन मुझे लगता है कि यह एक अच्छा तरीका हो सकता है एनडीए और भाजपा सांसदों को एकजुट करने का।
 
नहीं तो यह डिनर कैसे चलेगा, यह देखना मुश्किल है कि आगे क्या होता है। यार, पीएम मोदी ने अपने विचार व्यक्त किए लेकिन अगर बंगाल जीत नहीं तो और भी बड़ा मच्छर उड़ सकता है। एनडीए सांसदों को एकजुट करने के लिए डिनर आयोजित किया गया, लेकिन यह सवाल उठता है कि अगर नीतीश कुमार वापस आते हैं तो क्या इस तरह की ठिकाने पर कैसे चलेगा। और फिर, राजनाथ सिंह जी के दिमाग में ये सब कैसे आया, यह तो सोचा नहीं जा सकता।
 
मुझे लगता है कि यह डिनर वास्तव में एक बहुत बड़ा खेल है, लेकिन क्या हमारे देश की राजनीति में इतनी ध्यान और पैसा लगाया जाता है? 🤔

मैंने सुना है कि अगला डिनर बंगाल जीत के बाद होगा, लेकिन क्या यह हमारे देश के विकास के लिए उपयुक्त है? नहीं, मुझे लगता है कि कुछ गलत है, ना? 🤷‍♂️

पीएम मोदी ने कहा है कि इस डिनर को एक महत्वपूर्ण मौका बताया, लेकिन मैं सोचता हूँ कि यह वास्तव में एक बहुत बड़ा व्यय है, जो हमारे देश के अन्य जरूरतों की तुलना में कम महत्वपूर्ण है। 💸

मुझे लगता है कि भाजपा ने अच्छी बात कही है, लेकिन क्या राज्यवार ग्रुपिंग वास्तव में एक समाधान है? नहीं, मैं सोचता हूँ कि यह हमारे देश की जटिलताओं को बहुत आसान बना देता है। 🤯
 
मुझे लगता है कि इस तरह के विशेष डिनरों में नेताओं को बहुत बड़ा स्वादिष्ट भोजन दिया जाता है, लेकिन क्या उनकी बाली को भी खाना पड़ता? 😊

और क्या यह डिनर वास्तव में एनडीए सांसदों को एकजुट करने के लिए आयोजित किया गया था, या फिर बस नेताओं को एक साथ बैठने का मौका देने के लिए? 🤔

मुझे लगता है कि इस तरह की व्यवस्थाएं बहुत महंगी भी होती हैं, और उनके बजट से सरकार को खर्च करना पड़ता है। क्या यह पैसा अच्छे तरीके से उपयोग नहीं किया जा सकता था? 💸
 
आज दिल्ली में पीएम के घर पर डिनर हुआ, तो अच्छा क्या किया? एनडीए सांसदों ने 2 घंटे तक भोजन किया, लेकिन क्या उनके विचार सुने गए? कुछ भी नहीं, मानो सब डिनर के बाद ही उठ कर चले गए। और फिर पीएम ने कहा कि अगला डिनर बंगाल जीतने के बाद होगा, तो यह तो सच में एक दिलचस्प मौका है... लेकिन क्या सच में ऐसा होने की संभावना? 🤔
 
"अपने आदर्शों के लिए लड़ने का मतलब है अपने सपनों को पूरा करने की तैयारी करना" 🌟

मुझे लगता है कि इस डिनर में बातचीत बहुत अच्छी रहेगी, क्योंकि सभी लोग एकजुट होकर अपने विचार साझा करेंगे। पीएम मोदी ने भी कहा था कि अगला डिनर बंगाल जीत के बाद होगा, तो उम्मीद है कि इस मौके पर सभी सांसद अपने विचारों और रणनीतियों को साझा करेंगे।
 
बस वाह, पीएम मोदी को ऐसा डिनर आयोजित करना कितना सार्थक होगा... 🍴 तो एनडीए सांसदों के साथ रणनीति बनाने और एकजुट होने पर क्या विचार होंगे। मैंने देखा है कि एनडीए नेताओं की मुलाकात हमेशा खूब रुचिकर लगती है। 🤔
 
बात सुनकर लगने लगा है कि सरकार कुछ अच्छी चीजें कर रही है, परंतु पूरा देश कौन जानता है? मुझे लगता है कि अगर गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर बात करते हैं तो उनकी बात मान लेना आसान होता है।
 
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आवास पर विशेष डिनर आयोजित हुआ, जिसमें एनडीए सांसदों ने भाग लिया। डिनर में खाना खाने के अलावा, सबने एक-एक करके अपने विचार और रणनीतियाँ बात करने का मौका मिला।

क्या यह एक अच्छी पहल है या नहीं, इसके बारे में तो मुझे लगता है कि यह बहुत अच्छी है। प्रधानमंत्री जी ने अपने विचार साझा किए, और एनडीए सांसदों ने भी अपने विचार बताए। यह एकजुटता को मजबूत करने का एक अच्छा तरीका है।

कुछ लोग कहेंगे कि इस तरह की बैठकें अक्सर जल्दी ही व्यर्थ चल जाती हैं, लेकिन मुझे लगता है कि यह एक अच्छी शुरुआत है। न केवल प्रधानमंत्री जी ने, बल्कि सभी केंद्रीय मंत्रियों और एनडीए सांसदों ने भी अपने विचार बाताएं।
 
मुझे लगता है कि यह डिनर न केवल सांसदों के लिए, बल्कि देश के भविष्य के लिए भी महत्वपूर्ण है। पीएम मोदी ने अपने विचार व्यक्त किए और एनडीए और भाजपा सांसदों को एकजुट करने का प्रयास किया। लेकिन, मुझे लगता है कि यह डिनर थोड़ा औपचारिक लग रहा है। सभी सांसद अलग-अलग बसों से आवास पहुंचे, इससे पहले कि वे खाना खाएं... तो यह और भी औपचारिक दिखने लगता है!
 
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