PM Modi in Malaysia: दिखी’मिनी इंडिया’ की झलक, INA के बुजुर्ग सिपाही से मिले मोदी, कही ये बड़ी बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मलेशियाई राष्ट्रपति अनवर इब्राहीम से मुलाकात करते समय अपनी सरकार की विकास योजनाओं पर चर्चा करने की घोषणा की। इस बैठक में दोनों नेताओं ने भारत और मलेशिया के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर विचार किया।

इस बैठक के दौरान, पीएम मोदी ने कहा, "भारत और मलेशिया समुद्री पड़ोसी हैं और हमारी दोस्ती पुरानी है। हमें एक साथ मिलकर अपने सामर्थ्य को बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए।"

इस बैठक में, दोनों नेताओं ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर और डिफेंस टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा की। पीएम मोदी ने कहा, "हमें इन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विचार करना चाहिए ताकि हम अपने देशों को और अधिक सशक्त बना सकें।"

इस बैठक के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहीम से विचार-विमर्श किया। इस बैठक में, दोनों नेताओं ने अपने देशों की विकास योजनाओं पर चर्चा की।
 
मैंने हाल ही में मलेशिया जाने की सोच रहा था, लेकिन फिर सोच कर छोड़ दिया। अब यह सोचता हूँ, अगर मैं मलेशिया जाऊँ तो वहाँ का खाना कैसा होगा? 🤔 मेरे दोस्त ने बताया कि वहाँ का नasi lemak बहुत अच्छा होता है। मैंने पूछा कि क्या वहाँ के रेस्तरां में भारतीय व्यंजन होते? 🤷‍♂️

लेकिन यह बातें पहले, मैंने सोचा था कि भारत और मलेशिया की सरकारें एक दूसरे से कैसे मिलेंगी। यह तो बड़ी बात होगी, लेकिन अच्छी बात भी है कि दोनों नेताओं ने आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर विचार किया। हमें हिंदुस्तान का बहुत ही अच्छा डिस्काउंट स्टोर ढूंढने जैसी चीजों में रुचि रखनी चाहिए।
 
भारत और मलेशिया के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने का फैसला तो बहुत अच्छा है 🤝, लेकिन जानना दिलचस्प है कि ये सहयोग कैसे बढ़ेगा। मलेशिया में विदेशी निवेश की दरें भारत की तुलना में कम हैं 👀। अगर हम मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहीम से सहयोग बढ़ाने पर विचार करने के लिए तैयार हैं, तो शायद हमें अपने विकास योजनाओं में बदलाव लाना होगा। 📈

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर और डिफेंस टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर बात करने से हमारे देश के लिए बहुत फायदा हो सकता है 🚀। मलेशियाई अर्थव्यवस्था की ग्रोथ रेट 5.13% है, जबकि भारत की ग्रोथ रेट 7.2% है 📊। अगर हमारे देशों में सहयोग बढ़ाएं, तो शायद हम अपने अर्थव्यवस्थाओं को और अधिक सशक्त बना सकें। 💪

भारत की विदेशी मुद्रा भंडार 450 बिलियन डॉलर है, जबकि मलेशिया की विदेशी मुद्रा भंडार 240 बिलियन डॉलर है 📈। अगर हम अपने देशों की आर्थिक सहयोग बढ़ाएं, तो शायद हम अपने विदेशी मुद्रा भंडार को और अधिक बढ़ा सकें। 💸
 
मुझे लगता है कि भारत और मलेशिया के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने से हमारे देशों में नौकरी के अवसर और व्यापार बढ़ सकते हैं 🚀। पीएम मोदी जी की सरकार की विकास योजनाओं पर चर्चा करने की घोषणा अच्छी है ताकि हम अपने देशों को और अधिक सशक्त बना सकें। मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहीम जी ने भी अपने देश के साथ मिलकर आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर विचार किया। यह एक अच्छा निर्णय हो सकता है ताकि हमारे दोनों देशों को फायदा हो।
 
आज मलेशिया के राष्ट्रपति से बैठकर पीएम मोदी ने कई चीजें कही 🤔 जैसे की हमारी दोनों देशों को आर्थिक सहयोग बढ़ाने की जरूरत है और हमें अपने सामर्थ्य को बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। यह अच्छी बात है लेकिन मुझे लगता है कि हमें इन सभी विकास योजनाओं में निवेश करने की जरूरत है।
 
मुझे लगता है कि पीएम मोदी की बैठक अच्छी तरह से चली होगी, लेकिन शायद उनकी सरकार की विकास योजनाएं बिल्कुल सही नहीं होंगी। मलेशियाई राष्ट्रपति अनवर इब्राहीम से मिलने से हमें उम्मीद है कि दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ेगा, लेकिन शायद यह सिर्फ पेपर पर नहीं है। क्या पीएम मोदी ने अपनी सरकार की विकास योजनाओं पर विचार-विमर्श किया? 🤔

मुझे लगता है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर और डिफेंस टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना अच्छा विचार है, लेकिन शायद यह हमेशा आसान नहीं हो सकता। पीएम मोदी ने कहा है कि हम अपने देशों को और अधिक सशक्त बनाने का प्रयास करेंगे, लेकिन क्या हमारे पास पर्याप्त संसाधन हैं? 🤷‍♂️

मुझे लगता है कि पीएम मोदी की बैठक एक अच्छा कदम है, लेकिन शायद हमें अपने देशों की विकास योजनाओं पर और अधिक विचार करने की जरूरत है। 🤔
 
मोदीजी को अच्छा लगता है तो फिर भी मलेशियाई प्रधानमंत्री से मिलकर आर्थिक सहयोग बढ़ाने की बात करते हैं ... लेकिन अगर हमारे देश में विकास पर ध्यान देने का विश्वास नहीं था तो फिर इन सभी योजनाओं पर खर्च कैसे करेंगे?

कुछ साल पहले भी मलेशियाई प्रधानमंत्री से मिलने जाते हैं और आज भी ऐसा ही हो रहा है। चीजों में बदलाव नहीं देखने पर सरकार किस तरह की योजनाएं बनाती है?

मोदीजी की बैठक की जानकारी देखकर लगता है कि भारत और मलेशिया में आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर विचार हो रहा है, लेकिन यह सवाल उठता है कि इस तरह की योजनाओं की सफलता कैसे मापी जाएगी?
 
सोच लीजिए, अगर हम भारत और मलेशिया के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाएंगे, तो यह अच्छा होगा, लेकिन फिर भी बहुत सारे मुद्दे हैं। मलेशियाई सरकार को अपने देश की अर्थव्यवस्था कैसे मजबूत बनाने है? हमें उनकी मदद नहीं कर सकते हैं, लेकिन फिर भी हमें उनके साथ संपर्क रखना चाहिए।

मुझे लगता है, अगर हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिफेंस टेक्नोलॉजी में सहयोग बढ़ाएंगे, तो यह अच्छा हो सकता है, लेकिन हमें इन क्षेत्रों में भारतीय उद्योगों को मजबूत बनाने पर भी ध्यान देना चाहिए। हमें अपने देश के विकास के लिए अपने स्वयं के रूपरेखा बनानी चाहिए, न कि बाहरी मदद पर भरोसा करना।
 
मालिश को लेकर तो ठीक है प्रधानमंत्री जी, हमारा देश उनका पड़ोसी है, लेकिन बैठक में भारतीय रेलवे के सुधार के बारे में कुछ नहीं किया। यह एक बड़ा सवाल है। 😒

क्या हमारी सरकार की योजनाओं पर वास्तव में विचार किया गया? या बस फोटो की सीज़न होने के लिए बैठक कर रहे थे।

सेमीकंडक्टर और डिफेंस टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर तो ध्यान देना चाहिए, लेकिन इस बात को भी स्पष्ट करना चाहिए कि हमारे देश की जरूरतों को कैसे समझा गया। 🤔
 
🤔 भारत और मलेशिया के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर हमें ध्यान देना चाहिए। हमारे देश में बहुत सारी नई तकनीकी कंपनियाँ हैं जो विदेशों में अपनी प्रोडक्ट्स लाने के लिए तैयार हैं। 📦

नई तकनीकी कंपनियों के लिए आर्थिक सहयोग बढ़ाने से हमारे देश के नौजवानों को अच्छा मौका मिलेगा। वे अपने कौशल का उपयोग करके विदेशों में अपनी प्रोडक्ट्स लाने के लिए तैयार हो सकते हैं।

📈 इसके अलावा, आर्थिक सहयोग बढ़ाने से हमारे देश की अर्थव्यवस्था में वृद्धि हो सकती है। इससे हमारे देश को विश्व बाजार में एक मजबूत स्थान मिल सकता है।
 
मोदी जी की मलेशिया की यात्रा की बात करें तो सोचता हूँ कि भारत और मलेशिया के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ने का क्या फायदा होगा। 🤔
आज कल किसी भी देश में आर्थिक विकास करने के लिए हमें बहुत सारे रणनीति को बनाना होता है। इसमें हमें अपने व्यक्तिगत और समूहीय संसाधनों का सही तरीके से उपयोग करना होता है।
मलेशिया जैसे देश में आर्थिक स्वतंत्रता मिलती है तो फिर भारत को बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। मोदी जी ने मलेशियाई प्रधानमंत्री से सहयोग बढ़ाने पर बात की, इसमें हमें किसी भी देश की सहायता के लिए अपने व्यक्तिगत और समूहीय संसाधनों को सही तरीके से उपयोग करना होता है।
इसके अलावा, मोदी जी ने मलेशियाई प्रधानमंत्री से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर और डिफेंस टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर बात की। इसमें हमें इन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विचार करना होता है ताकि हम अपने देशों को और अधिक सशक्त बना सकें।
मोदी जी की यात्रा ने मलेशिया और भारत के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर विचार करने का एक नया मौका दिया है।
 
मोदी जी की मलेशियाई यात्रा से बहुत उम्मीदें हैं। आर्थिक सहयोग बढ़ाने और भारत को सशक्त बनाने की बात मुझे अच्छी लगती है। लेकिन हमें यह देखना होगा कि वास्तविकता कैसे बदलेगी।
 
मोदी जी की यह बैठक बहुत रोचक है, लेकिन मुझे लगता है कि हमें अधिक स्पष्टता की जरूरत है। मलेशियाई राष्ट्रपति अनवर इब्राहीम से मुलाकात करने से पहले, यह तय नहीं किया गया था कि वे इन विकास योजनाओं पर कब चर्चा करेंगे। यह समझना मुश्किल है कि क्या वे पहले ही इन बातों पर चर्चा कर चुके हैं या नहीं।
 
भारत और मलेशिया की इस भेट में यह अच्छा संदेश आया 🤝। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर और डिफेंस टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विचार करना ही अच्छा है 💡। मलेशिया में यह सब दिखाई देगा तो भारतीय उद्योग को भी फायदा होगा 🚀। लेकिन, बात करते हैं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इसमें भी हमें सावधान रहना होगा कि यह सब कैसे विकसित होता है 🤔
 
मोदी जी की यह बैठक बहुत ही रोचक रही 🤔। मलेशियाई साथी के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर और डिफेंस टेक्नोलॉजी पर चर्चा करना तो अच्छा है, लेकिन मुझे लगता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए हमें कुछ और करने की जरूरत है। 📈

मलेशियाई साथी ने भी हमारी बात मानी और एक साथ मिलकर अपने सामर्थ्य को बढ़ाने पर विचार किया। यह दोनों देशों के लिए अच्छा होगा 🌟
 
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