PM Modi Rajya Sabha Speech: विपक्षी दलों के वॉकआउट पर भड़के चिराग- गिरिराज, दी ये चेतावनी!

विपक्षी दलों ने आज राज्यसभा में वॉकआउट किया, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनकी इस कोशिश से परहेज नहीं किया। उन्होंने अपनी भाषण शैली और तर्कों से विपक्ष को हरा दिया।

मोदी जी ने कहा, "विपक्षी दलों ने आज मुझसे सवाल उठाने की कोशिश की, लेकिन मैं उन्हें जवाब देने के लिए तैयार था। मैंने उनके सवालों का जवाब दिया और उन्हें अपने कार्यशैली का उदाहरण दिया। मेरा तर्क है कि जब आप सवाल उठाते हैं, तो उसका जवाब सुनने का हिम्मत तो रखिए। कल पीएम मोदी जब बोलना चाह रहे थे तो विपक्ष ने मौका नहीं दिया, लेकिन आज जब मैं जवाब दे रहा था तो वे वॉकआउट किया। यह दर्शाता है कि आपको सिर्फ हंगामा ही खड़ा करना है।"

राज्यसभा में मोदी जी ने कहा, "विपक्षी दलों ने आज 'मोदी तेरी कब्र खुदेगी' के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहे हैं। वे इसका सपना देखते हैं और लोकतंत्र की बात करते हैं। वे 'मोहब्बत की दुकान' के साइनबोर्ड लगाते हैं। क्या सार्वजनिक जीवन में ऐसी नफरत होती है? उनकी सरकार रिमोट से चलती थी। मेरी सरकार भी रिमोट से चलती है। 140 करोड़ लोग मेरा रिमोट हैं।"

मोदी जी ने कहा, "बीजेपी-एनडीए का समस्याओं का समाधान ढूंढने का तरीका अलग है, कांग्रेस और हमारे बीच बहुत बड़ा फर्क है। हमारा मानना है कि 140 करोड़ नागरिक चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हैं। हमें नागरिकों और उनकी काबिलियत पर भरोसा है। यही लोकतंत्र की असली ताकत है। लेकिन कांग्रेस नागरिकों को ही एक समस्या मानती है... मैं देश के लोगों के लिए नेहरू जी और इंदिरा जी की सोच के बारे में बात करना चाहूंगा। इंदिरा जी एक बार ईरान गई थीं, वह वहां भाषण दे रही थीं। अपने भाषण में उन्होंने नेहरू जी के साथ हुई बातचीत का ज़िक्र किया।

मोदी जी ने कहा, "कल जो हुआ, कांग्रेस के 'युवराज' जिनका शातिर दिमाग है, उन्होंने इस सदन के एक सांसद को 'गद्दार' कहा। उनका अहंकार चरम पर है। उन्होंने कांग्रेस छोड़ने वाले किसी और को गद्दार नहीं कहा। लेकिन उन्होंने उस सांसद को गद्दार इसलिए कहा क्योंकि वे एक सिख हैं। यह सिखों का अपमान था, गुरुओं का अपमान था। यह सिखों के प्रति उस नफरत का इजहार था जो कांग्रेस में भरी हुई है। वे उस परिवार के सदस्य हैं जिसने देश के लिए खुद को कुर्बान कर दिया। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसे लोग कांग्रेस को डुबो देंगे।"
 
मोदी जी की बात समझ में नहीं आई, चाहे उन्होंने विपक्ष को हराया हो या नहीं। पूरे देश में लोगों ने सोचा है कि उनकी सरकार में और भी बड़ी समस्याएं आ गई हैं। 140 करोड़ लोग कितने अच्छे हैं? वे सब एक रिमोट पर चल रहे हैं।
 
🤔 प्रधानमंत्री जी ने विपक्षी दलों पर कहा है कि जब आप सवाल उठाते हैं, तो उसका जवाब सुनने का हिम्मत रखिए। लेकिन कल क्या देखा, विपक्ष ने मौका नहीं दिया और आज बोले की मोदी तेरी कब्र खुदेगी। 🤷‍♂️ यह जैसे सार्वजनिक जीवन में नफरत होती है? 💔
 
मोदी जी की बात समझ में आती है, परंतु मुझे लगता है कि विपक्षी दलों ने उसकी आलोचना करने के लिए सही तरीके से तर्क प्रस्तुत नहीं किया। उन्होंने अपनी राजनीतिक योजना को बदल देना चाहिए और एक नई दिशा में जाना चाहिए।
 
मोदी जी का ये भाषण वाकई बहुत प्रभावशाली था, मैंने देखा 😮 और यहाँ तक कि विपक्षी दलों ने भी उनकी बात सुनने को मजबूर हुए थे। लेकिन फिर भी, उनकी तर्कहीनता और अस्थिरता के प्रति मेरी चिंता बढ़ गई। यह सोचकर शर्मिंदगी होती है कि कैसे नागरिकों को विश्वास दिलाया जाए।
 
😒 मोदी जी का निशाना, वह सिर्फ हंगामा की बात करते रहते हैं... क्यों? क्या उन्हें लगता है कि विपक्षी दल लोकतंत्र का खेल खेल रहे हैं? 🤔 उनकी सरकार में सिर्फ रिमोट नियंत्रण है, देश को चुनने की शक्ति नहीं है। और इंदिरा जी की सोच के बारे में बोलने का क्या उद्देश्य? 🤷‍♀️ उनकी भाषण शैली और तर्क तो देश की समस्याओं पर कोई हल नहीं लाते।
 
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