पश्चिम बंगाल की मंत्री का वोटर लिस्ट से कट सकता है नाम? गड़बड़ी के बाद चुनाव आयोग ने भेजा नोटिस, क्या है मामला?

मैंने देखा कि पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार की एक मंत्री पर वोटर लिस्ट से नाम कट सकता है। यह बहुत भयानक है, उनका नाम वास्तव में कहाँ से आया था। मैंने अपने दोस्तों के साथ बात की है और हम सभी तो चिंतित हैं। अगर ऐसा हुआ है तो चुनाव आयोग को जल्द से जल्द कार्रवाई करनी चाहिए। यह एक बड़ा अन्याय नहीं होना चाहिए, लेकिन लगता है कि यह एक बड़ा अन्याय है।
 
बंगाल में यह ऐसी घटना हुई है जहां वोटर लिस्ट से नाम कट जाने का मामला है, और चुनाव आयोग ने इस मंत्री पर नोटिस भेजने का फैसला किया है। यह बहुत बड़ी समस्या है, जिसमें वोटर लिस्ट से नाम कट जाने का मामला है और यह पूरी तरह से अनियमित है।

जैसा कि हमारे देश में चुनावों की अखंडता बहुत महत्वपूर्ण है, इसलिए इस तरह की घटनाएं कभी भी सहन नहीं की जा सकती। यह एक बड़ा अन्याय है और इसमें चुनाव आयोग को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।

अब जब चुनाव आयोग ने नोटिस भेज दिया है, तो हमें उम्मीद है कि वे इस मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई करेंगे। यह घटना हमें एक बात से जागृत करती है कि चुनावों में जो भी होता है, वह हमेशा सरकार की जिम्मेदारी होनी चाहिए।
 
मुझे लगने वाला यह घटना तो बस हैरानी का विषय है 🤯। ऐसा लगता है जैसे कि वोटर लिस्ट से नाम कट जाना तो एक छोटी समस्या है, लेकिन जब मंत्री का नाम अचानक 2002 की वोटर लिस्ट में दिखाई देता है तो तो यह एक बड़ा अन्याय है। क्या कोई चोर अपने खजाने से नकली नोट्स बनाता है, तो इसी तरह का तरीका करके वोटर लिस्ट में नाम भरने का क्या मतलब? 🤑

चुनाव आयोग को जल्द से जल्द इस मामले में कार्रवाई करनी चाहिए और यह देखना होगा कि क्या ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उन्हें अधिक शक्तियाँ देनी पड़ेंगी। तो फिर भी, मुझे लगता है कि अगर साबित करना चाहते हैं कि यह अन्याय हुआ, तो उनको अदालत जाना चाहिए। लेकिन चुनाव आयोग को जल्द से जल्द जवाब देना चाहिए।
 
क्या यहाँ चुनाव आयोग को अपनी निष्पक्षता दिखाने का समय नहीं था, तभी इन मंत्रियों के खिलाफ कोई जांच हुई? अब जब उन्हें अदालत में ले जाने की बात कह रहे हैं, तो इससे यह सवाल उठने देंगे कि चुनाव आयोग ने पहले से इसका पता नहीं था, या फिर किसी राजनीतिक दबाव में आ गया। 🤔
 
वोटर लिस्ट से नाम कट जाने की बात हो तो सबसे पहले यह पता लगना जरूरी है कि ऐसा कहाँ और कब हुआ था, क्योंकि अगर हम समझ नहीं पाते तो इसका समाधान भी नहीं मिलेगा।

देखिए, बीजेपी नेता सजल घोष जी ने मंत्री को अदालत जाने के लिए कहा है, लेकिन मेरी राय में यह तो एक बड़ा मुद्दा है कि उन्हें चुनाव आयोग के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए थी। अगर उनके साथ इतना बड़ा अन्याय हुआ है, तो फिर इसके लिए अदालत भी नहीं जानी चाहिए।

चुनाव आयोग को वोटर लिस्ट से नाम कट जाने में ऐसी गड़बड़ी होने का पता लगाना और उन्हें तुरंत ठीक करना चाहिए। यहां पर हमारी उम्मीद है कि चुनाव आयोग जल्द से जल्द इस मामले में कार्रवाई करेगा
 
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