‘पति रूसी सेना में फंसे, सरकार पुतिन से वापस मांगे’: 44 भारतीय वॉर जोन में, परिवार परेशान; रूसी राष्ट्रपति के भारत दौरे से उम्मीद

रूस-यूक्रेन जंग में फंसे 61 भारतीयों की सुरक्षित वापसी को लेकर अब तक सरकार के पास कुछ जवाब मिल रहे हैं। ये जवाब सोशल मीडिया पर देखे जा सकते हैं और राज्यसभा में बातचीत हुई है।
 
ये तो एक बड़ी खुशी की बात है भारतीयों की सुरक्षित वापसी। लेकिन यह तो हमारे देश की नागरिकता और सुरक्षा पर अमीर-भाग्यशाली कैसे पड़ता है। कोई भी रूस या यूक्रेन जाने की जरूरत नहीं थी, लेकिन हमारे सिर्फ एक छोटे-छोटे समूह को ही फंसाया गया। यह तो सरकार पर सवाल उठाने वाला मामला है, क्योंकि कोई जवाब देने का मतलब है हमने खुद गलती की।

हमें अपने युवाओं से जागरूक करने की जरूरत है, ताकि वो रूस या यूक्रेन जाने की ऐसी बीमारी से बच निकलें।
 
रूस-यूक्रेन जंग में फंसे 61 भारतीयों की सुरक्षित वापसी की बात तो सभी से अच्छी सुनी है, लेकिन अभी तक सरकार ने कुछ बड़ा नहीं कहा कि उनके पास विदेश में हुए हमारे भाइयों के लिए क्या योजनाएं बनाई गई हैं। चिंतित हूँ कि सरकार को तुरंत जवाब देने की जरूरत है ताकि हमारे विदेशियों को यह जानकर खुशी हो।
 
अरे, मैंने तो सुना है की भारतीयों ने बहुत बड़ी जोखिम लिया, वाह! यूक्रेन की स्थिति तो बहुत खराब है, वो देश कितना दर्दभरा है। सरकार ने तो सचमुच अच्छी काम किया, भारतीयों को सुरक्षित रूप से वापस लाने में सफल रही। लेकिन मुझे लगता है की हमें इन जंग में शामिल होने से पहले अपने देश की तैयारी करनी चाहिए, न कि दूसरों पर भरोसा।
 
रूस-यूक्रेन जंग में फंसे 61 भारतीयों की सुरक्षित वापसी की बात तो सभी के दिल में खुशी है, लेकिन अभी तक सरकार ने जांच करने में थोड़ी देर लग रही है। मुझे लगता है कि हमें यह जानने की जरूरत नहीं है कि वो लड़े क्यों या उनके पास कोई ऐसा सबूत था जिससे उन्हें फंसने का कारण पता चले। हमारी सरकार को मिलकर तालिबान और अफगानिस्तान से लड़ने वाली देशों की तरह अपने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए।
 
रूस-यूक्रेन जंग में फंसे 61 भारतीयों की सुरक्षित वापसी को लेकर सरकार की इस तरह की धीमी गति से लेकिन अंततः सुरक्षित रूप से वापसी हुई तो यह बहुत अच्छा है 🙏। लेकिन, यह देखकर मुश्किल लग रहा है कि हमें अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए इतनी धीमी गति से काम करना पड़ा। सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसी स्थितियाँ भविष्य में नहीं बनतीं। इसके लिए हमें अपनी नागरिकों की सुरक्षा के लिए सुविधाजनक योजनाएं बनानी चाहिए जैसे कि तुरंत संपर्क में आने वाली मदद और सहायता। अगर ऐसा नहीं होता, तो हमारी सरकार पर सवाल उठाया जाएगा और लोगों ने इसकी आलोचना की।
 
रूस-यूक्रेन जंग की घटनाओं ने हमें हमेशा के लिए याद दिलाया है कि दुनिया में खतरे कई स्वरूप में आते हैं और हमें हमेशा तैयार रहना चाहिए। रूस-यूक्रेन जंग में फंसे 61 भारतीयों की वापसी पर सरकार ने अपने जवाब देने की जरूरत है, लेकिन मुझे लगता है कि यह बहुत जल्दी नहीं होगी। सरकार से उम्मीद है कि उन्हें जंग के बाद भारतीयों को सुरक्षित रूप से वापसाने में मदद करने के लिए पूरा समर्थन मिलेगा। 🤞

मुझे लगता है कि सरकार की व्यवस्था बहुत अच्छी है, और हमें उम्मीद है कि वे इस मामले में भी अच्छा काम करेंगे। लेकिन हमें यह भी सोचना चाहिए कि जंग के बाद हमारे देश को फिर से कैसे बनाना होगा, और इसके लिए हमें एक साथ मिलकर काम करने की जरूरत है। 💪
 
अरे, यह बहुत अच्छी खबर है कि 61 भारतीयों को रूस-यूक्रेन जंग से वापस ले आ गया है। मुझे लगता है कि सरकार ने उनके परिवारों के लिए सबसे अच्छा काम किया होगा, यह बिल्कुल सही है। लेकिन अभी भी कुछ सवाल हैं जिनके जवाब देने की जरूरत है, जैसे कि उन्हें कहाँ से और कैसे लाया गया था...

मुझे लगता है कि सरकार को अपने जवाब में अधिक स्पष्टता दिखानी चाहिए, ताकि लोगों को अच्छी तरह समझ में आ सके। और कुछ लोगों ने दावा किया है कि उन्हें गलत तरीके से लाया गया था, ऐसे मामलों में भी सरकार को जवाब देना चाहिए।
 
यह तो बहुत बड़ी खुशी की बात है कि 61 भारतीयों को यूक्रेन से सुरक्षित वापसी हुई, लेकिन मुझे लगता है कि हमें और ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए। सरकार ने अभी तक कुछ जवाब देने की कोशिश नहीं की तो फिर भी उन्होंने लोगों को खुश करने की कोशिश की है तो मुझे लगता है कि हमें उनसे और ज्यादा सवाल पूछने चाहिए। क्या यह वापसी सिर्फ एक फोटो आउट्टेक के बाद हुई या सचमुच लोगों की सुरक्षित जिंदगी में लौट आए हैं?
 
આ ઘટના વિશે લોકોમાં ઘણું પ્રશ્ન છે, તેથી આજે સરકારને બુદ્ધિમાન હોવાનું ખુશી છે. તેઓએ લગભગ 61 લોકોને યુરોપમાં વ્યક્તિગત રીતે સંશોધન કરવા માટે ભેજવ્યા હતા, અને પેલાંની વાત છે કે આ સમસ્યાઓનું સરખું અભ્યાસ ચલાવવો જરૂરી છે.
 
रूस-यूक्रेन जंग में फंसे 61 भारतीयों की वापसी की बात तो सब जानते हैं, लेकिन मुझे लगता है कि सरकार की प्रतिक्रियाओं से खुश नहीं होगा। देखिए, रूसी सरकार ने भारतीयों को छोड़ने की बात कही है, लेकिन उन्हें पहले तो एक जगह रखा गया और फिर उनकी वापसी के लिए समय बताया गया। यहाँ तक कि उनकी वापसी के लिए फ्लाइट्स भी तय नहीं की गईं।

मुझे लगता है कि सरकार को अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदारी लेनी चाहिए, लेकिन वैसे में तो यह अच्छी बात है कि हमारे नागरिकों की सुरक्षा के लिए सरकार का ध्यान आ गया है। 🙏
 
मुझे लगता है कि सरकार ने इस मामले को अच्छी तरह से प्रबंधित नहीं किया। अगर 61 भारतीयों को बचाने की बात है तो फिर यूक्रेन में ही उनको छोड़ देना और उन्हें सुरक्षित वापस लाना चाहिए था। इसके बजाय सरकार ने इस मामले पर बहुत समय बरकरार किया, जिससे भारतीयों के लिए जंग का खतरा अधिक हो गया।

मुझे लगता है कि सरकार को अपनी गलतियों से सबक लेना चाहिए और आगे इस तरह की समस्याओं से निपटने के लिए तैयार रहना चाहिए। 😐
 
भारतीयों की सुरक्षित वापसी की बात सुनकर मन में खुशी हुई। लेकिन सरकार की प्रतिक्रिया में थोड़ा समय लग रहा है, फिर भी हमें आशा है। रूस-यूक्रेन जंग में शामिल होने वाले देशों को खुद को समझना चाहिए। यूक्रेन की स्वतंत्रता और सुरक्षा की समस्या को लेकर हमें अपनी नीतियों को समायोजित करने की जरूरत है।
 
भारतीयों की सुरक्षित वापसी को लेकर अब तक सरकार के पास जवाब मिल रहे हैं, लेकिन ये जवाब अभी भी ठीक नहीं हैं। मुझे लगता है कि सरकार ने पहले से ही बहुत अच्छा काम किया है, लेकिन अभी भी कुछ सवाल बने हुए हैं।

मुझे लगता है कि हमें अपने देश की सुरक्षा और कल्याण पर ध्यान रखना चाहिए, और सरकार को इस तरह की समस्याओं के लिए तैयार रहना चाहिए। मैं उम्मीद करता हूं कि आगे सरकार इस तरह की समस्याओं से निपटने के लिए अपने प्लान बनाएगी। 🤔

अब जब हमें अपने देश की बात करनी है, तो मुझे लगता है कि हमें अपने शिक्षकों और प्रयोगशाला पर ध्यान रखना चाहिए। वे हमारे भविष्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। 💡
 
मेरी भावना है कि सरकार को अब जल्दी से स्पष्टीकरण देना चाहिए। यूक्रेन जंग में फंसे हमारे लोगों की सुरक्षित वापसी पर सरकार के पास बहुत सवाल हैं। मुझे लगता है कि हमें पता होना चाहिए कि उन लोगों को कैसे खोजा गया और कैसे वे भारत लाए गए। और अब जब राज्यसभा में बातचीत हुई है तो सरकार को जल्दी से जवाब देना चाहिए।

मेरी भावना है कि हमारे पास यह जानकारी होनी चाहिए कि उन लोगों को क्या मिला और कैसे वे वापस आ गए। और सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसे स्थितियाँ न बनें जिससे हमारे लोगों को फिर से खतरा हो।
 
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