‘पति रूसी सेना में फंसे, सरकार पुतिन से वापस मांगे’: 44 भारतीय वॉर जोन में, परिवार परेशान; रूसी राष्ट्रपति के भारत दौरे से उम्मीद

जंग तो देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है तो अच्छा लगता है, लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर तो यह एक बड़ा मुश्किल है। यूक्रेन से लड़ने के लिए भारतीयों को फंसाया गया है, तो फिर से पैसे खर्च करने पड़ेंगे। और फिर यह जंग कब समाप्त होगा, हमें नहीं पता। ऐसा लगता है कि दुनिया में कोई नियम नहीं है, बस लड़ाई लड़ते रहते हैं।
 
बिल्कुल सही 🤔। रूस और यूक्रेन की जंग की बात है तो हमारे देश के लोगों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ा है। कई भारतीय लोगों ने यूक्रेन में काम करते हुए युद्ध के दौरान अपना जीवन खो दिया है, और वहीं, विदेशी मेहमानों के रूप में भी बहुत से लोग फंस गए हैं।

इस जंग के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए हमें अपने नेताओं से अपेक्षाएँ रखनी चाहिए। उन्हें इस जंग के बारे में संवेदनशीलता और देश की जनता को सही समय पर सूचित करने की जरूरत है। 🚨🌟
 
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