सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) के पूर्व सदस्य शफ़ात अहमद शुंगलू को 36 साल पुराने रुबैया सईद किडनैपिंग केस में गिरफ्तार कर लिया है. इस मामले में पहले 1990 के दशक में ही CBI ने इसमें शामिल आरोपियों को पकड़ने का प्रयास शुरू कर दिया था, लेकिन तब से इसकी जांच पूरी नहीं हुई थी।
शफ़ात अहमद शुंगलू की गिरफ्तारी इस मामले के एक महत्वपूर्ण मोड़ को दर्शाती है, और यह बताने वाली है कि CBI ने भी इस मामले पर पुनर्प्रासंगिकता देने का फैसला किया है। शुंगलू की पहचान जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के पूर्व सदस्य रही थी, और उसके ट्रायल में Yasin Malik भी शामिल हैं।
यासीन मलिक जो JKLF का चेयरमैन हैं, इस मामले के मुख्य आरोपियों में से एक हैं और उनका भी ट्रायल चल रहा है। रुबैया सईद ने कोर्ट में यासीन मलिक को किडनैपर के तौर पर पहचानाया है, जो उस समय JKLF के कमांडर इन चीफ थे।
इस गिरफ्तारी ने देश भर में ध्यान आकर्षित किया है और इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह बताता है कि CBI ने भी इस मामले पर पुनर्प्रासंगिकता देने का फैसला किया है और इसमें शामिल आरोपियों को पकड़ने का प्रयास जारी रखा है।
इस मामले ने एक बार फिर से राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद की समस्याओं पर ध्यान आकर्षित किया है, और यह बताता है कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है।
शफ़ात अहमद शुंगलू की गिरफ्तारी इस मामले के एक महत्वपूर्ण मोड़ को दर्शाती है, और यह बताने वाली है कि CBI ने भी इस मामले पर पुनर्प्रासंगिकता देने का फैसला किया है। शुंगलू की पहचान जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के पूर्व सदस्य रही थी, और उसके ट्रायल में Yasin Malik भी शामिल हैं।
यासीन मलिक जो JKLF का चेयरमैन हैं, इस मामले के मुख्य आरोपियों में से एक हैं और उनका भी ट्रायल चल रहा है। रुबैया सईद ने कोर्ट में यासीन मलिक को किडनैपर के तौर पर पहचानाया है, जो उस समय JKLF के कमांडर इन चीफ थे।
इस गिरफ्तारी ने देश भर में ध्यान आकर्षित किया है और इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह बताता है कि CBI ने भी इस मामले पर पुनर्प्रासंगिकता देने का फैसला किया है और इसमें शामिल आरोपियों को पकड़ने का प्रयास जारी रखा है।
इस मामले ने एक बार फिर से राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद की समस्याओं पर ध्यान आकर्षित किया है, और यह बताता है कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है।