यह तो बस एक बड़ा दंगा है! CBI ने 36 साल बाद एक छोटे से मामले में इतने बड़े नामों पर डटा कर दिया है, यह कैसे होगा? पहले जांच करने वाली टीम अब गिरफ्तार करती है, यह कोई अच्छा तरीका नहीं है... और Yasin Malik जैसे लोगों पर इतनी बोझ उठाने से क्या फायदा है?