राजा रघुवंशी हत्याकांड पर आधारित डॉक्यूमेंट्री का ट्रेलर रिलीज हो गया है, जिसने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया था। इस खौफनाक साजिश की परतों को जनता के सामने लाने की कोशिश की गई है। ट्रेलर रिलीज के मौके पर राजा के परिजन भावुक नजर आए और उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे समाज के सामने कड़वा सच आएगा।
इस डॉक्यूमेंट्री में राजा के केस के साथ-साथ कुछ अन्य चर्चित हत्याकांडों को भी शामिल किया गया है। ट्रेलर में दिखाया गया है कि राजा को गिरफ्तार करने की प्रक्रिया कैसे थी, जिसमें कई दर्जन लोगों की भूमिका रही।
विपिन रघुवंशी ने स्पष्ट किया है कि यह कोई काल्पनिक फिल्म नहीं, बल्कि एक डॉक्यूमेंट्री है जिसे परिवार की अनुमति के बाद बनाया गया है। उन्होंने बताया कि कहानी अधूरी होने के कारण पहले उस प्रोजेक्ट को रोक दिया गया था। इस डॉक्यूमेंट्री में राजा की हत्या की साजिश को उजागर करने की कोशिश की गई है।
विपिन ने कहा, "यह डॉक्यूमेंट्री पूरी तरह से उन्हीं तथ्यों पर आधारित है जो पहले मीडिया और पुलिस जांच में सामने आ चुके हैं। इससे चल रहे कोर्ट केस पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा, बल्कि जनता को असलियत का पता चलेगा।"
परिजनों ने मामले में मेघालय सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मांग की है कि मुख्य आरोपी सोनम और उसके साथियों को किसी भी प्रकार की कानूनी सहायता या रियायत नहीं मिलनी चाहिए। विपिन ने कहा, "आरोपी ने न केवल एक मासूम की जान ली, बल्कि मेघालय जैसे शांत प्रदेश की छवि को भी नुकसान पहुँचाया है। अगर ऐसे अपराधी बाहर आते हैं, तो यह कानून का मजाक होगा।"
ट्रेलर में राजा को देखकर विपिन भावुक हुए। उन्होंने भरे गले से कहा, "राजा को स्क्रीन पर देखकर दुनिया को पता चलेगा कि सोनम ने उसे मारकर कितनी बड़ी गलती की। हम राजा को वापस नहीं ला सकते, लेकिन उसके इंसाफ दिलाना ही अब हमारे जीवन का एकमात्र उद्देश्य है।"
इस डॉक्यूमेंट्री में राजा के केस के साथ-साथ कुछ अन्य चर्चित हत्याकांडों को भी शामिल किया गया है। ट्रेलर में दिखाया गया है कि राजा को गिरफ्तार करने की प्रक्रिया कैसे थी, जिसमें कई दर्जन लोगों की भूमिका रही।
विपिन रघुवंशी ने स्पष्ट किया है कि यह कोई काल्पनिक फिल्म नहीं, बल्कि एक डॉक्यूमेंट्री है जिसे परिवार की अनुमति के बाद बनाया गया है। उन्होंने बताया कि कहानी अधूरी होने के कारण पहले उस प्रोजेक्ट को रोक दिया गया था। इस डॉक्यूमेंट्री में राजा की हत्या की साजिश को उजागर करने की कोशिश की गई है।
विपिन ने कहा, "यह डॉक्यूमेंट्री पूरी तरह से उन्हीं तथ्यों पर आधारित है जो पहले मीडिया और पुलिस जांच में सामने आ चुके हैं। इससे चल रहे कोर्ट केस पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा, बल्कि जनता को असलियत का पता चलेगा।"
परिजनों ने मामले में मेघालय सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मांग की है कि मुख्य आरोपी सोनम और उसके साथियों को किसी भी प्रकार की कानूनी सहायता या रियायत नहीं मिलनी चाहिए। विपिन ने कहा, "आरोपी ने न केवल एक मासूम की जान ली, बल्कि मेघालय जैसे शांत प्रदेश की छवि को भी नुकसान पहुँचाया है। अगर ऐसे अपराधी बाहर आते हैं, तो यह कानून का मजाक होगा।"
ट्रेलर में राजा को देखकर विपिन भावुक हुए। उन्होंने भरे गले से कहा, "राजा को स्क्रीन पर देखकर दुनिया को पता चलेगा कि सोनम ने उसे मारकर कितनी बड़ी गलती की। हम राजा को वापस नहीं ला सकते, लेकिन उसके इंसाफ दिलाना ही अब हमारे जीवन का एकमात्र उद्देश्य है।"