राजस्थान में बारिश, आज कोहरे का अलर्ट: हिमाचल के 16 शहरों में तापमान 5° से नीचे; उत्तराखंड में बर्फ पिघलाकर पानी पी रहे लोग

राजस्थान में शुक्रवार को हल्की बारिश हुई, मौसम विभाग ने आज और कल शीतलहर की आशंका जताई है। सुबह के समय कोहरा का अलर्ट जारी किया गया है, तापमान 2-3 डिग्री कम हो सकता है।

हिमाचल प्रदेश में 16 शहरों में रात का तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। लाहौल स्पीति, किन्नौर और चंबा में पानी की टंकियां, पाइप लाइन और सड़क किनारे पानी में बर्फ जमने लगी है।

उत्तराखंड के 4 धामों में तापमान माइनस 10 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे चला गया है। आदि कैलाश में भी पारा माइनस 15 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जिससे वहां गौरी कुंड सरोवर जम गया है। कई पहाड़ी इलाकों में लोग बर्फ पिघलाकर पी रहे हैं।

सर्दी के बीच राजस्थान में शुक्रवार को जयपुर, उदयपुर समेत कई इलाकों में हल्की बारिश हुई। अब मौसम विभाग ने आज और कल शीतलहर की आशंका जताई है। सुबह के समय कोहरा का अलर्ट जारी किया गया है, तापमान 2-3 डिग्री कम हो सकता है।

बिहार में भी पूर्वान्हन की लहर आ गई है। नालंदा में पत्तों पर ओस की बूंदें जमी दिखीं।
 
यह तो बस एक बड़ा ध्यान केन्द्रित करने वाला मौका है! सभी इलाकों में ठंड की बात कर रहे हैं लेकिन मुझे लगता है कि यह तो बस एक छोटी सी बारिश का परिणाम होगी। राजस्थान में भी हल्की बारिश हुई तो फिर क्यों इतनी बड़ी डरावनी बात कर रहे हैं? और उत्तराखंड के धामों में तापमान यह तो बस एक छोटी सी तेजी है। लोग बर्फ पिघलाकर पीना शुरू करने लगे तो फिर क्यों इतनी बड़ी समस्या बनाया जा रहा है? यह तो बस मौसम की तरह ही बदलने वाली चीज है, न कि कुछ बड़े बिग बादल से। 😐
 
क्या गंभीरता से सोचिए, ये तो शीतलहर का मतलब ही नहीं है कि हमारे पास यह बहुत समय तक रहेगी। कोई अच्छा उपाय तो नहीं होगा? हमें अपने घरों में गेंदू और अन्य बीमारी रोकने वाले पदार्थ रखने चाहिए। मेरे दादाजी ने कभी ऐसी स्थिति का पूरा मुकाबला नहीं किया, पर वह भी बहुत उम्र के थे। हमें अपने बच्चों और ज्येष्ठजनों को खाने वाले पेय और अन्य चीजों को अच्छी तरह से स्टोर करना चाहिए। मैंने कभी भी ऐसी बात नहीं सुनी थी कि लोग बर्फ पिघलाकर पियें । हमें शीतलहर की तैयारी करनी चाहिए, तो हमें कोई गंभीर समस्या नहीं होनी चाहिए। 😊
 
शुक्रवार को राजस्थान में हल्की बारिश हुई, लेकिन तापमान 2-3 डिग्री कम होने से निश्चित नहीं है कि आगे तूफान आ जाएगा। इस दौरान जयपुर और उदयपुर में कई इलाकों में पानी मिल गया, लेकिन अब शीतलहर की आशंका बढ़ गई है।

हिमाचल प्रदेश में 16 शहरों में तापमान नीचे चला गया और कई पहाड़ी इलाकों में बर्फ जमने लगी। उत्तराखंड के धामों में भी तापमान बहुत कम हो गया। लोग वहां बर्फ पिघलाकर पी रहे हैं।

बिहार में भी पूर्वान्हन की लहर आ गई, जिसमें नालंदा में पत्तों पर ओस की बूंदें जमी दिखीं। शीतलहर और तूफान से पहले सावधानी बरतना फिर से जरूरी है। 🌨️💨
 
राजस्थान में हल्की बारिश हुई तो शुक्र है! अब फिर भी वैसे गर्मियों का मौसम न आया तो अच्छा नहीं था। लेकिन सुबह कोहरा का अलर्ट जारी हुआ तो लगता है फिर भी ठंड लगेगी। मैं चिंतित हूँ कि आज और कल शीतलहर की आशंका क्यों हुई? क्या यही ठंड की आग लेकर आया है? 🌨️
 
राजस्थान में हल्की बारिश हुई तो अच्छा, ठंड लग रही है 🌫️। लेकिन शीतलहर की आशंका जताई तो फिर पूरा मौसम नीचे चल गया। सुबह कोहरा का अलर्ट तो एक ही बात है, ठंड पड़ रही है। उत्तराखंड के धामों में तापमान इतना कम हुआ तो मजेदार नहीं लग रहा 🤔। आदि कैलाश में भी पारा माइनस 15 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, वाह! वहां गौरी कुंड सरोवर जम गया है तो सचमुच ठंड लग रही है।
 
मौसम तो बस यही, कभी गर्मी, कभी ठंडा। लेकिन लगता है पृथ्वी की स्थिति बहुत ही अस्थिर है। राजस्थान में हल्की बारिश, हिमाचल प्रदेश में बर्फ जमने की कहानी... उत्तराखंड के धामों में तापमान इतना नीचा गया कि सांस लेने का मौका भी नहीं रहा। और अब शीतलहर की आशंका, कोहरा का अलर्ट... मौसम विभाग की चेतावनी सुनना जरूरी है, खासकर जब सर्दी के माहौल में ऐसी बातें सुनाई देती हैं।
 
बात बात कर तो ये ठंड लग रही है 😎। राजस्थान में हल्की बारिश हुई, लेकिन अब शीतलहर का डर फैल गया है। मौसम विभाग ने जयपुर और उदयपुर जैसे इलाकों में सुबह कोहरा का अलर्ट जारी किया है, तापमान 2-3 डिग्री कम हो सकता है।

मैंने हिमाचल प्रदेश के बारे में पढ़ा है, वहां कई शहरों में रात का तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। लोग बर्फ पिघलाकर पी रहे हैं और पाइप लाइन और सड़क किनारे पानी में बर्फ जमने लगी है।

उत्तराखंड के 4 धामों में तापमान माइनस 10 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे चला गया है। आदि कैलाश में पारा माइनस 15 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जिससे वहां गौरी कुंड सरोवर जम गया है।

बिहार में भी पूर्वान्हन की लहर आ गई है। नालंदा में पत्तों पर ओस की बूंदें जमी दिखीं। यह ठंड लग रही है और हमें अपने घरों में गर्मी से बचाव के उपाय करने चाहिए।
 
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