रेप के आरोपी का एनकाउंटर: दोनों पैरों में गोली मारी; MP के युवक ने गुजरात में बच्ची के प्राइवेट पार्ट में सरिया डाला था - Madhya Pradesh News

मध्य प्रदेश के आलीराजपुर का रहने वाला आरोपी रामसिंह तेजसिंह गुजरात के राजकोट जिले में 6 साल की बच्ची से दुष्कर्म करने का आरोपी है। एक शॉर्ट एनकाउंटर के बाद उसके पैरों में गोलियां लग गईं और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटनास्थल पर कई संदिग्ध लोग पकड़े गए हैं जिनमें से एक आरोपी भी है।

आरोपी ने रिमांड के दौरान पुलिस पर हमला किया था। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने बच्ची को देखकर विकृत मानसिकता में ऐसा अपराध किया था।

पीड़िता 6 साल की है और उसका परिवार खेतों में मजदूरी करता है। घटना के बाद आटकोट और आसपास के इलाकों में आक्रोश फैल गया है, और लोग दोषी को सजा देने की मांग कर रहे हैं।

बच्ची ने आरोपी की पहचान बताई थी और पुलिस ने उसके साथ वारदात को अंजाम देने की जांच शुरू की है। बच्ची की हालत अब स्थिर है, लेकिन वह अभी भी अस्पताल में भर्ती है।

इस घटना की वजह से लोगों ने पुलिस पर आक्रोश व्यक्त किया है और उन्हें सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं।
 
मैंने कभी नहीं सोचा था कि गुजरात का राजकोट जिला इतना दुखद स्थिति में आ गया है। यह तो बहुत बड़ा सवाल है कि 6 साल की बच्ची ने आरोपी से बात क्यों करी, और वह भी जिस तरह से।

मैं समझता हूँ कि पुलिस भी अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने की कोशिश कर रही है, लेकिन यह इतनी देर में नहीं लगेगा। यह घटना आटकोट और आसपास के इलाकों में बहुत आक्रोश फैला देगी।
 
इस तरह की घटनाएं हमेशा हमारी सामाजिक असमानताओं और महिलाओं के खिलाफ अपराधों को बढ़ावा देने वाली संस्कृति को उजागर करती हैं 🤕। यह घटना गुजरात में हुई, जहां गरीब और बेहद गरीब परिवारों के लोग अपने जीवनसाथी की तलाश में मजबूर होते हैं। हमें सोच-समझकर इस तरह की समस्याओं का समाधान खोजने की जरूरत है, जैसे कि महिलाओं को शिक्षा, रोजगार और सुरक्षा के अवसर प्रदान करना।
 
मैं तो ज्यादा डर गया हूँ, यह तो सड़क के दूसरी तरफ ही नहीं हुआ था... 6 साल की बच्ची की बात करने पर मेरा मन चिंतित हो गया है। पुलिस की जांच कर रही है, लेकिन यह तो कैसे संभव है? एक शॉर्ट एनकाउंटर और फिर गोलियां लग गईं... ये तो कुछ अजीब है। घटनास्थल पर संदिग्ध लोग पकड़े गए, लेकिन अभी तक पूरी जांच नहीं हुई है। मैं आशा करता हूँ कि बच्ची जल्द ही ठीक हो जाएगी।
 
अरे भाई, यह तो बहुत ही दुखद बात है। ऐसा दुष्कर्म करने वाला जो आरोपी है, उसे सजा मिलनी चाहिए तभी हमारा समाज शांति से रह पायेगा। अस्पताल में भर्ती बच्ची की हालत सुधरनी चाहिए, लेकिन अभी भी वह ठीक नहीं हो पाई। हम सभी उसके परिवार के साथ जुड़कर समर्थन देना चाहिए। पुलिस ने भी अच्छी तरह से मामले की जांच करानी चाहिए और आरोपी को सजा दिलानी चाहिए। हमें सभी एक साथ मिलकर इस तरह की घटनाओं के खिलाफ लड़ना चाहिए, जिससे हमारे बच्चों की सुरक्षा किसी भी परिस्थिति में बनी रहे। 🤗💖
 
ये बहुत भयानक है। रामसिंह तेजसिंह को पकड़कर सजा देना चाहिए। पुलिस ने जो कुछ किया वह सही था। उस बच्ची की सुरक्षा बहुत जरूरी है और पुलिस ने उसकी सुरक्षा की बात कही है। अगर हमारे देश में ऐसा अपराध होता तो लोग गिरोह बनाते और कानून के खिलाफ चलते। इसलिए इस मामले में सजा देना चाहिए।
 
😔 यह तो बहुत दुखद है... आरोपी ने बच्ची को ऐसा क्या करने का सोचा था... पुलिस ने भी गलती की और उसके पैरों में गोलियां लगा दीं... अब बच्ची की हालत बेहतर होनी चाहिए, लेकिन अभी भी वह अस्पताल में भर्ती है... इस तरह की घटनाएं तो हमेशा सोच-रेखा पर लगती रहती हैं...
 
रामसिंह तेजसिंह के आरोप को सुनकर तो बिल्कुल नहीं सोचना चाहिए कि व्यक्ति कितना दुष्कर्म करने का मंसूबा कर रहा है । लेकिन इस तरह की घटनाएं नियमित रूप से घटती जा रही हैं और हमें सोचना चाहिए कि क्या ऐसा बदलाव आ सकता है। अगर हम अपने समाज में गरिमा और सम्मान का वातावरण बनाएं तो जरूर ऐसा बदलाव हो सकता है ।
 
अरे दोस्त, यह तो बहुत ही दुखद बात है... 6 साल की बच्ची को ऐसा अपराध किया जाना क्या हुआ था, यह सवाल हमें आज भी नहीं मिल पायेगा। आरोपी ने बच्ची को देखकर इतनी ही विकृत मानसिकता में ऐसा क्रूर अपराध किया कि उसके पैरों में गोलियां लग गईं और वह अस्पताल में भर्ती हो गई।

पुलिस पर आक्रोश है, लेकिन मुझे लगता है कि यह बहुत ही कम है। हमें इस तरह की घटनाओं से निपटने के लिए एक समाज बनाने की जरूरत है जहां बच्चों और महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानित माना जाए। आरोपी को सजा देने की मांग तो ठीक है, लेकिन इसके साथ-साथ हमें अपने समाज को बदलने की जरूरत है जहां ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

मैं बिल्कुल सहमत हूं, यह एक बहुत बड़ी समस्या है।
 
इस तरह की घटनाएं होने की तो ज्यादा बात नहीं... आरोपी जैसे लोग भी होते हैं जो अपनी जिंदगी को दूसरों पर भर देते हैं और फिर उन्हें सजा दिलाने की मांग करते हैं।

मुझे लगता है कि पीड़ित बच्ची के परिवार को आर्थिक सहायता देनी चाहिए, वहीं साथ ही उनको यह भी विशेष ध्यान देना चाहिए कि ज्यादातर लोगों ने उनकी जिंदगी में हमेशा समर्थन और प्यार दिया हो।

कोई भी ऐसा अपराध नहीं है जिस पर पूरे समाज को सजा देनी चाहिए... सोच-समझकर यह तय करना चाहिए कि लड़की को आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज करने और उसके निर्देश में पुलिस कार्रवाई करने की जरूरत है।
 
नाहीं समझ, यह तो बहुत ही गंभीर मामला है... 🤕 आटकोट से लेकर आसपास के इलाकों तक सबकुछ धुंधला हो गया है। पुलिस ने भी बिल्कुल सही काम नहीं किया, पहले तो कोई शॉर्ट एनकाउंटर होता, फिर गोलियां लग जाती, और अब बच्ची का स्थिति क्या होगी... मुझे लगता है कि यहाँ पर पुलिस को थोड़ा सा समझदारी सिखानी पड़ी है। 🤔
 
तो यार, यह तो बहुत बुरी बात है... आरोपी ने ऐसा क्यों किया? बच्ची की उम्र 6 साल है, वह इतनी छोटी और अकेली थी। मुझे लगता है कि पुलिस को घटनास्थल पर और तेजी से जांच करनी चाहिए, ताकि आरोपी को जल्द से जल्द सजा मिल सके। लेकिन दूसरी ओर, आरोपी ने पुलिस पर हमला किया था, तो उन्हें भी सजा देनी चाहिए। मुझे लगता है कि हमें सभी एक साथ खड़े होकर इस घटना के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए... 🙏
 
अरे, यह तो बहुत ही दुखद समाचार है... 6 साल की बच्ची को ऐसा अपराध करने की बात सुनकर मुझे बहुत दुःख होता है। लेकिन, इतना ही नहीं जानकर अचंभित हुआ कि आरोपी ने बच्ची को देखकर ही ऐसा अपराध किया था, इसका matlab यह है कि पुलिस को अपनी निगरानी में कुछ भी ठीक नहीं है। और अब जब घटनास्थल पर संदिग्ध लोग पकड़े गए हैं तो यह अच्छा है, लेकिन आरोपी को सजा देने से पहले उसका न्यायिक प्रक्रिया सुनिश्चित करना जरूरी है।

मुझे लगता है कि जैसे ही बच्ची की हालत ठीक हो जाए, तभी हमें आरोपी के खिलाफ मामला चलाने की सख्ती से निगरानी रखनी चाहिए। और पुलिस को अपने नियमों का पालन करना जरूरी है, न कि उसके अनुसार।

इस दुनिया में बच्चों की भविष्य की योजनाएं, उनके अधिकारों पर ध्यान देना जरूरी है। और अब इस घटना से हमें सोचने को कहीं कुछ नया निकल रहा है। 🤔
 
यार, यह तो एक बड़ा मामला है... 🤦‍♂️ रामसिंह तेजसिंह सिर्फ 6 साल की बच्ची से दुष्कर्म करने का आरोपी? यह तो कोई गेम नहीं है, यह तो जानबूझकर अपराध है। और उसके पैरों में गोलियां लग गईं? अरे, यार, इस तरह की चीजें तो कभी भी सही नहीं। लेकिन सरकार ने तो एक साइड दिखा रही है, आरोपी पर रिमांड देने के बाद भी उसने हमला कर दिया। और अब लोग उसे सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं... यार, हमें सरकार को ठीक से सजा दिलानी चाहिए। और सबसे बड़ी बात, बच्ची की परवाह करने की जरूरत है। वह तो अभी भी अस्पताल में भर्ती है, उसकी स्थिति अच्छी होनी चाहिए। 🤞
 
नहीं जानता था यह कैसे हुआ, राजकोट में ऐसा क्या हो सकता है? बच्ची की उम्र तो सिर्फ 6 साल है, लेकिन अभी भी उसकी माँ और पिता खेतों में मजदूरी करते हुए अकेले रहने की स्थिति में हैं... और अब उनकी बेटी ऐसी परिस्थितियों में पड़ गई है... यह तो बिल्कुल नहीं समझ में आता 🤔
 
इस तरह की घटनाएं तो हमेशा होती आ रही हैं, लेकिन कभी नहीं मिलता कि कुछ बदले। यह बच्ची की सुरक्षा के बारे में सवाल उठाती है और पुलिस की जवाबदेही को दिखाती है। आरोपी ने बच्ची को देखकर ऐसा किया, तो इसके लिए सजा मिलनी चाहिए। लेकिन हमें यह भी सोचना होगा कि यह बच्ची और उसका परिवार कैसे जिंदगी बिताएंगे। और पुलिस को भी अपनी जवाबदेही को समझाने की जरूरत है।
 
अरे यार, यह तो बहुत बड़ी घटना हुई है 🤯। इतनी छोटी बेटी पर ऐसा करने वाला आरोपी कौन बनेगा, ये तो सोचकर हैरान हो जाता है। पुलिस ने भी उसकी पहचान बताई थी, इसलिए क्यों नहीं पकड़ा गया था। अब वह बच्ची तो ठीक है, लेकिन आरोपी को सजा मिलनी चाहिए, यह जरूरी है 🙅‍♂️
 
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