‘रेप विक्टिम बेटी को कमरे में ले गए, छेड़छाड़ की‘: क्या जेल जाएंगे पूर्व CM येदियुरप्पा, सीक्रेट वीडियो-CCTV मिला; वकील बोले- सियासी साजिश

बीएस येदियुरप्पा का केस, चार्जशीट में सीक्रेट वीडियो और सबूत मिले, वकील बोले- सियासती।

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के सीनियर नेता बीएस येदियुरप्पा पर यौन शोषण की शिकायत लेकर 17 साल की लड़की की मां ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की, लेकिन इसी बीच 26 मई 2024 को विक्टिम की मां की लंग कैंसर के ट्रीटमेंट के दौरान मौत हो गई।

केस हाईप्रोफाइल था। कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने जांच CID को सौंप दी। जांच एजेंसी येदियुरप्पा समेत 4 आरोपियों के खिलाफ 750 पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इसमें यौन उत्पीड़न, सबूत नष्ट करने और मामला दबाने के आरोप शामिल हैं। जांच एजेंसी सबूत में मिले सीक्रेट वीडियो, CCTV फुटेज और बयानों के आधार पर सच जानने की कोशिश कर रही है।

बीते 13 नवंबर को कर्नाटक हाईकोर्ट ने येदियुरप्पा की याचिका खारिज कर दी, जिसमें उनके खिलाफ चल रहा पॉक्सो का मामला रद्द करने की मांग की गई थी। अब 2 दिसंबर को बेंगलुरु कोर्ट ने येदियुरप्पा समेत चारों आरोपियों को अदालत में पेश होने के आदेश दिए हैं। ऐसे में ये बड़ा सवाल है कि क्या 82 साल के येदियुरप्पा अब जेल जाएंगे।

इस मामले पर कर्नाटक BJP के अध्यक्ष और येदियुरप्पा के बेटे बीवाई विजयेंद्र कहते हैं, 'ये सब राजनीतिक षड्यंत्र है। वे बिना दिल छोटा किए न्याय के रास्ते पर चलते रहेंगे और इन षड्यंत्रों पर जीत हासिल करेंगे। येदियुरप्पा जांच से मुंह फेरने वालों में से नहीं हैं।'

बीएस येदियुरप्पा के खिलाफ पॉक्सो का मामला शुरू होने से पहले दिल्ली में एक समारोह में उनके बेटे नीतिष कृष्ण और उनके सहयोगी अरुण विम, रुद्रेश और मरीस्वामी की अनुपस्थिति पर सवाल उठाए गए थे।
 
वाह! इस मामले से बहुत बड़ी चेतावनी है 🚨। जैसा कि मैं हमेशा कहता हूं, हर चुनौती में एक समाधान होता है। यहाँ भी ऐसा होने वाला है, मुझे लगता है। येदियुरप्पा जी को इस मामले में सजा मिलने से पहले उनके खिलाफ चल रहे पॉक्सो का मामला ठीक होगा। और फिर, हम सबको अपने जीवन में सकारात्मकता और समझ का रास्ता दिखाने की जरूरत है।
 
क्या येदियुरप्पा को इस तरह से सज़ा देने की उम्मीद है? यह तो बहुत बड़ी बात है और फिर भी उनकी नेतृत्व क्षमता की बात करनी है। मुझे लगता है कि उन्हें अपने कार्यों के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए, लेकिन ऐसा न करने से दूसरों पर भी इस तरह के अपराधों को छुपाने की धमकी मिलती है।

वहीं, येदियुरप्पा के समर्थक बहुत बड़ी व्यथा महसूस कर रहे हैं, और उनके समर्थन से उनकी स्थिति बहुत खराब नहीं हो सकती। लेकिन हमें अपनी राजनीतिक जिंदगी में भी ईमानदारी और निष्पक्षता को कभी भूलना चाहिए।

अगर येदियुरप्पा के खिलाफ सज़ा दी जाती है, तो यह एक अच्छा संदेश होगा सभी नेताओं के लिए, लेकिन अगर नहीं तो हमें वास्तविकता के बारे में सोचना होगा।

सबकुछ ठीक हुआ क्या?
 
अरे, यह केस बहुत ही दिलचस्प है 🤔, लेकिन सोच रहा हूँ कि ये मामला सिर्फ राजनीतिक शक्तियों के बीच व्यवसाय हो गया है। पुलिस और अदालत भी अपना कर्तव्य निभाना चाहिए। इसके लिए जांच एजेंसी से सबूत तैयार करना और सच्चाई का पता लगाना बहुत जरूरी है 💡

येदियुरप्पा समेत आरोपियों को अदालत में पेश होने पर, उनकी चार्जशीट में सीक्रेट वीडियो, CCTV फुटेज और बयानों के आधार पर सच जानने की कोशिश करना बहुत अच्छा दिख रहा है। लेकिन यह भी महत्वपूर्ण है कि अदालत न्याय के रास्ते पर चलने दे 🤝

यह मामला हमें सोचने पर मजबूर करता है कि एक राजनेता की शक्तियों और प्रभाव कितने बड़े होते हैं? क्या वे न्यायपालिका की स्वतंत्रता को खतरे में डालते हैं? ये सवाल हमें बहुत महत्वपूर्ण बनाते हैं 🤔
 
बीएस येदियुरप्पा पर आरोप लगाने की बात करने से पहले, उनके पारिवारिक जीवन को भी देखें। 17 साल की लड़की की मां ने अपनी बेटी की शिकायत दर्ज कराई, लेकिन फिर उसकी मौत हो गई। इसके बाद येदियुरप्पा पर आरोप लगाए गए। यह तो बहुत बड़ा सवाल है कि उनकी पारिवारिक जीवन कैसे था, और वे अपने परिवार को इतना खतरनाक बना दिए।
 
बड़ा सा मामला चल रहा है, येदियुरप्पा पर कुछ गलत कर चुके होंगे, यह तो समझ आया कि उनकी सरकार में क्या होता है। लेकिन जानकर दिल खुश नहीं हुआ, 17 साल की लड़की की माँ मर गई, यह तो बहुत बुरा है 🤕। पुलिस ने भी जांच शुरू की है, और अब उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। यह अच्छा है कि सच्चाई निकाला जाए, लेकिन येदियुरप्पा को मुंह फेरने वालों से बचने के लिए क्या करना है, इसकी बात नहीं होती।
 
बड़ा सा मामला चल रहा है, लेकिन मुझे लगता है कि येदियुरप्पा को बचाने की दिशा में सबूत तैयार करने की कोशिश ज्यादा तेजी से नहीं हुई है। मेरा एहसास है कि यह मामला राजनीतिक प्रभाव का हिस्सा बन सकता है, और सच्चाई खोजने में बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं।
 
मुझे लगता है कि येदियुरप्पा को इस मामले से निपटने का समय आ गया है। पुलिस और अदालत तीनों एक-दूसरे पर नजर रखेंगी। लेकिन सवाल यह है कि क्या 82 साल की उम्र में जेल जाना उनके लिए अंतिम समाधि होगी या नहीं।
 
अरे, ये पूरा मामला बहुत ही गंभीर है 🤕। बीएस येदियुरप्पा को ज्यादा समय पहले से ही उनके दम पर इस तरह का आरोप लगने का सवाल उठता था, लेकिन कोई नहीं सुन रहा था। फिर भी, कांग्रेस सरकार ने तुरंत मामले को सौंप दिया और अब जांच एजेंसी सबूतों को बढ़ा-चढ़ाकर सामने लाने की कोशिश कर रही है।

इस तरह के मामलों में कभी-कभी सच्चाई बहुत ही दुखद होती है 😔। जैसा कि हमने देखा है, विक्टिम की मां ने अपनी बेटी को सुरक्षित रखने के लिए दिल्ली में समारोह में भी जाना पड़ा था।

क्या येदियुरप्पा के खिलाफ चल रहा पॉक्सो का मामला वास्तव में राजनीतिक षड्यंत्र है, जैसे कि कर्नाटक BJP के अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र कहते हैं? या फिर इसके पीछे अन्य सामान्य कारण हो सकते हैं?
 
अरे यार, तुमने सुना है कि बीएस येदियुरप्पा पर केस चल रहा है? लेकिन पूरी जानकारी देने के पहले, मैं आपको बताता हूं कि यह मामला बहुत ही जटिल है।

उस 17 साल की लड़की ने अपनी माँ के साथ एक ब्रिटिश फिल्म में अभिनय करने के लिए चुनावित किया था। मामले की शुरुआत तब हुई जब उसकी माँ ने येदियुरप्पा पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था, लेकिन पुलिस और अदालत ने अभी तक उसे ठीक से जांच नहीं दी।

अब मामले में चार्जशीट में सीक्रेट वीडियो और सबूत मिल गए हैं, जिससे यह बात साफ हो गई है कि येदियुरप्पा ने लड़की के साथ बेवकूफी की। लेकिन सवाल यह है कि अब अदालत में उनके खिलाफ पेश होने के आदेश दिए गए हैं और जाने की जरूरत है कि वे क्या जवाब देंगे।

इस सारे मामले पर हमें राजनीतिक षडयंत्र की बात नहीं करनी चाहिए। यह एक मामला है जहां पुलिस और अदालत ने सही कदम उठाए हैं।
 
यह तो बड़ी मुश्किल है! 🤔 17 साल की लड़की के माता-पिता ने रिपोर्ट दर्ज की, लेकिन जांच एजेंसी ने भी कुछ सबूत नहीं मिले। फिर यह तो एक राजनीतिक मामला हुआ चुका है, लेकिन अब जब सबूत मिल गए हैं, तो पुलिस और अदालत दोनों को अपना रास्ता साफ करने की जरूरत है। 🚨

बस यह सवाल है कि 82 साल के येदियुरप्पा को अभी भी जेल जाने की जरूरत है? 🤷‍♂️ क्या उन्हें अब तक अपनी गलती मान लेनी चाहिए? और क्या अदालत में उनकी जमानत की स्थिति कैसी होगी? 💔

मुझे लगता है कि यह मामला अभी भी देखने को मिलेगा। पुलिस और अदालत दोनों को अपना रास्ता साफ करने की जरूरत है, और हमें देखने को मिलेगा कि अंतिम नतीजा क्या होगा। 🤞
 
बतदिया क्या हुआ, येदियुरप्पा साहब पर इतना आरोप लगा कि अब 82 साल के वो जेल जाने की संभावना है? 🤔 मुझे लगता है कि यह बहुत बड़ा सवाल है, और इसके पीछे कुछ और भी होना चाहिए। जांच एजेंसी ने 750 पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी है, लेकिन फिर भी हमें पता नहीं चला कि सच्चाई क्या है। 🤷‍♂️

क्या यह सिर्फ एक राजनीतिक विवाद था? या कुछ और भी है जो हमें बताया नहीं गया? 🤔 मुझे लगता है कि हमें इस मामले पर और अधिक जानने की जरूरत है। सिर्फ आरोप लगने से कोई चीज नहीं होती, इसके पीछे कई कारक हो सकते हैं। 💡
 
मुझे ये सब बहुत दुखद लगता है 😔 बीएस येदियुरप्पा जी को भी एक इंसान हैं और कोई भी इंसान उसकी तरह के आरोपों में नहीं फंस सकता। लेकिन सच्चाई को खोजने के लिए हमें सबकुछ सामने लेना चाहिए। यह मामला बहुत बड़ा है और जांच एजेंसी को इसे अच्छी तरह से कराना होगा।

मुझे लगता है कि बेटे नीतिष कृष्ण और उनके सहयोगी क्यों अनुपस्थित रहे, यह सवाल हमें जरूर पूछना चाहिए। और जांच एजेंसी को भी अपनी गैरहाजिरी का जवाब देना होगा।

और सबसे बड़ा सवाल यह है कि 17 साल की लड़की की माँ ने इतनी मुश्किल समय में अपनी जिंदगी खो दी, इसका सजा किस पर मिलेगी।
 
बड़ा दुःख हुआ माता के साथ 🤕। येदियुरप्पा जैसे लोगों को कभी भी ऐसा नुकसान नहीं पहुँचाना चाहिए, परन्तु उनके खिलाफ पॉक्सो का मामला शुरू होने से पहले उनकी अनुपस्थिति पर सवाल उठाए जाते तो याद आते कि क्या वास्तव में उन्होंने ऐसा इसलिए किया था क्या ? 🤔 जब तक सच पता नहीं चलता, तब तक न्याय ही नहीं होता। 🙏
 
न्याय हो तो जरूर 🤝, लेकिन यह सवाल पूछना बार-बार देखने लगे हैं कि राजनीतिक स्थिति और मामलों की जांच कैसे जुड़ी हुई है। येदियुरप्पा को अभी भी समय मिला तो अच्छा, लेकिन अब यह सवाल उठना चाहिए कि क्या उनकी उम्र और स्थिति का ख्याल रखा जाएगा।
 
मैं तो सोचता हूँ कि ये मामला कुछ भी नहीं है 🤔, चाहे वो सच्चा हो या नहीं। हमारे देश में हर किसी को खिलवाड़ मिलने का मौका मिलता है, और यही जीवन है। बीएस येदियुरप्पा को भी उनके पूर्वजों ने राजनीति में आने का अवसर दिया था, और अब वह अपने खिलाफ मामला चलाने वाले लोगों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। यह तो सिर्फ एक मामला है, और हमें चिंतित नहीं होना चाहिए। हमें यही सोचना चाहिए कि अब भारतीय न्यायपालिका और पुलिस अधिकारियों ने अच्छी तरह से मामले की जांच कर ली है, और अगर हमारा देश सच्चाई पर चलने वाला है तो तो यह मामला समाप्त होने वाला है। 🙏
 
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