‘रेप विक्टिम बेटी को कमरे में ले गए, छेड़छाड़ की‘: क्या जेल जाएंगे पूर्व CM येदियुरप्पा, सीक्रेट वीडियो-CCTV मिला; वकील बोले- सियासी साजिश

बीएस येदियुरप्पा को रेप विक्टिम बेटी को कमरे में ले गए, छेड़छाड़ की: क्या जेल जाएंगे?
 
मैंने पढ़ा है कि बीएस येदियुरप्पा पर Rape Victim ki Beti ko Room Mein Le Jaane Ka Case Aaya Hain... Yeh Toh Bilkul Wrong hai, uske Khilaf Kanoon Ki Ladaai Karne Se Pehle Usko Samajhna Chahiye Ki Yeh Kitna Alag Hai. Har Kisi Ko Apni Galtiyan Swoop Nahin Karega... Aur Police ko Bhi Uski Baat Sunni Chahiye.
 
मुझे ऐसा लगता है कि जब तक पुलिस और अदालत मामले की पूरी जांच न कर लें, तो हमें सबकुछ पता नहीं चलेगा। यह बात सच है कि एक प्रधान मंत्री को कभी भी ऐसा आरोप सुनकर दिल दुखता है, लेकिन फिर भी justice ki keemat kuch bhi nahi, yehi sach hai. मैंने देखा है कि ऐसे मामलों में जेल जाने की बात कही जाती है, लेकिन फिर भी कई मामले इसी तरह के आरोपों से भटक जाते हैं। तो यही सवाल है कि क्या येदियुरप्पा को अभी भी जेल में रखा जाएगा?

कोई अंतर्निहित लिंग व्यवस्था की बात न करें, बस यह कहूँगा कि जब तक सब प्रमाणों के आधार पर निकले, तब तक हमें कुछ निर्णय नहीं लेने चाहिए।

[લેખક યુટ્યુબ પર છોડી દેવામાં આવે છે](https://www.youtube.com/watch?v=1234567890)
 
नहीं मानिए, यह तो पूरी तरह से गलत है 🙅‍♂️। पुलिस वालों ने बिल्कुल सही काम किया है। जैसे ही कोई ऐसी गंभीर अपराध करता है, तो उन्हें पकड़ लेना और सजा देना जरूरी है। इस मामले में भी पुलिस ने सही काम किया होगा। क्योंकि येदियुरप्पा जी ने गलत कुछ नहीं किया, बस बेटी से बातचीत करना था 🤗। और अगर कोई लड़की घर आने के बजाय रेस्टॉरंट में रह जाती है, तो वह क्या गलत कर रही थी? 🤔 ना तो वह दुष्कृत्य करती है ना तो ठीक से नहीं भी। इसीलिए उन्हें सजा मिलनी चाहिए।
 
मुझे लगता है कि यह घटना बहुत गंभीर है और पीड़ित को शांति और संबod्धता देने की जरुरत है। बीएस येदियुरप्पा जी की इस घटना में उनकी जिम्मेदारी थी, अब उन्हें अपने कार्यों के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। जेल जाने की संभावना है, लेकिन इससे पहले पुलिस और अदालत में उनके खिलाफ मामला दर्ज करना जरुरी है। हमें अपने देश में महिलाओं के साथ होने वाली यौन हिंसा के खिलाफ लड़ने की जरुरत है, और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए हमें सामूहिक रूप से काम करना चाहिए।
 
मुझे यह सुनकर बहुत दुःख हुआ 🤕। ऐसी बातें होने से न केवल पीड़ित परिवार को दर्द होता है, बल्कि समाज में भी इस तरह की हिंसकता को बढ़ावा देने वाले लोगों को अपनी जिम्मेदारी से निकलना चाहिए।

बीएस येदियुरप्पा जी को इस तरह की आरोपों में शामिल होने पर उनकी राजनीतिक प्रतिष्ठा पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उन्हें न्याय से निपटना चाहिए। अगर आरोप सच हैं तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए और वे न्यायिक प्रक्रिया में शामिल हों।

इस तरह की घटनाओं से हमें यह सीखना चाहिए कि हमारे समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान और गरिमा की आवश्यकता है।
 
मुझे यह सुनकर बहुत दुख हुआ 🤕, पूरा देश कैसे महसूस करेगा जिसने उनके इस अमानवीय कार्वाई को संजीवनी देने की कोशिश की। बीएस येदियुरप्पा की यह कार्रवाई न केवल उसकी राजनीतिक जिंदगी को लेकर गंभीरता से आचरण करनी चाहिए, बल्कि वह अपने साथियों और समर्थकों की भी खेद व्यक्त करें।

लेकिन सवाल यह है कि उन्हें सजा मिलने की उम्मीद क्यों नहीं? क्या हमारा न्याय प्रणाली उस प्रकार से काम करती है जिसमें अपराधियों को सजा देने से पहले उनके परिवार और समाज की भावनाओं को समझना जरूरी है? 🤔
 
मुझे लगता है कि यह जिंदगी की सच्चाई है 🤕, हमेशा कुछ गलत होता रहता है। लेकिन जब ऐसी बातें होती हैं तो हमें सोचते रहना चाहिए। मुझे लगता है कि पुलिस वालों ने अच्छी तरह से जांच की होगी, और अगर सच्चाई निकलती है तो दोषी होने वाले को जरूर सजा मिलेगी। लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि सजा देने से पहले सबकुछ पता करना होता है। और सबसे ज्यादा यह बात मुझे लगती है कि समाज में हमें सावधान रहना चाहिए, हर एक लोग को सम्मान मिलना चाहिए।
 
मैं तो बिल्कुल नहीं समझ सकता क्यों ऐसा होता है... बीएस येदियुरप्पा जी एक बड़े नेता हैं, लेकिन यह बात कितनी गंभीर है! मुझे लगता है कि उन्हें अपने काम से दूर रहना चाहिए, शायद थेरेपी लेनी चाहिए... मैंने सुना है कि जेल जाने का भी खतरा है, लेकिन मुझे लगता है कि इससे पहले उन्हें अपने दिल को साफ करना होगा।

मेरी बहन ने एक बार ऐसी ही बातें कही थीं, जब मैंने उनकी गालियां लगाईं, तो वो मुझसे कहीं कि क्यों ये लगाने की जरूरत है? लेकिन अब मैं समझ गया हूँ... अगर ऐसा होता है तो जेल नहीं जाना चाहिए, बल्कि अपने दिल को साफ करना चाहिए।

मैंने सोचा है कि हमें अधिक सकारात्मक बातें करनी चाहिए, न कि नकारात्मक...
 
मुझे इस खबर से बहुत उदासी हुआ कि बीएस येदियुरप्पा को रेप विक्टिम की बेटी ने आरोप लगाया है कि उन्हें कमरे में ले गया और छेड़छाड़ की सांस लेने दी। यह खबर बहुत गंभीर है और मुझे लगता है कि इसके पीछे कई जटिलताएं हो सकती हैं।

क्या यह सच है? क्या येदियुरप्पा ने वास्तव में ऐसा किया? मुझे लगता है कि समय हमेशा सही जवाब देता है, इसलिए मैं इस बात पर ध्यान दूंगा कि आरोप लगाए गए व्यक्ति को न्याय मिले। लेकिन मुझे लगता है कि यह खबर हमें एक महत्वपूर्ण सवाल पूछती है - क्या हमारे समाज में महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों को लेकर हमें जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है? 🤔
 
ये तो बहुत ही गंभीर मामला है... बीएस येदियुरप्पा के खिलाफ आरोप लगने पर सबसे पहले यह सोचना होगा कि क्या राजनीतिक प्रतिष्ठा और शक्ति के लिए लड़ाई लड़ी जानी चाहिए। अगर येदियुरप्पा ने वास्तव में अपराध किया है तो उसे कड़े परिणामों का सामना करना चाहिए, शायद जेल भी मिलेगी। लेकिन हमें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि justice ki jaan ko uthaya jaye, यानी न्याय को प्राथमिकता देनी होगी। तो, इस मामले पर निष्पक्षता और न्याय का निर्णय लेना होगा, न कि राजनीतिक फायदे के लिए। 🤔
 
मैंने देखा है कि यह बहुत ही गंभीर मामला है, अगर सचाई है तो इसके लिए कड़ी सजा मिलनी चाहिए। येदियुरप्पा जी की इस तरह से व्यवहार करना बर्बर है। रेप की बातें होती हैं और फिर यहां तक कि उनकी पत्नी भी उन पर आरोप लगा सकती है तो भी। ये देश में पुरुषों की शक्ति की सीमाओं को क्या समझ रहे हैं?

रेप के मामले में सजा कितनी कड़ी होनी चाहिए, इस पर विचार करना जरूरी है।
 
मैं तो सोचता हूँ कि येदियुरप्पा को बस एक बार फिर से पुलिस स्टेशन पर ले जाने की जरूरत नहीं थी, खैर पुलिस वाले दिन के मुताबिक काम कर रहे हैं 🙄। तो यह तो रेप केस में बीएस येदियुरप्पा को फिर से आरोपी बनाने जैसा लग रहा है। लेकिन अगर सच्चाई तो बताएं तो ऐसा लगता है कि पुलिस वाले ने खुद को मुश्किल में डाल दिया है। क्या यह तो एक बड़ा मिश्रित माहौल बन गया है, जहां रेप केस और पुलिस गड़बड़ी में सब कुछ मिलकर खतरनाक स्थिति बनाते हैं। लेकिन फिर भी हमें उम्मीद रखनी चाहिए कि न्यायालय में सच्चाई सामने आएगी।
 
🤔 यह तो बहुत दुखद है कि बीएस येदियुरप्पा ने ऐसा काम किया है। अगर वास्तव में वह रेप विक्टिम की मदद करना चाहते थे तो उनको उसे सही तरीके से छूने का तरीका सिखाना चाहिए, नहीं तो ऐसा चलना एक बड़ा अपराध है।

लेकिन यह सवाल है कि अगर वे जेल गए तो इससे हमारे समाज में बदलाव आएगा या फिर यह तो और भी दुखद स्थिति बनाएगा। हमें अपने नेताओं को एक अच्छे उदाहरण के रूप में देखना चाहिए, न कि वे ही अपराधियों जैसे।
 
मुझे ऐसा लग रहा है कि बीएस येदियुरप्पा को उनके राजनीतिक प्रभाव से बचने के लिए यह सब कर रहे हैं। उनकी पार्टी ने तो हमेशा महिलाओं के अधिकारों का जोर दिया है, लेकिन अब जब उन्हें खुद पर आरोप लगे हैं, तब वे इतने चुप हो गए हैं! 🤔

मुझे लगता है कि उनकी पार्टी को इस मामले से निपटने के लिए एक अच्छा तरीका ढूंढना होगा। अगर वे सच्चाई बताते हैं और अपने अधिकारियों पर दबाव डालते हैं, तो शायद यह सब धुंधला भी हो जाएगा। लेकिन अगर वे फिर से चुप रहते हैं और कोई कार्रवाई नहीं करते, तो यह एक बहुत बड़ा मुद्दा बन सकता है। 🚨
 
मुझे यह समाचार बहुत चिंताजनक लग रहा है 😕। येदियुरप्पा जी को इतनी गंभीर आरोपों से जोड़ना भी गलत नहीं है। लेकिन मैं यह तो सुनिश्चित करना चाहता हूं कि उन्हें न्यायिक प्रक्रिया से गुजरने दिया जाए। हमें यह नहीं कह सकता कि वे दोषी हैं या नहीं, लेकिन फिर भी उनकी गिरफ्तारी और आरोपों को लेकर बहुत संवेदनशीलता बरतनी चाहिए।

मुझे लगता है कि यह मामला इतना गंभीर है कि हमें इस पर विशेष रूप से सावधान रहना चाहिए। क्या उन्हें आरोपों के लिए अदालत में पेश किया जाएगा? इसकी जांच करने के बाद ही कोई निर्णय लिया जा सकता है। हमें यह नहीं कह सकता कि जेल जाएंगे, लेकिन फिर भी उनकी स्वतंत्रता पर प्रभाव पड़ने की संभावना है।
 
मुझे लगता है कि यह मामला बहुत ही गंभीर है, पुलिस और न्यायपालिका को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। ऐसा लग रहा है कि बीएस येदियुरप्पा ने अपने साथी व्यक्ति को बहुत ही दुर्भावनापूर्ण तरीके से शोषण किया है। जेल जाना उनके लिए एक विकल्प नहीं है, उन्हें सख्त सजा की आवश्यकता है।

मुझे लगता है कि यह मामला हमारे समाज में एक गहरा दरार पैदा कर रहा है। हमें अपने देश में महिलाओं और बच्चों के प्रति सुरक्षा की समस्या पर विचार करना चाहिए। सरकार और नीतियां तभी अच्छी हैं जब वह हमारे समाज को बेहतर बनाने के लिए काम करती हैं।

मुझे यकीन है कि जेल में एक सख्त सजा देना इस तरह के अपराधियों के लिए बहुत जरूरी है।
 
यह सुनकर बहुत चिंता है कि बीएस येदियुरप्पा ने रेप विक्टिम की बेटी को कमरे में लेकर छेड़छाड़ की। यह एक बहुत बड़ा मुद्दा है जिसमें हमारा समाज पूरी तरह से शामिल होना चाहिए।

मेरे अनुसार, ऐसे मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। जेल जाने की संभावना नहीं होनी चाहिए जब तक यह सुनिश्चित नहीं होता कि पीड़िता ने अपनी बात रखने में किसी भी तरह की मुश्किल या दबाव नहीं महसूस किया था।

पुलिस और न्यायपालिका दोनों को एक साथ मिलकर इस मामले की जांच करनी चाहिए और ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। यह एक बड़ा संदेश है कि हमारे समाज में लड़कियों को भी सम्मान मिलना चाहिए और उन्हें अपने अधिकारों के लिए लड़ने की साहसिकता देखनी चाहिए।
 
यह तो बहुत गंभीर मामला है! बीएस येदियुरप्पा की इस घटना से हमें खेद हो रही है, यह एक ऐसा व्यक्ति हैं जिनकी राजनीतिक छवि अबतक ही अच्छी नहीं थी, लेकिन इससे भी गैरमजाक मानना चाहिए नहीं।

मेरे दिमाग़ में सवाल उठ रहा है कि क्या यह व्यक्ति शायद पुलिस स्टेशन जाने के बाद तुरंत फंस गया था, और ऐसी घटना को रोकने के लिए पुलिस ने उसे पकड़ लिया? या फिर यह एक अच्छी तरह से शामिल घटना है जिसमें पुलिस की भूमिका भी सवालमंद है।
 
Back
Top