राहुल गांधी जी के नेतृत्व में कांग्रेस में बदलाव से पहले वहां एक बड़ा ट्रिगर मिलना जरूरी था। हमारे पास पार्टी विचारधारा को समझने वाले लोग नहीं हैं। दूसरे देशों की राजनीति को देखकर भारतीय लोगों को समझाना चाहिए।
राहुल गांधी जी के नेतृत्व में कांग्रेस में बदलाव होना तो बहुत अच्छी बात है... क्या मैने तयारी नहीं कर लिया था? उन्होंने पार्टी विचारधारा को समझने के लिए एक बड़ा ट्रिगर चुना, और फिर से देश को जीना है... मुझे लगता है कि इस बार वह हमें सही दिशा में ले जाने वाले। पार्टी के अन्य नेताओं की तरह उन्होंने राजनीतिक जिम्मेदारियों को समझा।
राहुल गांधी जी की नेतृत्व में कांग्रेस में बदलाव करने से पहले उनके पास अपने बारे में समझने वाले लोगों से नहीं पता है कि क्या करें। हमारे पास पार्टी की विचारधारा को समझने वाले लोग नहीं हैं, इसलिए फिर भी वह उन्हें बताना चाहिए कि कांग्रेस की राजनीति कैसे करनी है और हमारे देश में इसका स्थान कहाँ है। दूसरे देशों की राजनीति को देखकर भारतीय लोगों को समझाना चाहिए।
कांग्रेस में बदलाव से पहले ट्रिगर्स मिलने का यह बहुत ही जरूरी और महत्वपूर्ण कदम है , क्योंकि अगर हमारे पास ऐसे लोग न हों जो इस बदलाव को समझ सकें, तो आगे चलने वाले काम में देरी होने का खतरा रहता है। लेकिन यह देखकर आश्चर्य होता है कि हमारे पास ऐसे लोग हैं जो दूसरे देशों की राजनीति को पढ़कर भारतीय लोगों को समझाने में असफल रहते हैं। हमें अपने देश की स्वायत्तता और विशेषताओं को समझने की जरूरत है, न कि दूसरे देशों की राजनीति को अनुकूल बनाने की।
कांग्रेस में बदलाव के साथ ही पार्टी की नई दिशा को समझने के लिए तैयार नहीं थे। जैसे ही राहुल गांधी जी नेतृत्व कर रहे हैं तो उन्हें अपने निर्णयों के पीछे क्या तर्क बताना चाहिए। हमारी पार्टियों में अधिक संवाद और समझदारी की जरूरत है। दूसरे देशों की राजनीति में भी ऐसे ही बदलाव आ रहे हैं, यहाँ पर हमें अपनी पार्टी को तैयार करना चाहिए, न कि दूसरों को।
मुझे लगता है कि अगर हमें पहले से ही बदलाव करना होता, तो क्यों नहीं? शायद अगर हमने पहले ही बदलाव किया, तो यह ट्रिगर मिलने से पहले ही पता चल जाता। लेकिन फिर भी, मुझे लगता है कि बदलाव जरूरी था, लेकिन कैसे और कब? हमें लगता है कि दूसरे देशों की राजनीति से सबक लेना चाहिए, लेकिन हमारे पास यह ज्ञान नहीं है।
मुझे लगता है कि अगर हम दूसरे देशों की राजनीति से सबक लेते, तो फिर भी हमें अपनी पार्टी की विचारधारा को समझने में असफल रहेंगे। और अगर हमने पहले ही बदलाव किया, तो यह सब एक बड़ा अनुभव था जिसने हमें सिखाया। लेकिन क्या हमें कभी भी गलती करनी चाहिए?
कांग्रेस में बदलाव से पहले ट्रिगर मिलना जरूरी था। हमारे पास विचारधारा को समझने वाले लोग नहीं हैं। दूसरे देशों की राजनीति को देखकर भारतीय लोगों को समझाना चाहिए, यही समस्या है। हमें अपनी पार्टी की स्थिति को समझने की जरूरत है और उसे सही दिशा में बदलने की जरूरत है।
मैं समझ नहीं पाऊं क्योंकि वहां कांग्रेस में बदलाव से पहले ट्रिगर तो ही ज़रूरी था। हमारे देश में लोगों की शिकायतें सुनना जरूरी है, ताकि पार्टी विचारधारा को समझ कर आगे बढ़ सके। लेकिन कभी-कभी मुझे लगता है कि हमारे देश में राजनीति करने वाले लोग दूसरे देशों से तुलना कर सकते हैं और समझ नहीं पाते कि हमारे देश की स्थिति अलग-अलग है।
राहुल जी के नेतृत्व में कांग्रेस को बदलना एक अच्छा विचार है , लेकिन उनके पास पहले से ही अपनी टीम बनाने का एक बड़ा मौका मिल गया। वहीं तो दूसरे देशों की राजनीति को हमारे देश के अनुसार समझाने की जरूरत नहीं है, हमें अपने विचारधारा को समझने की जरूरत है। लेकिन ऐसा लगता है जैसे हमें पहले से ही पता होना चाहिए।
राहुल जी की नेतृत्व में कांग्रेस में बदलाव करने का फैसला तो जरूर ही एक अच्छा विचार है ... लेकिन इस बदलाव से पहले उसमें खफा करने के लिए यहाँ पर एक बड़ा ट्रिगर आना चाहिए ... हमारे पास ऐसे लोग नहीं हैं जो कांग्रेस की पार्टी विचारधारा को समझ सके। शायद दूसरे देशों में राजनीति की तरीकों से हमारे लोगों को समझाना चाहिए ... हम तो बस बस अपने जीवन को जीना चाहते हैं और सरकार की बातें तो सुनने देते हैं।
राहुल गांधी जी के नेतृत्व में कांग्रेस में बदलाव से पहले वहां एक बड़ा ट्रिगर मिलना जरूरी था। हमारे पास पार्टी विचारधारा को समझने वाले लोग नहीं हैं, यह बात सच है। दूसरे देशों की राजनीति को देखकर भारतीय लोगों को समझाना चाहिए, लेकिन हमें अपनी स्थिति और समस्याओं को समझना होगा। कोई बदलाव करने का फैसला तो लेना ही, लेकिन उसके पीछे जरूरी है एक ठोस योजना और विचार। अगर नहीं तो समाज में असंतुष्टता बढ़ जाएगी।
राहुल गांधी जी की नेतृत्व में कांग्रेस में बदलाव हुआ तो उसमें बड़ा ट्रिगर मिलना जरूर था। हमारे पास ऐसे लोग नहीं हैं जो पार्टी विचारधारा को समझ सकें। दूसरे देशों की राजनीति को देखकर भारतीय लोगों को समझाना चाहिए। हमें अपनी पार्टी के बारे में सोच-विचार करने की जरूरत है।
Wow , अरे ये सच में सच है... हमारी पार्टियों की विचारधारा को समझने वाले लोग जरूरी नहीं हैं। हम देश को बदलाने के लिए सिर्फ ट्रिगर्स और राजनीति की कला जानते हैं। दूसरे देशों की राजनीतिक सेटिंग को समझने की जरूरत है ताकि हम अपने देश को सही दिशा में ले सकें। राहुल गांधी जी ने अच्छे विचार लेकर आगे बढ़े हैं, बस अभी उनके पीछे लोगों को साथ लेने की जरूरत है।
मैंने इस बात पर सोचा , कांग्रेस में बदलाव करने की बात करते हुए राहुल गांधी जी हमेशा दूसरे देशों की राजनीति को लेकर तालमेल बनाने की कोशिश करते रहते हैं। लेकिन यहाँ हमारे पास ऐसे लोग नहीं हैं जो पार्टी विचारधारा को समझ सके।
दूसरों देशों में राजनीति की तरक्की करने के लिए हमें अपनी स्थिति को समझना चाहिए। हमें खुद को समझने की जरूरत है ताकि हम अपनी पार्टी को और भी आगे बढ़ा सकें।
राहुल गांधी जी नेतृत्व कर रहे हैं तो यह अच्छा है , हमें उम्मीदें हैं। लेकिन बदलाव करने से पहले ट्रिगर मिलना जरूरी नहीं था। हमारे पास भी कुछ ऐसे लोग हैं जो राजनीति में दिलचस्पी रखते हैं।
मुझे लगता है कि हमें अपनी पार्टी विचारधारा को समझने के लिए कुछ नया करना चाहिए। हम दूसरे देशों की राजनीति को देखकर जरूर सीख सकते हैं। लेकिन, हमें अपने स्वयं के तरीकों पर भी विश्वास करना चाहिए।
कुछ ऐसा करना चाहिए जिससे युवाओं में रुचि उत्पन्न हो। उन्हें राजनीति में शामिल होने के लिए प्रेरित करना चाहिए। हमारी पार्टी को नई ऊंचाइयों पर पहुंचने के लिए कुछ नया करना जरूरी है।
कांग्रेस में बदलाव की बात सुनते समय मुझे लगता है कि हमारे पास ऐसे लोग नहीं हैं जो अपनी पार्टी की दिशा पर विश्वास कर सकें। अगर राहुल गांधी जी नेतृत्व करते हैं तो पहले से यह जरूरी था कि वे वहां एक बड़ा ट्रिगर मिले। हमारे पास ऐसे लोग नहीं हैं जो अपने देश की राजनीति को समझ सकें और अगर हम दूसरे देशों की राजनीति को देखकर भारतीय लोगों को समझाने की कोशिश करते हैं तो यह सिर्फ एक मजाक है।
राहुल गांधी जी के नेतृत्व में कांग्रेस में बदलाव की बात है, तो यह जरूर अच्छा सोचा गया है। लेकिन सचमुच बदलाव करने के लिए पहले उन्हें अपने पार्टी विचारधारा को समझना होगा। हमारे देश में राजनीति बहुत जटिल है, और यहां किसी भी बदलाव से पहले सबको एक हाथ मिलाना पड़ता है। और फिर तो दूसरे देशों की राजनीतिक समस्याओं को हम अपनी तरीके से हल करने की कोशिश करते हैं।
अरे, यह तो एक बड़ा मोड़ है! राहुल जी ने पार्टी में बदलाव लाने का फैसला किया है, और पहले से ट्रिगर मिलना जरूरी था। हमारे देश में विचारधारा को समझने वाले लोग कम हैं। तो फिर भी पार्टी को अपनी राजनीति को दूसरे देशों की तरह समझाना चाहिए। भारतीय लोगों को हमें दिखाना चाहिए कि उनकी विचारधारा क्या है और हमें कैसे आगे बढ़ाया जा सकता है।
राहुल गांधी जी के नेतृत्व में कांग्रेस में बदलाव से पहले ट्रिगर बहुत जरूरी था। हमारे पास पार्टी विचारधारा को समझने वाले लोग नहीं हैं और दूसरे देशों की राजनीति को देखकर भारतीय लोगों को समझाना चाहिए ताकि हमें अच्छे नेता बनाने में मदद मिले। लेकिन अगर हमारी पार्टी विचारधारा को समझने वाले लोग नहीं हैं और दूसरों से सीखते रहते हैं तो शायद हमारी पार्टी अपने आप मजबूत बन सकती है।
मुझे लगता है कि कांग्रेस में बदलाव के लिए ट्रिगर को अच्छी तरह से समझना जरूरी है। अगर हमारे पास उसे समझने वाले लोग नहीं हैं, तो फिर यह बदलाव सफल निकलेगा या नहीं, इसकी गारंटी नहीं है
मुझे लगता है कि हमें दूसरे देशों की राजनीति को अच्छी तरह से समझना चाहिए और फिर उसे भारतीय लोगों को समझाना चाहिए। अगर हम अपने पार्टी विचारधारा को अच्छी तरह से समझते हैं तो ही बदलाव की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
क्या सरकार की नई नीति में लोगों के जीवन में फायदा होने वाला है? या यह बस पार्टी के लिए एक रणनीति है? ऐसे सवालों पर खुलकर चर्चा करनी चाहिए ताकि बदलाव सफल निकले।