मुझे लगता है कि राहुल-प्रियंका जोड़ी में थोड़ा सा बदलाव जरूरी है। उनकी राजनीतिक यात्रा तो बहुत ही लंबी और खूबसूरत है, लेकिन अब समय है कि उन्हें अपने संगठनों में भी थोड़ा बदलाव लाना चाहिए। देखें, जितनी ही स्थिरता और अनिश्चितता के बीच रूढ़िवादीपन बढ़ता है, हमारी राजनीति कमजोर होती रहती है।
मुझे लगता है कि उन्हें अपने संगठनों में नई ऊर्जाएं और नए विचारों को लाने की जरूरत है। क्या नहीं? एक बार फिर, जैसे कि हमने देखा था, जब राहुल कुमार गांधी ने अपनी पहली पुस्तक लिखी, तो उसकी खूबसूरती और सादगी ने हमें बहुत अच्छी तरह से पसंद आकर्षित किया था।
तो मैं समझता हूं, बदलाव की जरूरत है, और अगर वह बदलाव होता है तो मुझे खुशी होगी।