राहुल गांधी पर 'पप्पू' नारों के पीछे एक रहस्य
अक्सर हम सुनाते रहते हैं कि राहुल गांधी अपने समर्थकों का दिल जीतने के लिए विशेष उपाय करते हैं। लेकिन, कुछ ऐसे उदाहरण भी हैं जहां उनकी ईमानदारी पर सवाल उठते हैं।
राहुल गांधी को अक्सर एकमात्र ईमानदार और ज्ञानी समझा जाता है, लेकिन जमीनी हकीकतें कुछ अलग हैं। उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने का मौका नहीं मिलता। उनके करीबी अपनी अपनी दुनिया बनाकर रखते हैं और राहुल को अक्सर 'निर्वासन' में रखते हैं।
उनकी इस तरह की नीति से राहुल गांधी अपनी जानबूझकर नेतृत्व प्रणाली पर विश्वास करते हैं। लेकिन, जब सवाल उठते हैं तो वे इमरजेंसी में भी 6 महीने से अधिक समय लगाते हैं।
उनके समर्थकों का कहना है कि राहुल गांधी निस्वार्थ सेवा की बजाय अपनी जेब भरने में व्यस्त रहते हैं। इससे उनकी राजनीति में अस्तित्व खत्म हो सकता है।
इसलिए, नवजोत कौर सिद्धू ने सलाह दी है कि राहुल गांधी मौजूदा सरकार के खिलाफ बोलें, फाइलें खोलें और सच का सामना करें। अगर नहीं तो उनकी राजनीति में अस्तित्व खत्म हो जाएगा।
अक्सर हम सुनाते रहते हैं कि राहुल गांधी अपने समर्थकों का दिल जीतने के लिए विशेष उपाय करते हैं। लेकिन, कुछ ऐसे उदाहरण भी हैं जहां उनकी ईमानदारी पर सवाल उठते हैं।
राहुल गांधी को अक्सर एकमात्र ईमानदार और ज्ञानी समझा जाता है, लेकिन जमीनी हकीकतें कुछ अलग हैं। उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने का मौका नहीं मिलता। उनके करीबी अपनी अपनी दुनिया बनाकर रखते हैं और राहुल को अक्सर 'निर्वासन' में रखते हैं।
उनकी इस तरह की नीति से राहुल गांधी अपनी जानबूझकर नेतृत्व प्रणाली पर विश्वास करते हैं। लेकिन, जब सवाल उठते हैं तो वे इमरजेंसी में भी 6 महीने से अधिक समय लगाते हैं।
उनके समर्थकों का कहना है कि राहुल गांधी निस्वार्थ सेवा की बजाय अपनी जेब भरने में व्यस्त रहते हैं। इससे उनकी राजनीति में अस्तित्व खत्म हो सकता है।
इसलिए, नवजोत कौर सिद्धू ने सलाह दी है कि राहुल गांधी मौजूदा सरकार के खिलाफ बोलें, फाइलें खोलें और सच का सामना करें। अगर नहीं तो उनकी राजनीति में अस्तित्व खत्म हो जाएगा।