बतीजी तो ये सरकार कैसे बन रही है, खुद विदेशी मेहमानों से नहीं मिलना चाहती। क्या यहाँ कोई और समस्या है?
प्रधानमंत्री जी ने भी कहा है कि हमें स्वाभाविक विरोध करना चाहिए, लेकिन ये तो समझ नहीं आ रहा कि किस विरोध का बोलबाला है। और मुस्लिम लीग ने हमारे देश की स्वतंत्रता को खतरा दिया था, इसकी वजह से क्यों चर्चा में आना चाहिए? 