रोहिणी ने आजाद समाज पार्टी का बैंक स्टेटमेंट वायरल किया: सांसद चंद्रशेखर से पूछा- पार्टी फंड में ढाई करोड़ रुपए, समाज के लिए क्या किया? - Indore News

आजाद समाज पार्टी की आर्थिक स्थिति के बारे में रोहिणी ने जो वायरल बैंक स्टेटमेंट शेयर किया है, वह परेशान करने वाला है। यहां तक कि उसकी पार्टी भी अपने पैसों का खाता सार्वजनिक कर रही है।

चंद्रशेखर आजाद को चुनाव लड़ने से पहले 20 दिसंबर 2024 को इस बिल्डिंग में 10 करोड़ रूपये की व्यवस्था की थी। और अब यह बिल्डिंग पूरे वर्ष में केवल एक साल में 2.49 करोड़ रुपये तक सीमित होने का दावा भी करती है। इस तरह चंद्रशेखर आजाद ने अपनी पार्टी को और उसके स्वयं पर विश्वास ही नहीं रखा था।
 
Wow :) तो ऐसा लगता है कि आर्थिक स्थिति बहुत खराब है, बिल्डिंग में इतने दिनों तक 10 करोड़ रुपये निकलने में इतनी कम आय, और अब चंद्रशेखर आजाद पार्टी को यही बताना पड़ा कि हमारी पार्टी की व्यवस्था साल में केवल एक साल में 2.49 करोड़ रुपये तक ही सीमित है। Interesting :) 🤔
 
मुझे लगता है कि रोहिणी की बातें तो फ्रॉड जैसी लग रही हैं 🤑, ये कैसे संभव होगा कि एक साल में इतनी कम पैसे आने का दावा कर दिया जाए। और चंद्रशेखर आजाद ने ऐसा क्यों किया, क्या उसकी पार्टी को विश्वास नहीं था? लेकिन यह सवाल है कि रोहिणी की बातें कितनी सच्ची हैं, क्या वह वास्तव में 10 करोड़ रुपये से कम पैसे आने का दावा कर रही है?
 
मुझे ऐसी बातें तो कभी नहीं मानी जातीं, लेकिन रोहिणी के उस बैंक स्टेटमेंट ने मेरी समझ को भटका दिया है। क्या वास्तव में हमारी पार्टियाँ इतनी ईमानदार होती हैं? क्या उनके पास इतनी सारी पैसों की जानकारी है? मुझे लगता है कि यह सब एक बड़ा खेल है, और हमारे लिए यह एक बड़ी चुनौती है।
 
मैंने जो देखा है, तो चंद्रशेखर आजाद साहब की पार्टी का आर्थिक स्थिति तो बहुत जरूरी मुद्दा है। लेकिन यह भी सच है कि चुनाव में हर पक्ष अपने हिसाब से बात करता है, और यह भी नहीं कहा जा सकता कि वे सब सत्य बताने के लिए तैयार नहीं हैं।
 
ਮैं ਸोचਦਾ ਹੈ ਕਿ ਚੰਦਰਸ਼ੇਖ਼ਰ ਅਜ਼ਾਦ ਨੂੰ ਆਪਣੀ ਪਾਰਟੀ ਦੀ ਅਸਥਿਰਤਾ ਬਾਰੇ ਕਹਿਣ 'ਚ ਜ਼ੋਰ ਨਾ ਲੈ। ਉਸ ਨੂੰ ਆਪਣੀ ਪਾਰਟੀ ਦੀ ਅਸਥਿਰਤਾ 'ਚੋਂ ਕੁਝ ਨਹੀਂ ਲੈ ਗਿਆ, ਮੇਰਾ ਵੀ ਮੰਨਣਾ ਹੈ।

ਸਭ ਤੋਂ ਜ਼ਿਆਦਾ ਚੰਦਰਸ਼ੇਖ਼ਰ ਅਜ਼ਾਦ ਨੂੰ ਕਿਵੇਂ ਸੁਪਨਾ ਬਣਿਆ ਹੈ।
 
भाई, यह तो बहुत गंभीर मुद्दा है... आर्थिक स्थिति इतनी खराब है कि उनके पैसों का खाता सार्वजनिक करने का विचार तो और भी बड़ा ही परेशान करने वाला है। यहां तक कि उनकी पार्टी भी अपने पैसों को इतनी खराब रीति से लगा रही है कि यह देखकर मुझे खेद होती है।

और चंद्रशेखर आजाद जी ने ऐसा कैसे किया, उनकी योजना तो बहुत अच्छी थी, लेकिन अब यह देखकर लगता है कि उनके पास विश्वास नहीं था। और इस तरह की बातें सोशल मीडिया पर वायरल होने से उनकी पार्टी को बहुत नुकसान पहुंचेगा।

मुझे लगता है कि यह एक बड़ा सबक है, भाई... हमें अपने पैसों को और अपने पार्टी को अच्छी तरह से प्रबंधित करना चाहिए।
 
मुझे लगता है कि आर्थिक स्थिति के बारे में जानकारी एक ओर यह दिखा रही है कि पार्टियों को अपने व्यवसाय की अच्छी निगरानी करने की जरूरत है। लेकिन दूसरी ओर यह भी साबित करती है कि अगर कोई ऐसा वादा कर रहा है तो उसको पूरा नहीं करना चाहिए। 10 करोड़ रूपये का निवेश करना और फिर एक साल में इतनी कम सीमित होने का दावा करना बिल्कुल सही नहीं लगता।
 
रोहिणी की बैंक स्टेटमेंट परेशान कर रही है 🤯, लेकिन याद रखना जरूरी है कि यह तो पार्टी के पैसों की बात है, न कि उसके विचारों की। अगर आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी, तो फिर चंद्रशेखर आजाद ने क्या गलतियाँ कर लीं? इसकी जांच करने की जरूरत है।
 
आर्थिक स्थिति में ऐसी बातें सुनकर दिल खुशन होता है। लेकिन ये तो आर्थिक स्थिति के हिसाब से नहीं, बल्कि पार्टी की राजनीतिक रणनीति से बोल रही हैं। जैसे की 10 करोड़ रुपये व्यवस्था करना और फिर एक साल में यह 2.49 करोड़ तक ही पहुंचाना। तो ये तो पार्टी ने अपने वोटों को दिलाने के लिए इतनी छोटी राशि पर ध्यान केंद्रित किया है।
 
अरे यार, यह तो एक बड़ा झगड़ा है! मुझे लगता है कि रोहिणी की बातें पूरी तरह से सच हो सकती हैं। आजाद समाज पार्टी ने बहुत से लोगों को आकर्षित करने की कोशिश की है, लेकिन इसके पीछे क्या वास्तविकता है? मुझे लगता है कि चंद्रशेखर आजाद ने अपनी पार्टी को बहुत ही कमजोर बना दिया है। और रोहिणी की बातें सुनकर मुझे लग रहा है कि पार्टी की व्यवस्था भी बहुत ही खराब है। 🤑
 
अरे, यह तो बहुत ही रोचक बात है! मैंने अभी भी याद कर लिया है जब चंद्रशेखर आजाद की पार्टी ने 10 करोड़ रूपये की व्यवस्था की थी, और अब दावा है कि यह सिर्फ एक साल में 2.49 करोड़ तक रह जाती है। यह तो एक अलग दुनिया की बात है! 🤯

मैं समझता हूँ, आर्थिक स्थिति पर पार्टी के दावों को संदेह में लाना जरूरी है, खासकर जब यह इतनी बड़ी संख्या में हो। लेकिन एक ओर, चंद्रशेखर आजाद ने अपनी पार्टी और उसके स्वयं पर विश्वास किया था, जो एक अच्छा अनुभव हो सकता है लेकिन दूसरी ओर, यह भी सही कहा जा सकता है कि आर्थिक स्थिति में कमजोरी को पहचानने और सुधारने की जरूरत है। 🤔
 
मैंने बिल्कुल ऐसी स्थिति देखी है जब कोई पार्टी आर्थिक मुश्किलों की वजह से अपने नेता को चुनाव लड़ने देने की नहीं थी। आजाद समाज पार्टी जैसी पार्टियाँ हमेशा विदेशी धन की मदद से चली आती हैं, लेकिन वास्तविकता तय कर लें। मैं चंद्रशेखर आजाद को विश्वास था और मुझे लगता है कि उसके नेतृत्व में पार्टी ने बहुत अच्छा काम किया। फिर भी ऐसी स्थितियाँ आ जाती हैं जब हमें अपने नेताओं पर विश्वास करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है।
 
मुझे लगता है कि यह तो बहुत बड़ा झूठ है 😒। 10 करोड़ रूपये में इतनी छोटी सी इमारत बनाने कैसे? और फिर वह बिल्डिंग एक साल में केवल 2.49 करोड़ तक सीमित होने का दावा कर रही है! यह तो पूरी तरह से असंभव है। और चंद्रशेखर आजाद ने अपनी पार्टी को इतना विश्वास नहीं किया था, इसका मतलब है कि वह बहुत जिम्मेदार या ईमानदार नहीं थे। मुझे लगता है कि यह आरोप एकदम सत्य साबित होना चाहिए।
 
देखो, यह जानकारी सच्ची तो है! लेकिन समझना भी जरूरी है। चंद्रशेखर आजाद की पार्टी ने बिल्डिंग में इतना पैसा खर्च किया, फिर इतना सीमित कर दिया? यह तो सोच-समझकर नहीं किया गया। और उनकी पार्टी भी अपने पैसों का खाता सार्वजनिक करने की जानबूझकर बात नहीं करती। यह सब कुछ एक बड़ी चुनौती है उन्हें फिर से।
 
वाह, यह तो बहुत बड़ा पतन है! पहले उनका दावा था कि उनकी पार्टी न्यूनतम 5 करोड़ से अधिक खर्च करती है, लेकिन अब यह 2.49 करोड़ तक ही सीमित होने का दावा कर रही है। यह तो मुझे लगता है कि उन्हें अपने पैसों की गणना करने में भी थकान लग गई है! 😂🤑
 
नेताओं के पास आर्थिक स्थिति की बात करने की जरूरत नहीं है, उनकी व्यवस्था सार्वजनिक होनी चाहिए। यह चंद्रशेखर आजाद को मिली थी, वह तो एक राजनीतिक नेता है, लेकिन ऐसी हालत में उसकी पार्टी के नेताओं पर सवाल उठने चाहिए। अगर वे अपने पैसों का खाता सार्वजनिक करने नहीं देते, तो क्यों? यह जानना जरूरी है कि वे अपने पैसों का उपयोग कर रहे हैं या नहीं।
 
😐 ऐसा लगता है कि आर्थिक स्थिति बार-बार खुलकर दिखाई देती जा रही है। मुझे लगता है कि चंद्रशेखर आजाद ने अपनी पार्टी को और उसके नेताओं को भी यथेश्चित रूप से सावधान रहना चाहिए। 10 करोड़ रुपये व्यवस्था करने से पहले ऐसा मैनेजमेंट नहीं था, तो फिर क्यों अब इतने कम पर दावा किया जा रहा है? 🤔
 
सोशल मीडिया में यह वायरल बैंक स्टेटमेंट हुआ तो मुझे लगा है कि पार्टी की आर्थिक स्थिति साफ़ सोचकर बताई जानी चाहिए। 10 करोड़ रुपये की व्यवस्था करना और फिर एक साल में यह इतनी कम सीमित होने का दावा करना तो एक तरफ खल्लारी आ रही है और दूसरी तरफ पार्टी की विश्वासियों को परेशान कर रही है।
 
😱 आगरे की आजाद समाज पार्टी की आर्थिक स्थिति तो देखकर मुझे अच्छा लगा ना? 10 करोड़ रुपये की व्यवस्था करना और एक साल में सिर्फ 2.49 करोड़ तक ही सीमित होना। यह तो पार्टी की आर्थिक स्थिति पर बहुत बुरा दिखता है। लेकिन यह जानकारी हमेशा याद रखनी चाहिए कि पैसे ही नहीं हैं जो एक नेता को सही बनाते हैं, सच्चाई और नैतिकता ही सबसे महत्वपूर्ण होती है।
 
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