रोहिणी ने सांसद चंद्रशेखर को 2.49 करोड़ बैंक बैलेंस दिखाया, लेकिन समाज का क्या फायदा?
डॉ. रोहिणी घावरी, यूपी की नगीना सीट से मौजूदा, सांसद चंद्रशेखर आजाद की एक्स गर्लफ्रेंड, पार्टी का बैंक अकाउंट दिखाने वाली है। इस अकाउंट में 2.49 करोड़ रुपयों की बैंक बैलेंस है, जिसमें कई लोगों ने चंदा दिया है।
रोहिणी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर जो पेज शेयर किया था, उसमें पार्टी के अकाउंट में अप्रैल की शुरुआत में 2.49 करोड़ बैंक बैलेंस है। इसमें 4 और 5 अप्रैल को 22 लाख रुपयों आरटीजीएस के जरिए निकाले गए, जबकि 4 अप्रैल को ही 10 लाख रुपये जमा किए गए। इसके अलावा, 2 से 5 अप्रैल के बीच कई लोगों ने अकाउंट में रुपये ट्रांसफर किए थे।
इस पार्टी का यह अकाउंट, डॉ. रोहिणी घावरी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया है। इसमें 4 और 5 अप्रैल को 22 लाख रुपयों आरटीजीएस के जरिए निकाले गए, जबकि 4 अप्रैल को ही 10 लाख रुपये जमा किए गए। इसके अलावा, 2 से 5 अप्रैल के बीच कई लोगों ने अकाउंट में रुपये ट्रांसफर किए थे।
डॉ. रोहिणी ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करते हुए कहा, "विपक्ष में रहते हुए भी सत्ता का सुख भोगने वालों को दलाल कहा जाता है। सत्ता से लड़ने वालों को जेल, ED के छापे और संघर्ष नसीब होता है ना कि टाइप 8 बंगला, करोड़ों की फंडिंग और Y+सुरक्षा।"
डॉ. रोहिणी घावरी, यूपी की नगीना सीट से मौजूदा, सांसद चंद्रशेखर आजाद की एक्स गर्लफ्रेंड, पार्टी का बैंक अकाउंट दिखाने वाली है। इस अकाउंट में 2.49 करोड़ रुपयों की बैंक बैलेंस है, जिसमें कई लोगों ने चंदा दिया है।
रोहिणी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर जो पेज शेयर किया था, उसमें पार्टी के अकाउंट में अप्रैल की शुरुआत में 2.49 करोड़ बैंक बैलेंस है। इसमें 4 और 5 अप्रैल को 22 लाख रुपयों आरटीजीएस के जरिए निकाले गए, जबकि 4 अप्रैल को ही 10 लाख रुपये जमा किए गए। इसके अलावा, 2 से 5 अप्रैल के बीच कई लोगों ने अकाउंट में रुपये ट्रांसफर किए थे।
इस पार्टी का यह अकाउंट, डॉ. रोहिणी घावरी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया है। इसमें 4 और 5 अप्रैल को 22 लाख रुपयों आरटीजीएस के जरिए निकाले गए, जबकि 4 अप्रैल को ही 10 लाख रुपये जमा किए गए। इसके अलावा, 2 से 5 अप्रैल के बीच कई लोगों ने अकाउंट में रुपये ट्रांसफर किए थे।
डॉ. रोहिणी ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करते हुए कहा, "विपक्ष में रहते हुए भी सत्ता का सुख भोगने वालों को दलाल कहा जाता है। सत्ता से लड़ने वालों को जेल, ED के छापे और संघर्ष नसीब होता है ना कि टाइप 8 बंगला, करोड़ों की फंडिंग और Y+सुरक्षा।"