रोहतक MDU पीरियड्स केस की SC में सुनवाई: केंद्र-हरियाणा सरकार को नोटिस; बैंच बोली- कर्नाटक में मासिक धर्म के दौरान छुट्टी दे रहे - Haryana News

रोहतक MDU में महिलाओं से उनकी प्राइवेट पार्ट की फोटो लेने की घटना के बाद, न्यायालय ने केंद्र और हरियाणा सरकार को नोटिस भेजा, जिसमें कहा गया है कि वे इस मामले पर सुनवाई करने के लिए तैयार हैं। एससीबीए ने दावा किया है कि महिलाओं की गोपनीयता का उल्लंघन हुआ और उन्हें सभ्य कार्य का अधिकार है।

महिलाएं मासिक धर्म से गुजर रही थीं, तीन महिला सफाई कर्मचारियों ने शिकायत दी, जिन्हें पहले तो अस्वस्थ बताया गया, लेकिन परिसर की सफ़ाई करने के लिए मजबूर किया गया। फिर उन्हें यह साबित करने को कहा गया था कि वे मासिक धर्म से गुज़र रही हैं।

महिलाओं ने आरोप लगाया कि दो सुपरवाइजरों ने उनसे यह कहा, "आप सहायक रजिस्ट्रार के आदेशों का पालन कर रही हैं।" कथित तौर पर आपराधिक धमकी, यौन उत्पीड़न, एक महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने की मंशा, और एक महिला पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग करने के आरोपों के तहत पहली प्राथमिकति दर्ज की गई है।
 
यह तो बहुत दुखद बात है कि ऐसी घटनाएं हो रही हैं 🤕। लोग सोचते हैं कि मासिक धर्म का समय है, तब भी काम करना पड़ता है, लेकिन यह तो लड़कियों की गरिमा पर हमला है। एससीबीए ने सही कहा, महिलाओं को उनकी गोपनीयता में सुरक्षा और सम्मान मिलना चाहिए।

कुछ लोग कहते हैं कि यह तो स्कूल की जिम्मेदारी है, लेकिन अगर सरकार भी नहीं कर रही है तो यह तो एक बड़ी समस्या है। हमें अपने बच्चों और युवाओं को सही राह दिखानी चाहिए, न कि उनको गलत साबित करना।
 
क्या तो यह मामला बहुत ही गंभीर है 🤕, महिलाओं की निजता और गरिमा का उल्लंघन कैसे सहज है? जो दो सुपरवाइजरों ने ऐसा किया, उनके खिलाफ जरूर कड़ी सजा मिलनी चाहिए। यह तो एक यौन उत्पीड़न का उदाहरण है। और क्या हमें लगता है कि महिलाएं अपने शरीर को सुरक्षित रखने के लिए कुछ नहीं कर सकती? हमें तय करना होगा कि हमारी सरकार में ऐसे नियम बनाए जाएं जिनमें भी मासिक धर्म वाली महिलाओं को बिल्कुल भी परेशान नहीं किया जा सके।
 
यह तो बहुत बड़ा मुद्दा है 🤔। इतनी बड़ी संस्था में ऐसा क्या घटा? महिलाओं की गोपनीयता का उल्लंघन, यह सच है, लेकिन सुपरवाइजरों द्वारा कैसे किया गया यह जानना ज़रूरी है। और फिर इतनी बड़ी सरकारें और एससीबीए तो इन महिलाओं की मदद क्यों नहीं कर रहे? नोटिस भेजना बेहतर है, लेकिन सच्चाई बताने से पहले यह सब साफ़ होना चाहिए।
 
🤔👩‍💼 मैं तो यह सोचता हूँ कि सरकार और अन्य अधिकारी जब भी ऐसा कुछ देखते हैं तो सबसे पहले उनकी गोपनीयता को खत्म करना चाहिए, नहीं तो इससे मानवता की बात कहीं न कहीं लागू नहीं होती। 🤷‍♂️👀

मेरे विचार में, यह घटना एक बड़ा संदेश देती है कि हमें अपनी प्राइवेट जिंदगी को सुरक्षित रखने की जरूरत है। हमें तो नहीं समझते कि जब भी हमें अपनी गोपनीयता को बचाने की जरूरत होती है तब उसको खत्म करने वालों को शिकायत करनी चाहिए।

मैं सोचता हूँ कि मासिक धर्म से जूझ रही महिलाओं को इस तरह की बातें कहने वाले लोगों को तुरंत जवाब देना चाहिए, नहीं तो यह उनके लिए बहुत ही दर्दनाक हो सकती है। 🤕👩‍💼
 
यार, यह तो बहुत बड़ा मामला है 🤯। मैंने भी सुना है कि महिलाएं अपने दैनिक जीवन में इतनी परेशानियों का सामना करने पड़ती हैं। लेकिन जब यह तो ऐसा होता है तो सरकार और अदालतें तुरंत कार्रवाई करती चाहिए। यह तो एक पूरे देश की शर्म की बात है। मैंने सुना है कि इन महिलाओं ने पहले ही अपने अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी थी, अब जब उनके अधिकारों का उल्लंघन हुआ तो उन्हें तुरंत न्याय मिलना चाहिए। यह देश हमेशा महिलाओं के लिए लड़ता आ रहा है, परंतु यह तो एक अच्छी बात नहीं है जब उनके अधिकारों का उल्लंघन होता है।
 
भाई, यह तो बहुत बड़ा मामला है 🤯। महिलाओं की गोपनीयता और गरिमा का इस तरह से उल्लंघन करना क्या है? 😡 केंद्र और हरियाणा सरकार को तुरंत इस मामले पर सुनवाई करनी चाहिए।

मैंने एक छोटी सी diagram बनाया, जैसे कि:


+-------+
| महिलाओं |
| की गोपनीयता |
| और गरिमा |
+-------+


+---------+
| उल्लंघन |
| करने वालों |
+---------+


+----------+
| सुनवाई |
| कराने की |
| जरूरत |
+----------+

👍
 
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