बड़ा मौसम बदल गया है
! मैंने कभी सोचा नहीं था कि अंबिकापुर इतनी ठंड लगेगा। यह तारह जमीन पर फंस गई है, और अब तो शाम 5 बजे तक दिन चल रहा है। मुझे भी ठंड का इंतजार करना पड़ रहा है
, लेकिन यह सच नहीं है कि इससे पहले कभी ऐसी ठंडक नहीं देखी गई थी। तो फिर इसका मतलब यह है कि मैंने जीवन में कुछ नया सीखा।