Republic Day Alert: दिल्ली में आतंकी हमले की आशंका, विदेशी नेटवर्क से जुड़े स्थानीय गैंगस्टर कर सकते हैं कुछ

खुफिया एजेंसियों ने गणतंत्र दिवस की पूर्व सूचना में दिल्ली में आतंकी हमले की आशंका को लेकर अलर्ट जारी किया है। इसके पीछे यह कहना है कि नई दिल्ली समेत कई अन्य शहरों को निशाना बनाने की खतरनाक योजना है।

गणतंत्र दिवस से पहले खुफिया एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि पंजाब में सक्रिय गैंगस्टर विदेश से संचालित खालिस्तान समर्थक और कट्टरपंथी हैंडलरों के लिए काम कर रहे हैं। ये हैंडलर आपराधिक नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहे हैं जिसका उद्देश्य देश की आंतरिक सुरक्षा में सेंध लगाना है।

इन गैंगस्टरों को पता चला है कि नई दिल्ली, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में सक्रिय हैं। ये विदेश से संपर्क बढ़ा रहे हैं जिससे खालिस्तानी आतंकी संगठनों के साथ उनका संबंध मजबूत होता जा रहा है।

कुछ दिन पहले, 10 नवंबर, 2025 को लाल किला में हुए आत्मघाती आतंकी हमले में 15 लोगों की मौत हुई थी। इस हमले ने देश की सुरक्षा की चिंता बढ़ाई है।

इसीलिए, खुफिया एजेंसियों ने गणतंत्र दिवस की पूर्व सूचना जारी करते हुए दिल्ली में आतंकी हमले की आशंका को लेकर अलर्ट जारी किया है। इसके पीछे यह कहना है कि नई दिल्ली समेत कई अन्य शहरों को निशाना बनाने की खतरनाक योजना है।

इसीलिए, 26 जनवरी को इंडिया गेट पर होने वाली गणतंत्र दिवस परेड से पहले दिल्ली पुलिस ने संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में मॉक ड्रिल की। लालकिला, आईएसबीटी कश्मीरी गेट, चांदनी चौक, मेट्रो स्टेशनों, सदर बाजार, खरी बावली पर भी मॉक ड्रिल की गईं।
 
मेरे देश की खुफिया एजेंसियों ने फिर से हमें जोखिम में डालकर अलर्ट कर दिया है। 26 जनवरी की गणतंत्र दिवस परेड से पहले भी कई बार ऐसा हुआ है, लेकिन यह हमेशा मुंह में नहीं रहता। आजकल की खुफिया एजेंसियों ने तो पंजाब के गैंगस्टरों को भी पता चल गया है कि नई दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी उनका हाथ फेल नहीं होगा। यह सोचकर मुझे थोड़ा डर जाता है। याद आता है, जब 10 नवंबर, 2025 को लाल किला में आत्मघाती आतंकी हमले हुए तो हम सभी चौंक गये। तभी से मेरे दिल में एक सवाल उठता रहता है - क्या हमारी सुरक्षा पूरी तरह से ठीक है?
 
आज दिल्ली में खुफिया एजेंसियों ने गणतंत्र दिवस की पूर्व सूचना में आतंकी हमले की आशंका को लेकर अलर्ट जारी किया है... यह तो बहुत बड़ा चिंताजनक बातचीत है 🚨

मुझे लगता है कि खुफिया एजेंसियों की यह सूचना बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन हमें इसके पीछे क्या कारण हैं? क्या वास्तव में नई दिल्ली, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में सक्रिय गैंगस्टर विदेश से संचालित खालिस्तान समर्थक और कट्टरपंथी हंडलरों के लिए काम कर रहे हैं? 🤔

मुझे लगता है कि हमें इन हमलों के पीछे के मोटे पर्दे को समझना चाहिए, न कि सिर्फ अलर्ट जारी करना या मॉक ड्रिल चलाना... हमें देश की आंतरिक सुरक्षा में सुधार करने के लिए काम करना चाहिए।
 
अरे, 26 जनवरी के लिए इंडिया गेट परेड पर्यंत आतंकवादी हमले को रोकने के लिए तैयार होना देखना ही थकान भर गया है। पहले से ही मॉक ड्रिल्स और अलर्ट जारी करने के बाद भी नई दिल्ली, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में निशाना बनाने की खतरनाक योजना को लेकर संदेह है। यह तो आत्मघाती हमलों और आतंकवाद की घटनाओं को बढ़ावा देने वाले हैंडलरों का खेल है 🤥
 
आजकल तो आतंकवादी हमलों के बारे में हर दिन कुछ नया सुनाई देते हैं और फिर देशभर में अलर्ट जारी हो जाता है। लेकिन मुझे लगता है कि हमें इन हमलों से निपटने के लिए हमारे खुद के तरीके ढूंढने की जरूरत है। हमें अपने समाज में शांति और सौहार्द को फैलाने पर ध्यान देना चाहिए।

आजकल तो लोगों की जिंदगी इतनी तनावपूर्ण होती है कि वे अपने आसपास के लोगों से बात नहीं करते हैं और अपने परिवार के साथ समय नहीं बिताते। हमें अपने देश में जीवन की शांति और खुशहाली को फिर से प्राप्त करने की जरूरत है।

आइए हम अपने समाज में शिक्षा और स्वास्थ्य पर जोर दें, ताकि लोगों को आतंकवाद और अन्य समस्याओं से निपटने के लिए मजबूत बनाया जा सके।
 
मैं समझता हूँ कि खुफिया एजेंसियों ने गणतंत्र दिवस की पूर्व सूचना में दिल्ली में आतंकी हमले की आशंका को लेकर अलर्ट जारी किया है, लेकिन यह भी सच है कि इससे हमारे नागरिकों को बड़ी परेशानी होगी। क्या हमें अपने गृह सुरक्षा में इतनी ज्यादा विश्वास करना चाहिए? क्या हम नहीं देख सकते कि आतंकवादी हमलों से पहले भी कई बार अलर्ट जारी किया गया था, लेकिन कुछ ऐसा नहीं हुआ? यह तो है एक बड़ा सवाल।
 
आज के समय में खुफिया एजेंसियों की जानकारी बहुत महत्वपूर्ण है तो वहीं दिल्ली में आतंकी हमले की आशंका को लेकर अलर्ट जारी करना भी सही समझा जाता है। लेकिन मेरा विचार यह है कि पुलिस और खुफिया एजेंसियों को स्पष्ट पता होना चाहिए कि हमले कैसे होंगे और हमलावर कहाँ से आएंगे। यह जानकारी अच्छी तरह से इकट्ठा करने की जरूरत है।

आज दिल्ली में इंडिया गेट परेड से पहले मॉक ड्रिल की जा रही है तो वहीं पुलिस और खुफिया एजेंसियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी संवेदनशील इलाकों में समन्वय हो। देश की सुरक्षा के लिए हमें एक साथ मिलकर काम करना चाहिए। 26 जनवरी को भी हमारे पास इस तरह की स्थिति नहीं होनी चाहिए।
 
मेरे दोस्त, तुमने नोटिस किया होगा कि आतंकवादी हमलों की आशंका को लेकर हमारी खुफिया एजेंसियां हमेशा सतर्क रहती हैं। मैं समझता हूँ कि नई दिल्ली समेत कई शहरों को निशाना बनाने की खतरनाक योजना पर गिनती की जा रही है। लेकिन मुझे लगता है कि हमें यह तय करना होगा कि हम अपनी सुरक्षा कैसे बढ़ा सकते हैं और कैसे आतंकवादियों को रोक सकते हैं। मैं उम्मीद करता हूँ कि पुलिस और खुफिया एजेंसियां अच्छी तरह से तैयार हैं और 26 जनवरी परेड के दिन हमारी सुरक्षा की जिम्मेदारी लें।
 
मुझे ये देखकर खेद है कि आतंकवाद फिर से हमारे देश में पाया जा रहा है। यह तो फिर से हमारी सुरक्षा को चुनौती देता है। लेकिन फिर भी, मुझे लगता है कि हमें इसके बारे में थोड़ा सोच-विचार करना चाहिए। क्या हमने आतंकवाद के खिलाफ लड़ने के लिए पर्याप्त तैयारी नहीं की? क्या हमने अपनी आंतरिक सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए कुछ भी नहीं किया?

मुझे लगता है कि इस समय हमें एक साथ मिलकर आतंकवाद के खिलाफ लड़ने की आवश्यकता है। हमें अपने देश की सुरक्षा को महत्व देना चाहिए और इसके लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए। लेकिन फिर भी, मुझे लगता है कि हमें यह भी सोचना चाहिए कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ने के लिए हमें एक-दूसरे की सहायता की आवश्यकता है।
 
मैंने देखा है कि खुफिया एजेंसियों ने गणतंत्र दिवस के लिए अलर्ट जारी किया है। मुझे लगता है कि यह एक सावधानी है जो हमें देश की सुरक्षा की बात करने की जरूरत है। मैंने देखा है कि पंजाब में गैंगस्टर और आतंकवादियों की गतिविधियाँ बढ़ रही हैं। यह हमारे समाज को खतरे में डाल रहे हैं।

मुझे लगता है कि हमें अपनी सुरक्षा के बारे में सोचकर आगे बढ़ना चाहिए। हमें अपने देश की सुरक्षा के लिए एकजुट होकर काम करना चाहिए।
 
मैंने पढ़ा है कि खुफिया एजेंसियों ने गणतंत्र दिवस की पहले से ही अलर्ट जारी किया है, यह तो ठीक है। लेकिन मुझे लगता है कि यह अधिक प्राथमिकता नहीं दे रहे हैं कि हमें अपनी बुनियादी सुरक्षा कैसे मजबूत बनानी चाहिए। नई दिल्ली समेत कई अन्य शहरों पर निशाना बनाने की खतरनाक योजना को लेकर तो खुफिया एजेंसियों को तेज़ गति से काम करने की जरूरत है। 🚨
 
आज यह तो सुनकर हैरान हो जाता है कि पंजाब के गैंगस्टर विदेश से संपर्क कर रहे हैं और खालिस्तान समर्थक हैंडलर बन गए। लगता है कि उन्हें यह पता नहीं है कि उनकी योजनाएं तो बस एक बड़ा पप्पू दृश्य ही है।
मॉक ड्रिल के बारे में तो हमेशा से कहा जाता है, लेकिन जब खुफिया एजेंसियां भी इस पर ध्यान देती हैं तो लगता है कि यह हमला जरूर होने वाला है।
आजकल आतंकवाद की बात करते समय, मुझे यह लगने लगा है कि हमें अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी समझनी चाहिए।
 
तो देखा तो देखा, अब कौन देख रहा है 🙃 यह अलर्ट तो जरूरी होगा ये आतंकवादियों को रोकने के लिए, पिछले हमले ने क्या सबक सीखाया 🤔 पुलिस और खुफिया एजेंसियों को उनकी जासूसी की तारीफ करनी चाहिए 🙌 पर, यह सवाल उठता है कि विदेश में ये आतंकवादी कैसे संचालित होते हैं और हमारे देश में कैसे फैलते हैं? 😐
 
मुझे लगता है कि यह अलर्ट पूरी तरह से सही नहीं हो सकता है। क्या हमें वास्तव में खतरनाक योजना के बारे में जानकारी मिलनी चाहिए? मुझे लग रहा है कि इसके पीछे कुछ और होने की संभावना हो सकती है, लेकिन इस पर विशिष्ट आंकड़े नहीं दिए गए हैं। 🤔

मैं समझता हूं कि गणतंत्र दिवस की तैयारी में हमेशा सुरक्षा के बारे में चिंताएं रहती हैं, लेकिन इस मामले में क्या विशिष्ट स्थानों और समय पर अलर्ट जारी करने की जरूरत है? क्या हमें पता नहीं है कि कैसे आतंकवादी हमले को रोका जा सकता है, या क्या हमें अपने आप में संदिग्ध लोगों की तलाश करनी चाहिए? 🚨
 
🤔 ये सब तो बहुत खतरनाक लगता है... खुफिया एजेंसियों ने गणतंत्र दिवस से पहले लोगों को अलर्ट कर दिया है, और आतंकी हमले की आशंका में लोगों की चिंता बढ़ गई है... तो क्या हमारी सरकार तैयार है? क्या वे आतंकवादियों से लड़ने के लिए पर्याप्त तैयार हैं? 🤷‍♂️
 
मैं तो पूरी तरह से खुश हूँ कि सरकार ने गणतंत्र दिवस की पूर्व सूचना में आतंकी हमले की आशंका को लेकर अलर्ट जारी किया है। यह तो बहुत ही सावधानी और सुरक्षा की बात है 🙌। मैं उम्मीद करता हूँ कि हमारी पुलिस ने अच्छी तरह से सुनिश्चित किया होगा कि सभी संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी जाए। लालकिला, इंडिया गेट, और अन्य जगहों पर मॉक ड्रिल करना तो बहुत ही अच्छी बात है 🤩। मैं 26 जनवरी की परेड के लिए तैयार हूँ और उम्मीद करता हूँ कि इसे शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से मनाया जाएगा।
 
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