बात बात बात... राजेंद्रनगर में ऐसा कुछ करने लगा है जो सोचे नहीं... डॉक्टर सैयद अहमद मोइनुद्दीन पर गिरफ्तारी हुई, और फिर भी पुलिस ने 3 लीटर कास्ट ऑयल, एसीटोन और अन्य हथियार बरामद कर दिए। यह तो कुछ बड़ा हुआ है... मैं सोचता हूं कि कैसे ऐसा हुआ? क्या वे डॉक्टर की तरह चिकित्सा करने आये थे, नहीं तो ऐसे हथियार बरामद करने कैसे?
मुझे लगता है कि पुलिस ने अच्छी मेहनत करी होगी, बिना विचलित होकर सब कुछ पकड़ लिया। यह एक अच्छा संदेश हो सकता है कि सरकार और पुलिस हथियारों की चोरी पर कड़ी नज़र रख रही है। लेकिन फिर भी, हमें सोच-विचार करने की जरूरत है, कि ऐसे मामले कैसे होते हैं और फिर क्या?