कंगना रनोट को माफी मांगने पर मनीषा भल्ला ने कहा, "मैं तो अनपढ़ हूं, मुझे उम्र की भी पता नहीं है। आजादी के समय दो साल की थी, अब 82 साल। मैं कंगना बीबी ने 100-100 रुपये लेकर किसान आंदोलन में जाने वाली महिला कहा था। लेकिन मैं बठिंडा के गांव महेंद्रगढ़ जंडियाँ से हूं।"
मुझे पता चला है कि 80-82 साल की बुढ़िया रुपए के लिए आंदोलन में नहीं जाती थी, बल्कि अपने बेटे और पंजाबियों की जायदाद बचाने की खातिर वहां जाती थी। मैंने पिछले पांच साल से भाजपा सांसद कंगना के खिलाफ मुकदमा लड़ा है, जब तक उसे सजा नहीं मिल जाती, मैं लड़ती रहूंगी।
कंगना पर 100 रुपये मेरी कीमत लगाई, उससे लड़ने के लिए मैंने जमीन बेची, 7.5 लाख कर्ज लिया। वो तो सिक्योरिटी साथ लेकर घूमती है, मैं तो गरीबनी हूं, बूढ़ी हूं, किसान परिवार से हूं।
मुझे पता चला है कि 80-82 साल की बुढ़िया रुपए के लिए आंदोलन में नहीं जाती थी, बल्कि अपने बेटे और पंजाबियों की जायदाद बचाने की खातिर वहां जाती थी। मैंने पिछले पांच साल से भाजपा सांसद कंगना के खिलाफ मुकदमा लड़ा है, जब तक उसे सजा नहीं मिल जाती, मैं लड़ती रहूंगी।
कंगना पर 100 रुपये मेरी कीमत लगाई, उससे लड़ने के लिए मैंने जमीन बेची, 7.5 लाख कर्ज लिया। वो तो सिक्योरिटी साथ लेकर घूमती है, मैं तो गरीबनी हूं, बूढ़ी हूं, किसान परिवार से हूं।