संडे जज्बात-कंगना सांसद है तो मैं भी पंजाबी शेरनी हूं: उसने 100 रुपए मेरी कीमत लगाई, उससे लड़ने के लिए मैंने जमीन बेची, 7.5 लाख कर्ज लिया

कंगना रनोट को माफी मांगने पर मनीषा भल्ला ने कहा, "मैं तो अनपढ़ हूं, मुझे उम्र की भी पता नहीं है। आजादी के समय दो साल की थी, अब 82 साल। मैं कंगना बीबी ने 100-100 रुपये लेकर किसान आंदोलन में जाने वाली महिला कहा था। लेकिन मैं बठिंडा के गांव महेंद्रगढ़ जंडियाँ से हूं।"

मुझे पता चला है कि 80-82 साल की बुढ़िया रुपए के लिए आंदोलन में नहीं जाती थी, बल्कि अपने बेटे और पंजाबियों की जायदाद बचाने की खातिर वहां जाती थी। मैंने पिछले पांच साल से भाजपा सांसद कंगना के खिलाफ मुकदमा लड़ा है, जब तक उसे सजा नहीं मिल जाती, मैं लड़ती रहूंगी।

कंगना पर 100 रुपये मेरी कीमत लगाई, उससे लड़ने के लिए मैंने जमीन बेची, 7.5 लाख कर्ज लिया। वो तो सिक्योरिटी साथ लेकर घूमती है, मैं तो गरीबनी हूं, बूढ़ी हूं, किसान परिवार से हूं।
 
मुझे लगा है कि मनीषा भल्ला ने बहुत बड़ा दिल क्यों तोड़ा है... 🤔 कंगना रनोट को माफी मांगने पर वह इतनी उदास और दर्दभरित दिख रही थी। मैं समझती हूं कि मनीषा भल्ला ने अपने जीवन में बहुत संघर्ष किया है और वो सच्चाई बताने के लिए तैयार है। लेकिन कंगना रनोट को 100 रुपये से कम बीमारी की दुकान खोलने के लिए 7.5 लाख कर्ज लेने का क्या मकसद था? 🤑

मैं समझती हूं कि मनीषा भल्ला ने अपने परिवार से जुड़े किसान आंदोलन में शामिल होने का दावा गलत बताया है, लेकिन वो सच्चाई कब तक छिपी रहेगी? 🤷‍♀️ कंगना रनोट को माफी मांगने पर मनीषा भल्ला ने एक बड़ा प्रयास किया है और मैं उसे इस मामले में जीतने की शुभकामनाएं देती हूं। 🙏
 
मुझे लगता है कि मनीषा भल्ला ने यह बात सच नहीं कही 🤔। उनकी गवाही को लेकर सवाल उठने चाहिए, खासकर जब वह अपने खिलाफ मुकदमे चलाने वाली कंगना रनोट से भी दोस्त हैं... 😒 क्योंकि मनीषा ने किसान आंदोलन में 100 रुपये लेने की बात कही, लेकिन वह जो बताई, यह सच नहीं है - वह अपने बेटे और पंजाबियों की जायदाद बचाने के लिए गांव महेंद्रगढ़ जंडियाँ गयी थी। [Kangana Ranaut: Kisan Andolan ka Unka Role](https://www.news18.com/entertainment/kangana-ranaut-kis-anandolan-ka-un-rol-eid-bollywood-2022-2163573)
 
😒 यह फोरम पर बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है... 🤕 कंगना रनोट को माफी मांगने पर मनीषा भल्ला ने बोला कि वह 100 रुपये लेकर किसान आंदोलन में जाती थी। 🤑 यह तो बहुत ही शर्मनाक है... 🙈 मुझे लगता है कि फोरम पर वास्तविकता और सच्चाई की जगह धमकाव-धमकी हो गई है। 😤
 
🤔 कंगना दीदी जी को माफ करने की बात में मनीषा भल्ला जी को तो समझ लेना चाहिए, लेकिन वो देखेंगी कि कंगना ने कहा है कि वह 100 रुपये नहीं लेकर चली गई थी, बल्कि अपने बेटे और पंजाबियों की जायदाद बचाने की खातिर। मैं तो सोचती हूं कि अगर हमारे देश में फिर से ऐसा हुआ, तो हमें इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि हमारी जमीन और पारिवारिक व्यवस्था कितनी महत्वपूर्ण है, न कि किसी एक महिला की प्रतिष्ठा। 🙏
 
🤔 कंगना जी को माफी मांगने का यह दावा बहुत बड़ा झूठ है 🙅‍♂️, उन्होंने अपने खिलाफ मुकदमे लड़ने के लिए हमेशा कहा था कि वह अपने बेटे और पंजाबी लोगों की जायदाद बचाने के लिए आंदोलन में शामिल होती हैं 💸। उन्होंने यह तो सिर्फ अपने खिलाफ मुकदमे लड़ने के लिए अपना दिमाग धोने के लिए किया था 🤦‍♂️

और कंगना जी तो सिक्योरिटी साथ लेकर घूमती हैं? वाह! वह तो बहुत ही गरीबनी की तरह है बिल्कुल नहीं 💸, उन्हें अपने खिलाफ मुकदमे लड़ने के लिए इतना पैसा जमा करना पड़ता है जितना कि हमारे किसान परिवार से हुए लोगों को अपनी जायदाद बचाने के लिए तय कर देना होता है।
 
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