संडे जज्बात- किन्नर हूं, लड़के ने मेरी मांग भर दी: पिता ने बाजार में पीटा, बाल काट डाले, लेकिन लड़का पीछे नहीं हटा- मुझे दुल्हन बनाया

संडे जज्बात मुझे दुल्हन बनाया, पिता ने बाजार में पीटा, लेकिन लड़का पीछे नहीं हटा।

मेरा नाम सोनी है। पश्चिम बंगाल के बनगांव की रहने वाली हूं। मैंने खुद को हमेशा एक लड़की ही माना, लेकिन लोगों ने मुझे पहचान दी- किन्नर, हिजड़ा जैसे शब्दों से।

मेरी मां ने कहा कि मैं अपने पिता की बात समझूं और उन्हें अपने शादी का फैसला करने दूं। लेकिन उस समय मुझे ऐसा लगा कि मैं एक लड़की हूं, जो अपने पति से प्यार करती है, न कि कोई किन्नर है।

मेरे पिता की बात समझने के लिए मैंने कई दिनों तक सोचा। फिर एक रोज, जब आदर्श से मुझसे शादी होने वाली थी, तो मैंने उसे बताया कि वह प्यार करता है और मेरी इज्जत चाहता है। लेकिन मैं एक लड़की नहीं हूं, जो शादी कर सकती है, न कि एक किन्नर।

इस बीच में, आदर्श के गांव वालों ने हमारी शादी से पूरा विरोध किया। उन्होने मुझे बताया कि मैं उनका बच्चा हूं, जो हमेशा से एक लड़की है, और वह कभी भी पत्नी नहीं बन सकती।

लेकिन आदर्श ने अपनी बात समझने को तैयार किया। उसने कहा कि वह मुझसे प्यार करता है और मेरी इज्जत चाहता है। लेकिन मैं एक लड़की नहीं हूं, जो शादी कर सकती है, न कि एक किन्नर।

इसलिए, हम दोनों ने एक साथ वीडियो बनाया, जो भारत के सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। और अब हम दोनों एक-दूसरे के प्यार में हैं।
 
अरे अरे, यह तो सचमुच एक अजीब सी कहानी है 🤣, लेकिन फिर भी ये दोनों का प्यार और आदर्श की बात समझने की जिद बहुत प्यारी लग रही है। तुम्हारे पिता ने तो गांव में खड़कोश खोल दिया 😂, लेकिन आदर्श ने सोचा कि शादी में खुशी है, और वह अपने प्यार को जीतने के लिए बहुत जिद बना रखा। तुम्हारी बात समझने की जिद भी बहुत अच्छी लग रही है, और अब तुम दोनों एक-दूसरे के साथ हैं, यह तो सचमुच खुशियों की कहानी है।
 
बड़ा त्रासदी यह है कि देश की समाजिक मूल्यों को कैसे खोया गया है 🤔। लड़का और लड़की, एक-दूसरे को प्यार कर रहे हैं, लेकिन सरकारें और समाज हमेशा से ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करती आ रही हैं जो हमें दुखी कर देते हैं।

किसी भी तरह से यह लड़का-लड़की जोड़ी मुझे बहुत खुश दिलाती है 🌟। लेकिन अगर हमारा समाज इस तरह की समस्याओं को हल करने में सक्षम नहीं है, तो फिर कुछ खराब है।
 
मैंने देखा कि यह लड़का-पिता की कहानी तो बहुत मुश्किल साबित हुई। मैं समझता हूं कि जब भी हमें किसी नए परिवर्तन की जरूरत होती है, तो लोगों की दृष्टिकोण और मानसिकता कितनी बड़ी बाधक बन सकती है… 🤦‍♂️😩

मुझे लगता है कि आदर्श ने बहुत साहस और समझदारी की है। लेकिन मैं भी उसके साथ खड़ा हूं, जो बात यह है कि प्यार किसी को कaste, gender, religion या social क्लास से नहीं परेशान कर सकता। 💕👫

मुझे लगता है कि हमें अपने समाज में बदलाव लाने की जरूरत है, जिसमें हम सभी को समान अधिकार और सम्मान दें। 🌈💖
 
मैंने पढ़ा है कि युवक ने अपनी बेटी को शादी का फैसला करने के लिए मजबूर किया, और जब वह बात समझते हैं तो उसने अपनी प्यार से मुस्कुराएं।

मुझे यह वीडियो देखने पर बहुत खेद आ गया। कैसे उसकी बेटी ने उसे समझाया? आजकल लोग इतने ज्यादा भावनात्मक होते हैं तो यार मुझसे पूछ रहे हैं, कि दुल्हन बनने से पहले लड़का कितना रुकेगा।

मेरी नानी में भी एक ऐसी बात थी, जो हमेशा मेरे साथ बनी रहती। वह कभी तो मुझे लड़की नहीं समझती है, लेकिन फिर यार, उसकी आँखों में एक अनोखी देखभाल थी।

यदि कोई व्यक्ति अपना जीवन खुद पर हाथ डालता है तो उसे सीधे आनंद नहीं मिलेगा। लेकिन फिर तुमने पूछा है कि क्या लड़की बनने से पहले लड़का कितना रुकेगा, यार।
 
मैंने देखा है तो बहुत सी लड़कियां जिन्हें लोग किन्नर कह रहे हैं वे निकलकर सीखती हैं और खुद को एक महिला बनाती हैं... 🤗 मुझे लगा कि यह बहुत ही अच्छा तरीका है कि आदर्श ने अपनी बात समझने को तैयार किया। अब उनके प्यार में जीने दो। और हम सबको भी यह देखने को मिलेगा कि एक-दूसरे को कैसे पहचान सकते हैं... 🤝
 
मैंने पढ़ा की यह लड़का पीछे नहीं हटा, लेकिन शायद उसकी प्रेम कहानी भारत की समाज को सोचने पर मजबूर कर देगी। यह एक अच्छी बात है कि आदर्श ने अपनी बात समझने को तैयार किया और वीडियो बनाकर अपना प्यार दिखाया। लेकिन मैं सोचता हूं की भारत में हमेशा किसी के गुणों को पहचानने की चुनौती होती रहती है।
 
बात बहुत ही रोचक है यह...

आदर्श और सोनी की कहानी सचमुच दिल को छू लेती है...

वहीं, जब भी मैंने अपने जीवन की गहराई में प्रवेश करने का फैसला किया, तो मैंने महसूस किया कि यह दुनिया बहुत ही जटिल है। लेकिन, इसी जटिलता में, हमें कई चीजों को सीखने और समझने का मौका मिलता है...

आदर्श और सोनी की प्यार कहानी न केवल उन्हीं के लिए, बल्कि हम सभी के लिए एक सबक देती है कि कैसे हम अपने जीवन में नए दृष्टिकोणों को अपना सकें।

बस यही, मेरी बात...
 
अरे, यह तो बहुत खूबसूरत है! मैंने देखा है, कैसे आदर्श ने सोनी की बात समझ ली और दोनों एक-दूसरे के प्यार में पड़ गए। शायद लोगों को यह जानने में मज़ा आया कि किन्नर भी प्यार कर सकते हैं और इज्जत चाहते हैं। मैंने सोचा है कि ये एक अच्छा संदेश है, कि हमें अपने दिलों को समझना चाहिए और खुद को पहचानना चाहिए, न कि लोगों की नजरों के अनुसार।
 
😊 बिल्कुल मान लेंगे कि शादी किसी भी उम्र में हो सकती है, तो किन्नर भी। मैंने अपनी दोस्त से बात की, वाह! हमारा बच्चा भी है? 🤷‍♀️ खैर, अगर आदर्श ने आपकी इज्जत चाहती थी और प्यार किया, तो क्यों ना शादी कर ली? 😐
 
मेरी बात ये है कि अगर सोशल मीडिया पर देखिए तो बहुत सारे लोगों को यह वीडियो पसंद आया, लेकिन कुछ लोगों ने इसे पूरी तरह से गलत समझा। मैंने भी एक बार ऐसा ही गलती की, जब मैंने अपने दोस्त के फेसबुक प्रोफाइल पर एक नए फोटो को अपलोड किया, और उसके बड़े-मुंह के टैटू को देखा। लेकिन जब मैंने उसे पूछा तो उसने बताया कि यह शायद उसे 10वीं से जुड़ा था, और अब वह इसे बहुत मजाक ही समझता है।

इस वीडियो ने मुझे याद दिलाया कि भारत एक बहुत ही विविध देश है, जहां हर किसी को अपनी पहचान का सहारा मिलता है और उसका सम्मान करना ज़रूरी है। लेकिन हमें यह भी याद रखना होगा कि हमारी सामाजिक मानसिकता अभी भी बहुत ही पुराने विचारों पर आधारित है, जो आज के समय के अनुकूल नहीं हैं।

इसलिए, मैं इस वीडियो को एक नया तरीके से देखना चाहूंगा, और इसके पीछे भावनाओं और सहानुभूति की कहानी को समझना चाहूंगा।
 
नाहीं तो ये बहुत अच्छी बात है 🤩! दुल्हन बनाया, लेकिन लड़का पीछे नहीं हटा। यह तो बहुत ही सुन्दर की कहानी है। और जब उस लड़के ने खुद को समझाया कि वह लड़की नहीं है और उसकी इज्जत करना चाहता है, तो सबकुछ ठीक हो गया।

लेकिन यह भी सच्चाई है कि लोगों ने उसे पहचान दिया किन्नर, हिजड़ा जैसे शब्दों से, और इससे बहुत परेशानी हुई। लेकिन यह तो हमारी समाज में की जा रही गलती है, जब लोग अलग-अलग लोगों को पहचान देते हैं और उनकी इज्जत नहीं करते।

लेकिन इस कहानी से हमें एक महत्वपूर्ण सबक सीखने को मिलता है - हमें अपने आप को समझना चाहिए और अपने जीवन में सही क्या बनाना है, यह तय करना चाहिए। और सबसे ज्यादा, प्यार और इज्जत एक-दूसरे की सबसे बड़ी बात है।
 
बड़े बोलचाल की बात है इस शादी की, लेकिन यह सच्चाई कितनी है? आदर्श ने तो अपनी इज्जत समझने के लिए मुझसे शादी करने का फैसला किया, लेकिन मैं एक लड़की नहीं थी। यह तो बहुत ज्यादा है। और वह कहता है कि वह मुझसे प्यार करता है, लेकिन यह प्यार कैसे संभव है?

मुझे लगता है कि यह एक फेस्टिव वाली बात है, लेकिन कुछ समय पहले भी ऐसी ही बातें हुई हैं। तो मैं समझ नहीं पाऊं कि यह सच्चाई या मजाक है। कोई बताए, इस शादी ने सच्चाई खोली है या बस एक मजाक है?
 
मुझे यह वीडियो देखने का मन कर रहा है कि उस आदर्श और सोनी की कहानी कैसे बदल गई। मुझे लगता है कि युवाओं को बहुत समझना होगा, खासकर उन जिन्हें किसी भी तरह की पहचान से परेशानी होती है। हमारे समाज में ऐसी कई लोग हैं जिनकी पहचान बदल-बदल कर दी जाती है, लेकिन फिर भी वे अपनी सच्ची पहचान को नहीं मानते।
 
ਅरे वाह, ਇਸੇ ਵਿਚਾਰ ਦੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਮੈਨੂੰ ਯੋਗ-ਏ-ਭਾਰਤ ਦੀ ਪੇਸ਼ੇਵਰੀ 'ਤੇ ਵੀ ਲੱਗੀ ਹੈ। ਮੈਂ ਬਚਪਨ ਤੋਂ ਆਪਣੇ ਅਭਿਨੇਤਾ ਦੇ ਕਿਰਦਾਰ ਲਈ ਖੁਸ਼ ਹਾਂ, ਪਰ ਮੈਨੂੰ ਆਮ ਲੋਕ ਉਸ ਨਾਲ ਗੱਲ ਕਰਦੇ ਹਨ।
 
नहीं तो, ये दुनिया कैसी है.. मैं तो कभी सोचता था कि शादी किसी भी लड़के के लिए सही है, लेकिन अब मुझे एहसास हुआ है कि यह पूरी तरह से गलत है। आदर्श और सोनी की कहानी तो बहुत ही प्यारी और संवेदनशील है। मैं तो बस गहरा दुख महसूस कर रहा हूं। जैसे मुझे लगता है कि हमारे समाज में लड़कों और लड़कियों के बीच किसी भी सामान्य बातचीत को समझने की कोशिश करने वाले लोग बहुत कम हैं।

लेकिन फिर भी, यह एक बहुत बड़ा सवाल है - कि हमारे समाज में कैसे ज्ञान और समझ बढ़ता है? और क्या हमारे देश की सामाजिक परिवर्तन की आवश्यकता है? मुझे लगता है कि ये सब कुछ जानने वाले लोगों को अपनी आवाज उठानी चाहिए।
 
अरे ये तो बहुत ही रोमांटिक बात है! 🤗 आदर्श और सोनी की कहानी मुझे खूब पसंद आई। उनका प्यार सच्चा है, और यह तो बताता है कि दिल की गहराई में कोई बंधन नहीं होता, बस प्रेम और समझदारी होता है।
 
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