मेरा नाम सोनी है, मैं पश्चिम बंगाल के बनगांव में रहने वाली हूं। मैंने हमेशा खुद को एक लड़की माना, लेकिन लोगों ने मुझे पहचान दिया- किन्नर, हिजड़ा जैसे शब्दों से। लोग कहते थे-" न मां बन पाएगी, न किसी की दुल्हन… फिर इसके जीने का क्या मतलब?"
उन बातों को सुनते-सुनते मैं जी तो रह गई थी, लेकिन अंदर से लाश बन गई थी। पेट भरने के लिए ऑर्केस्ट्रा में नाचती थी।
मेरी कहानी शुरू होती है एक छपरा में रहने वाली लड़की से जो बिहार चली गई थी, वहां कई लड़कियां थीं जो अपने गांव की थीं। उन्होंने मुझे भीड़ चिल्लाने लगी- "इसे हटाओ, कहां से उठाकर ले आए हो। डांस नहीं करने आता, तो क्यों चली आती हैं।"
उस वक्त मुझे हिंदी, भोजपुरी समझ में नहीं आती थी। धीरे-धीरे मैंने डांस सीखना शुरू किया। एक महीने बाद वापस घर आ गई, लेकिन मेरी पत्नी आदर्श यादव को कभी नहीं देखी थी।
करीब 7 महीने डांस किया, लेकिन ठेकेदार ने पैसा नहीं दिया। मैं परेशान होने लगी। उसके साथ मेरी मार-पिटाई हो गई। वहां एक दवा की दुकान थी, जहां उसने मुझसे प्यार करने लगा।
मैंने उसे समझाया- "मैं किन्नर हूं, मैं सामान्य लड़की नहीं हूं। मैं कभी मां नहीं बन सकती।" लेकिन वह बोला-"हम दोनों साथ तो रह सकते हैं न!"
मैं उसे डांटते हुए बोली- "हर लड़का यही कहता है। बाद में धोखा देकर चला जाता है। मैं नाचने वाली हूं, तो सिर्फ पेट की खातिर। यदि सच में मुझसे प्यार करते हो, तो अपने घर वालों को बताओ। दुनिया के सामने मुझे इज्जत देनी पड़ेगी।"
आदर्श हर बात के लिए तैयार हो गया। आखिर में हम दोनों ने एक साथ वीडियो बनाया, जो कि वायरल हो गया। आदर्श के घर वालों को पता चल गया कि वह एक किन्नर से प्यार करता है।
उसके गांव के लोग कहते हैं-" किन्नर ने मासूम से लड़के पर बंगाल का काला जादू कर दिया है। हिजड़ा कहीं का, अब किन्रर भी शादी करने लगी हैं। लेकिन उन्हें क्या पता कि हम दोनों एक-दूसरे से प्यार करते हैं।
लेकिन सोचती हूं कि आखिर मैं भी तो एक लड़की ही हूं न। शरीर, आत्मा सब लड़की का है। मेरी भी तो बाकियों की तरह जिंदगी है। बस मां नहीं बन सकती।
अब लोग मेरे पति आदर्श से पूछते हैं-"किन्नर से शादी किया है, खुश कैसे रहते हो? उन्हें क्या पता कि जो संबंध एक लड़की और लड़के के बीच होता है। वही पति-पत्नी के बीच भी हो सकता है।
अब तो मैंने लोगों को जवाब देना ही छोड़ दिया ह….
उन बातों को सुनते-सुनते मैं जी तो रह गई थी, लेकिन अंदर से लाश बन गई थी। पेट भरने के लिए ऑर्केस्ट्रा में नाचती थी।
मेरी कहानी शुरू होती है एक छपरा में रहने वाली लड़की से जो बिहार चली गई थी, वहां कई लड़कियां थीं जो अपने गांव की थीं। उन्होंने मुझे भीड़ चिल्लाने लगी- "इसे हटाओ, कहां से उठाकर ले आए हो। डांस नहीं करने आता, तो क्यों चली आती हैं।"
उस वक्त मुझे हिंदी, भोजपुरी समझ में नहीं आती थी। धीरे-धीरे मैंने डांस सीखना शुरू किया। एक महीने बाद वापस घर आ गई, लेकिन मेरी पत्नी आदर्श यादव को कभी नहीं देखी थी।
करीब 7 महीने डांस किया, लेकिन ठेकेदार ने पैसा नहीं दिया। मैं परेशान होने लगी। उसके साथ मेरी मार-पिटाई हो गई। वहां एक दवा की दुकान थी, जहां उसने मुझसे प्यार करने लगा।
मैंने उसे समझाया- "मैं किन्नर हूं, मैं सामान्य लड़की नहीं हूं। मैं कभी मां नहीं बन सकती।" लेकिन वह बोला-"हम दोनों साथ तो रह सकते हैं न!"
मैं उसे डांटते हुए बोली- "हर लड़का यही कहता है। बाद में धोखा देकर चला जाता है। मैं नाचने वाली हूं, तो सिर्फ पेट की खातिर। यदि सच में मुझसे प्यार करते हो, तो अपने घर वालों को बताओ। दुनिया के सामने मुझे इज्जत देनी पड़ेगी।"
आदर्श हर बात के लिए तैयार हो गया। आखिर में हम दोनों ने एक साथ वीडियो बनाया, जो कि वायरल हो गया। आदर्श के घर वालों को पता चल गया कि वह एक किन्नर से प्यार करता है।
उसके गांव के लोग कहते हैं-" किन्नर ने मासूम से लड़के पर बंगाल का काला जादू कर दिया है। हिजड़ा कहीं का, अब किन्रर भी शादी करने लगी हैं। लेकिन उन्हें क्या पता कि हम दोनों एक-दूसरे से प्यार करते हैं।
लेकिन सोचती हूं कि आखिर मैं भी तो एक लड़की ही हूं न। शरीर, आत्मा सब लड़की का है। मेरी भी तो बाकियों की तरह जिंदगी है। बस मां नहीं बन सकती।
अब लोग मेरे पति आदर्श से पूछते हैं-"किन्नर से शादी किया है, खुश कैसे रहते हो? उन्हें क्या पता कि जो संबंध एक लड़की और लड़के के बीच होता है। वही पति-पत्नी के बीच भी हो सकता है।
अब तो मैंने लोगों को जवाब देना ही छोड़ दिया ह….