मुझे लगता है कि लोगों को अपने चाचा-भाई जैसे रिश्तेदारों के प्रति अधिक सहानुभूति और समझदारी की जरूरत है। दीपक रावत जी ने बिल्कुल सही कहा है कि लोग अपने सामाजिक ख्यालों पर ही नहीं, बल्कि देशवासियों पर ताना बनाते रहते हैं।
मुझे लगता है कि हमें अपने रिश्तेदारों के प्रति अधिक समझदारी और सहानुभूति की जरूरत है। जब हम अपने चाचा-भाई जैसे लोगों के साथ अच्छे संबंध बनाते हैं, तो वे हमें अपने जीवन में सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।
अब देखें, दीपक रावत जी ने अपने सामाजिक ख्यालों पर ही नहीं, बल्कि देशवासियों पर भी ताना बनाया है। मुझे लगता है कि हमें अपने देश के लिए एक-दूसरे के प्रति अधिक सहानुभूति और समझदारी की जरूरत है।
मुझे लगता है कि हमें अपने रिश्तेदारों के प्रति अधिक समझदारी और सहानुभूति की जरूरत है। जब हम अपने चाचा-भाई जैसे लोगों के साथ अच्छे संबंध बनाते हैं, तो वे हमें अपने जीवन में सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।
अब देखें, दीपक रावत जी ने अपने सामाजिक ख्यालों पर ही नहीं, बल्कि देशवासियों पर भी ताना बनाया है। मुझे लगता है कि हमें अपने देश के लिए एक-दूसरे के प्रति अधिक सहानुभूति और समझदारी की जरूरत है।