मैं समझ नहीं पाया कि दुनिया इतनी बदल गई, अब हर जगह यौन उत्पीड़न के मामले बढ़ रहे हैं। 100 साल पहले, जब हमारे पिता-प्रजापुत्र थे, तो यह ऐसा नहीं था। लेकिन आज मैंने देखा है कि कई लड़कियां और महिलाएं अपने गिरोहों के साथ इस तरह की चालें लगा रही हैं।
मेरे अनुसार, शिक्षा और जागरूकता बढ़ने से अच्छा, लेकिन इसमें हमें अपनी दुनिया को बदलने की भावना नहीं होनी चाहिए। यह एक गंभीर मुद्दा है और इसके लिए हमें सामूहिक रूप से काम करना चाहिए, ताकि ऐसे अपराधियों को दंडित किया जा सके।