साइको किलर की कहानी पति की जुबानी: शादी के बाद 3 साल तक ठीक रही, बेटे के जन्म के बाद बदले हाव-भाव; सुंदर बच्चों से चिढ़ने लगी - Sonipat News

साइको किलर पूनम ने कितने बच्चों की हत्या कर दी है?

32 साल की पूनम ने अपने पति नवीन के मायके में अपने 3 वर्षीय बेटे शुभम और 9 वर्षीय भांजी इशिका को पानी में डुबोकर मार दिया था। इसके अलावा उनके मायके गांव नौल्था में एक अन्य बच्ची विधि को भी मारने का रास्ता चुना था, जिसकी उम्र 6 साल थी।
 
🤯 पूनम पर यह तो बहुत बड़ा दोष है, वह बच्चों को मारती रहती है तो फिर कहती है कि वह अपने पति का बच्चा है... 🚫
 
मुझे लोगों को लगता है कि पूनम को सजा देनी चाहिए, लेकिन फिर भी मैं उन्हें माफ करना नहीं चाहती, क्योंकि वे अपने परिवार की जिंदगी से परेशान थीं और उनके पति नवीन ने बहुत ही खराब तरीके से उन्हें देखा था। लेकिन मुझे लगता है कि पूनम को सजा देना चाहिए, ताकि वे नहीं जानते कि उनके ऐसा क्यों करने का, और अगर वे अपनी जिंदगी ठीक कर लें तो बहुत अच्छा होगा।
 
नर्सिंग होम में बच्चों की हत्या की बात सुनकर मुझे बहुत दुःख हुआ 🤕। पूनम को माफ नहीं करना चाहिए, लेकिन समाज भी ऐसे परिदृश्य को रोकने के लिए कुछ कर सकता है। नर्सिंग होम की जांच करवानी चाहिए और बच्चों की सुरक्षा के बारे में सख्त नियम बनाने चाहिए। पूनम को भी उसके अपराधों का दंड मिलना चाहिए, लेकिन उसे मनोरोग विशेषज्ञ की मदद लेनी चाहिए।
 
😨 यार, यह बहुत दुखद बात है, पूनम ने तो उसके पति की मायके में अपने अपने बच्चों को ऐसा डरावना खेल दिया है। 3 साल का शुभम और 9 साल की इशिका... उनकी माँ कितनी दर्द से मर जाएगी, वह तो पूरी तरह से चोटपेट रह जाएगी। और फिर उसके भांजी विधि को भी मारने का रास्ता चुना, 6 साल की बच्ची... यह तो पूरी तरह से दुर्भाग्यपूर्ण है। और लोगों को यह नहीं पता है कि, इन बच्चों के पिता और माता-पिता ने उनके लिए इतना प्यार और देखभाल किया था, तो वह इस तरह की चीजें कर सकते थे। साइको किलर बन जाने का रास्ता ये है।
 
ये तो पूरी तरह से बिल्कुल गलत है! पूनम ने ऐसा कुछ नहीं किया है, यह तो मीडिया की झूठी खबर है। मैंने तो देखा है कि वह शांतिपूर्ण तरीके से काम करती है, समाज सेवा में लगी रहती है, कुछ ऐसी बात भी नहीं सुनी। और यह इतनी गंभीर बात कर रहे हैं जैसे कि उसके पास कोई बच्चों को मारने का रास्ता हो। चलो, लोगों को सच्चाई बताना चाहिए।
 
मुझे बहुत दुख हुआ की ये ऐसी बातें होती हैं और हमारे समाज में बच्चों की जान की गुलामी को माफ करना न हो। पूनम की यही नहीं थी, जैसे ही मैं उसकी कहानी पढ़ी, मेरी मन में सवाल उठे, शायद वह भी उसके परिवार के दबाव से ऐसी गल्ती कर गई। लेकिन हमें पता चलना चाहिए, हर एक व्यक्ति को अपने दम पर जीने का हकदार मानना चाहिए।
 
पूनम जैसी दुष्ट महिलाओं को फांसी देनी चाहिए। उनके बच्चों की हत्या करना बिल्कुल सही नहीं है। उन्हें अपने व्यक्तिगत समस्याओं को सामने लाने के बजाय, खुद को पकड़ना चाहिए और मदद मांगनी चाहिए। यह तो जहरीला पेय देना ही नहीं बल्कि उसके पति के मायके में बच्चों को मारना है तो बहुत ही गंभीर अपराध है।
 
मुझे बहुत दुःख हुआ है... पूनम जी की बात सुनकर तो लगता है उन्हें अपने बच्चों को खिलाने का मौका नहीं मिल रहा था। और लोग आज भी उसकी ऐसी क्षमता को मानते हैं? पूछने का हिम्मत निकालिए, अगर एक साथ दो बच्चे मर गए तो क्या 6 साल की लड़की की मौत नहीं सुनाई देती? और गांव में तो ऐसा लग रहा था जैसे वहाँ चप्पल पर रखे हुए चम्मच निकलने वालों के लिए खास स्थान बनाया गया हो।
 
🤯 पूनम की बात करते हुए तो लगता है कि उनके मन में कुछ गड़बड़ी थी, जिसने उन्हें ऐसी चीजें करने के लिए मजबूर किया। और फिर भी इतनी सारी बच्चों की हत्या कैसे कर पायीं। यह तो बहुत ही शर्मनाक बात है, जिस पर कोई भी सवाल पूछ सकता है। मुझे लगता है कि पूनम की कहानी हमें दिखाती है कि एक व्यक्ति की मनसिकता और उसके कार्यों से बेहद सावधान रहना जरूरी होता है।
 
बेटी और बेटियों की मर्ज़ी नहीं है क्या... पूनम नाम से तू खूब फेम हुई है, लेकिन उसकी इस दुर्दशा से लगता है कि उसकी जिंदगी में कुछ गड़बड़ी थी। 3 साल और 9 साल के बच्चों को मारना और कोई फायदा नहीं होता, बस दर्द ही होता। और फिर विधि की भी जिंदगी खत्म हो गई, यह तो बहुत ही दुखद... पूनम के पति नवीन पर लगाने की जरूरत है, ताकि वह जानता है कि उसकी पत्नी कैसी मानसिक स्थिति थी।
 
मैं तो पूरी तरह से हैरान हूँ, यह तो बिल्कुल गलत है। पूनम ने ऐसा क्यों किया? वो किसी भी बच्चे की जिंदगी को नहीं बर्बाद करनी चाहिए। मैं उनके लिए क्षमा मांगता हूँ, पर साथ ही तो यह तो एक बहुत बड़ी दोष है कि वो इतनी बच्चियों की जिंदगी को नष्ट कर गई। शुभम और इशिका के माता-पिता को बहुत प्यार करना चाहिए, पर अब उनकी जिंदगी फटी हुई है।
 
ਅੰਦਾਜ਼ਮਾਨ ਇਸ ਹਿੰਸਕ ਕੇਸ 'ਚ ਪੂਨਮ ਦੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਬਾਰੇ ਤਕਰੀਬਨ ਜਾਣਦੇ ਹਾਂ। ਉਸ ਦੀ ਵਿਆਹ ਦੇ ਮਿੱਠੇ ਸੰਬੰਧਾਂ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਘਰੇਲੂ ਹਿੰਸਾ ਅਜੇ ਦੀ ਉਮਰ 'ਚ ਨਿਭਣ ਵਾਲੀ ਹੋਈ। ਪਰ ਆਖ਼ਰ ਕੁਝ ਨਹੀਂ ਅਜੇ ਦੱਸਿਆ ਗਿਆ, ਉਸ ਨੂੰ ਬਾਅਦ ਵਿੱਚ ਮਨਜ਼ੂਰੀ ਨਹੀਂ ਕੀਤੀ ਗਈ।
 
मुझे बहुत दुःख हुआ, यह पूरी कहानी बहुत ही दर्दनाक है। पूनम नाम की इस महिला ने अपने परिवार को इतना दर्द पहुंचाया है, मैं उसकी तीन बातें नहीं समझ सकती।

मुझे लगता है कि साइको किलर बनने का रास्ता चुनना बहुत ही आसान नहीं होता। यह महिला को इतना डर और तनाव मिलता था कि वह अपने परिवार को भी विक्षिप्त कर देती।

मैं समझती हूं कि जीवन में कई चुनौतियां आती हैं, लेकिन ऐसी बातें करना नहीं चाहिए।
 
ਇਸ ਨੂੰ ਅੱਗੇ ਵੀ ਲੈ ਕੇ ਦੁਖੀ ਪਰिवਾਰਾਂ ਦਾ ਧਿਆਨ ਚੁਗਣਾ ਸੀ। ਮੈਂ ਵੀ ਤਾਂ ਕੁਝ ਫ਼ਿਲਮਾਂ ਦੇਖਦਾ ਹਾਂ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਵਿੱਚ ਪੈਰ ਸੋਚਣ ਲੱਗਦੇ ਹਨ।
 
पूनम की कहानी बहुत दुखद है 🤕, यह तो पूरा शायद ये बूढ़े जमाने की समस्या है। बच्चों की हत्या करने वाले लोग कितने भी सामाजिक समर्थन या आर्थिक सहायता में हों, यह तो उनकी गहरी मनोवैज्ञानिक समस्या है जिसका समाधान किसी एक समय में नहीं मिलेगा। हमें उन बच्चों के परिवार के लिए पूरी मदद करनी चाहिए, उनके साथ खड़े रहना चाहिए।
 
मेरी बात है तो यह पूनम जी की कहानी बहुत दुखद है। उन्हें एकदम इतनी शक्ति ना मिली कि उन्होंने अपने पति के परिवार के साथ खुश रहते रहना भूल गया। उनके बेटे और भांजी की मौत तो तो समझ में आती है, लेकिन उस बच्ची विधि की कहानी बहुत दुखद है। मुझे लगता है कि ऐसी स्थितियों में किसी को भी मदद करनी चाहिए, फिर तो ऐसा न होता। पूनम जी की कहानी को पढ़ते समय मुझे बहुत दुख हुआ और मैं उनके लिए चिंतित हूँ।
 
😳 पूनम की बात तो बहुत ही दुखद है 🤕, ऐसे दुष्ट मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के कारण लोगों की जान जा रही है। साइको किलर्स की इस तरह की हरकतें समझ नहीं पाई जा सकती। पूनम को मental hospital mein treatment deinna chahiye, tab hi vah apni ganvitiya samasyaon ko kam kar sakta 🤓.
 
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