सेक्स वर्कर्स बोलीं- मम्मी-पापा के डॉक्यूमेंट कहां से लाएं: SIR के बाद हमें बांग्लादेशी कहकर भगा देंगे, चुनाव आयोग बताए हम क्या करें

आसनसोल में लच्छीपुर बसा एक रेड लाइट एरिया है, जहां लगभग 400 सेक्स वर्कर्स रहती हैं। इनमें से अधिकतर को लगता है कि अगर उनका नाम वोटर लिस्ट से कट जाए, तो उन्हें सरकारी सुविधाएं मिलना बंद कर देगी।

दोनों राजनीतिक दलों ने वोटर आईडी और आधार कार्ड बनाने के लिए सभी सेक्स वर्कर्स से फॉर्म भरने के लिए कहा, लेकिन कई महिलाओं को लगता है कि उनके पास इस दिशा में जानकारी नहीं है। एक बात तय हुई है कि 16 नवंबर तक सबको फॉर्म जमा करना होगा।

इस बीच, चुनाव आयोग ने लच्छीपुर से सेक्स वर्कर्स से बात की। उन्होंने बताया कि हमें सभी से फॉर्म भरवाने का काम है, लेकिन परेशानियां भी आ रही हैं।
 
मुझे लगता है की यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण बात है। ये लड़कियाँ अपने भविष्य को सोचकर फॉर्म भरने जा रही हैं लेकिन सरकारी सुविधाएं मिलने से पहले उनको पता नहीं है कि वोटर आईडी और आधार कार्ड कैसे बनाया जाए। 🤔👥

मेरे अनुसार, चुनाव आयोग को लड़कियों को फॉर्म भरने में मदद करनी चाहिए और उन्हें आवश्यक जानकारी देनी चाहिए ताकि वे अपने अधिकारों का लाभ उठा सकें। 📝💼
 
मुझे लगता है कि ये बहुत ही जटिल और दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है 🤕। मैं एक ऐसा व्यक्ति हूँ जो अपने परिवार के लिए अच्छी जगह खोजना चाहता हूँ, लेकिन जब मुझे यह जानकर पता चला कि आसनसोल में बसी रेड लाइट एरिया में लगभग 400 सेक्स वर्कर्स रहती हैं और उनको सरकारी सुविधाएं मिलना बंद कर देगी अगर उनका नाम वोटर लिस्ट से कट जाए, तो मुझे बहुत दर्द हुआ।

मेरे अनुसार सरकार को यह नहीं करना चाहिए कि जब भी व्यक्ति अपने अधिकारों के बारे में जागरूक होता है और अपने अधिकारों के लिए लड़ने लगता है, तो उन्हें नुकसान पहुँचाया जाए। हमें इस तरह की स्थितियों से परहेज करना चाहिए और सभी व्यक्तियों को सम्मान देना चाहिए, चाहे उनकी स्थिति कुछ भी हो।
 
मुझे लगता है की यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। ये महिलाएं अपने जीवन में इतनी सारी चुनौतियों का सामना करती रहती हैं और फिर सरकार को उनके नाम वोटर लिस्ट से कट जाने पर दयालुता नहीं दिखाई देती।

क्योंकि ये महिलाएं अपने जीवन में इतनी ही कमजोर होती रहती हैं और फिर सरकार को उनकी सुविधाओं के बारे में सुनना जरूरी नहीं लगता। यह बहुत ही दुखद है कि ये महिलाएं अपने अधिकारों के लिए लड़ने में असमर्थ हैं।
 
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ઘણાં જનોબાસ કહે છે કે તેમની આગળ વધવા માટે ખુદને જ ચલાવવા પડશે, અને તેઓનો સાથ કરવા માટે ઘણી ગળ્યાં જાય છે... 😩

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मैं तो समझ नहीं पा रहा हूँ, यह बात तो वास्तव में अजीब है 🤔। आसनसोल में लच्छीपुर बसे की सेक्स वर्कर्स को अपना नाम वोटर लिस्ट से कट जाने पर सरकारी सुविधाएं देने की बात, तो यह सुनिश्चित करने के लिए कि वे अपने अधिकारों को समझेंगी या नहीं। लेकिन अगर ऐसा होता तो हमें लगता है कि उनके पास अपने जीवन के बारे में सोचकर भी समय नहीं बचता। और फिर उन्हें यह जानकारी कैसे मिलेगी? 🤷‍♀️

और दूसरी बात, चुनाव आयोग ने कहा है कि हमें सभी से फॉर्म भरवाने का काम है, लेकिन परेशानियां भी आ रही हैं। तो यह तो एक और सवाल उठता है कि सरकार क्यों इस तरह की समस्याओं का सामना नहीं कर पाती। 🤔
 
ये तो सच में चुनाव आयोग की सोच तेज़ है! पहले तो ये बात नहीं कही जा सकती थी, लेकिन अब हर किसी से फॉर्म भरने का काम करना उनका कर्तव्य बन गया है। मैं तो सोचता हूं कि अगर चुनाव आयोग ने ये काम शुरू किया तो अब कोई भी सरकारी सुविधा लेना आसान हो जाएगा। जैसे हम कहें कि अगर तुम्हारा नाम कट जाए तो तुम्हारी सब चीजें खत्म हो जाती हैं! 🤣
 
बस मैथिली इलाके में क्या चाल है 🤯, जहां सरकार ने बस में रेड लाइट एरिया बनाकर और सेक्स वर्कर्स को फॉर्म भरने के लिए कहा, तो ये समझ नहीं आता कि इनकी जान क्यों बाज़ार में है। 400 सेक्स वर्कर्स को एक ही जगह पर रखकर उन्हें फॉर्म भरने के लिए कहा गया, तो यह तो उनके लिए बहुत आसान नहीं होगा। और अगर सरकार द्वारा उनके नाम वोटर लिस्ट से कट जाए, तो इनकी जिंदगी खत्म कर देगी।
 
नहीं तो यह एक बड़ी समस्या है कि लोगों को अपने नाम से जुड़ी सरकारी सुविधाएं मिलने से पहले फॉर्म भरने का दबाव महसूस कर रहे हैं। ये सब कुछ इतना जल्दबाजी में चल रहा है कि लोग अपनी जानकारी से परे आ गए हैं।
 
ये तो बस एक जिम्मेदारी है सरकार की, लेकिन यह तो समझ में नहीं आता कि क्यों उन्हें फिर से अपना नाम वोटर लिस्ट पर लिखने की जरूरत है? और फॉर्म भरने के बाद भी क्या होता है? बस उनके पास एक नंबर हो जाता है और फिर उन्हें कुछ नहीं मिलता। यह तो बहुत परेशानी देता है, खासकर जब ये लोग अपने स्वास्थ्य सेवाओं, बीमा और अन्य सरकारी सुविधाओं के लिए आवेदन करते हैं।
 
मेरे दोस्त, यह तो बहुत बड़ी समस्या है जो चुनाव आयोग और सरकार को सolved करनी है। ये महिलाएं अपने जीवन में इतनी परेशानियां होती हैं कि वोटर आईडी और आधार कार्ड भरने का समय भी उनके लिए बहुत मुश्किल है। इसका मतलब यह नहीं है कि हम उन्हें खेद नहीं करते, बस समझना जरूरी है कि उनके पास जानकारी नहीं होती है और कैसे से मदद मिल सकती है।

मुझे लगता है कि चुनाव आयोग और सरकार दोनों एक साथ मिलकर एक समाधान ढूंढने की जरूरत है। शायद वो उन्हें एक विशेष कक्षा बनाकर फॉर्म भरने में मदद कर सकते हैं या उन्हें ऑनलाइन फॉर्म भरने की सुविधा दे सकते हैं। इससे उन महिलाओं की जिंदगी में थोड़ी सी राहत आएगी।
 
मुझे लगता है कि ये बहुत ही शर्मनाक बात है। इन लाजपत नगर की महिलाओं को यह कहना कि अगर उनका नाम वोटर लिस्ट से कट जाए, तो उन्हें सरकारी सुविधाएं मिलना बंद कर देगी, और यह तो भ्रष्टाचार है! वे तो बस अपना जीवन संभालने के लिए पैसे कमाने की कोशिश कर रही हैं। और अब सरकार उन्हें फॉर्म भरने के लिए कहती है, लेकिन क्या वे सोचते हैं कि यह महिलाएं अपने जीवन को भूलकर काम करेंगी? इसके अलावा, ये तो बहुत बड़ी समस्या है कि इन महिलाओं को उनके नाम के बारे में पता नहीं है।
 
क्या ये सही है? सरकार सबको वोटर आईडी और आधार कार्ड बनाने के लिए फॉर्म भरने के लिए कह रही है, लेकिन उन से निकलने वाले परिवारों को तो इन सभी चीजों का पता नहीं है। यह तो मजेदार नहीं है, भाई।
 
😂🤣 ऐसा लग रहा है जैसे चुनाव आयोग को मेरे दादाजी की उम्र से भी बड़ा बोझ उठाने की जरूरत है। यार, 400 सेक्स वर्कर्स को फॉर्म भरने के लिए कहकर तो लगता है कि यह तो एक मजेदार खेल है, लेकिन अगर हम गिनती करें तो ये सरकार के लिए एक बड़ा काम होगा। मुझे लगता है कि चुनाव आयोग से पहले उन्हें अपने दादाजी की उम्र बढ़ाने की जरूरत होगी। 😂👴
 
मुझे ये सुनकर बहुत उदास हो गया है कि ऐसे स्थानों पर भी सरकार तैयार है जो वोटर आईडी और आधार कार्ड भरने की बात कर रही है। लेकिन हमें यह नहीं पता है कि ये महिलाएं अपने अधिकारों के बारे में जागरूक हैं या नहीं।

मुझे लगता है कि सरकार को उन्हें जानकारी देनी चाहिए और फॉर्म भरने की प्रक्रिया स्पष्ट करनी चाहिए। क्योंकि अगर हमारे नाम कट जाए तो हमारी जीवनशैली और जरूरतें भी बदल जाएंगी।

मैं सोचता हूँ कि यह एक बड़ा मुद्दा है और इसका समाधान जल्दी से किया जाना चाहिए। हमें अपनी महिलाओं को समझना चाहिए और उनके अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए। 🤔💡
 
मुझे लगता है कि सरकार द्वारा ये कदम लेने से पहले इन महिलाओं को बहुत ज्यादा मूल्यवान माना जाता है, लेकिन वास्तविकता वह तो अलग है। हमारी जिंदगी में सरकारी सुविधाएं मिलने की उम्मीद कितनी भी मजबूत होती है लेकिन वो हमेशा असफल रहती हैं। मुझे लगता है कि अगर हम अपनी शिक्षा प्राप्त करें और अच्छे नौकरी ढूंढें, तो दूसरों की सारी चिंताओं को भूल जाएंगी। 💡
 
मैं तो कहूँगा आसनसोल में बसा रेड लाइट एरिया में 400 सेक्स वर्कर्स की जिंदगी क्या होती है! वे सब अपनी जान से फॉर्म भर रहे हैं और फिर भी सरकार द्वारा उनको मिलने वाली सुविधाएं कट जाती जा रही हैं। यह बिल्कुल सही नहीं है।

क्या सरकार को एहसान करने की जरूरत है? हमें आर्थिक रूप से कमजोर होने के लिए मजबूर होने की जरूरत नहीं। हमें मिलने वाली सुविधाएं, जैसे कि स्वास्थ्य बीमा और शिक्षा आदि, बनाए रखने के लिए काम करना चाहिए।
 
आसनसोल में लच्छीपुर बसे की बात करो, यहाँ लगभग 400 सेक्स वर्कर्स रहती हैं और उनको लगता है कि अगर उनका नाम वोटर लिस्ट से कट जाए तो उन्हें सरकारी सुविधाएं मिलना बंद कर देगी। तो फिर यहाँ क्यों ऐसा करना पड़ रहा है? सरकार को अपने अधिकारियों को बताना चाहिए कि यह कैसे लग रहा है, और उन्हें सेक्स वर्कर्स की समस्याओं को समझने में मदद करनी चाहिए।
 
मुझे लगता है कि यह बहुत बड़ी समस्या है कि सरकार तो हमेशा ऐसी चीजों में दखल देती है जिससे आम आदमी को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इन 400 लड़कियों को वोटर आईडी और आधार कार्ड जमा करने के लिए कहा गया, लेकिन उनके पास इतनी जानकारी नहीं है... क्या सरकार उन्हें स्कूल से पढ़ाई की तरह जानकारी देने की तैयारी कर रही है? और फिर भी, अगर उनका नाम वोटर लिस्ट से कट जाए, तो उन्हें आधारिक भाव से सरकारी सुविधाएं नहीं मिलनी चाहिए...
 
मुझे लगता है 🤔 कि यह बहुत बड़ा मुद्दा है। ये महिलाएं जो सेक्स वर्कर्स हैं उन्हें अपने जीवन में कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है, और अब उन्हें फॉर्म भरने की जिम्मेदारी भी दी गई है। लेकिन उनके पास यह जानकारी नहीं है कि कैसे फॉर्म भरें और कहाँ से। 🤷‍♀️

मुझे लगता है कि सरकार को इन महिलाओं की मदद करनी चाहिए। उन्हें अपने अधिकारों के बारे में जानकारी देनी चाहिए और फॉर्म भरने में उनकी सहायता करनी चाहिए। 🌟

और यह भी कहना होगा कि यह एक बड़ा मुद्दा है तो हमें इसके बारे में लोगों को जागरूक करना होगा। लोगों को समझाना होगा कि ये महिलाएं भी नागरिक हैं और उन्हें अपने अधिकारों का प्रयोग करने का अधिकार है। 💪
 
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