सोनीपत में ‘रईसजादों’ का तांडव! टोल मांगा तो कर्मचारियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा

सोनीपत में एक देर रात टोल प्लाजा पर एसयूवी पहुंची। वहां से नियम के अनुसार टोल शुल्क मांगने लगे। युवकों ने गाली-गलौज करनी शुरू कर दी, बैरियर हटाने की कोशिश की। जब कर्मचारियों ने विरोध किया, तो पीछे से खड़े तीन अन्य गाड़ियों से 10-12 युवक उतर आए। उन्होंने लाठियां और डंडे निकालकर कर्मचारियों पर हमला बोल दिया।

वीडियो में दिखाई देती है कि युवक कर्मचारियों को प्लाजा के आसपास दौड़ाते हुए मार रहे हैं। इस हमले में दो कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हुए, जिनका इलाज सोनीपत के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। टोल प्लाजा मैनेजर आनंद ने बताया कि युवकों ने जबरदस्ती बैरियर तोड़कर गाड़ी निकालने की कोशिश की। विरोध करने पर मारपीट शुरू हो गई। आरोपियों ने कर्मचारियों को इतना पीटा कि वे भागने को मजबूर हो गए।

इस घटना से सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुईं, जो अब वायरल हो रही है। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने पूरे शहर में चिंता की लहर फैला दी है।
 
क्या यह सच है कि हमारे युवाओं को बस की बात से इतना आक्रोश हो जाता है? बसों पर हमला करने वाले लोगों को पता नहीं है कि उनके द्वारा किया गया क्या है। सिर्फ तोल बढ़ने से पूरा देश बेचैन हो गया?
 
यह तो बहुत दुखद दृश्य है 🤕। जैसे ही टोल प्लाजा पर एसयूवी पहुंची, युवकों ने कर्मचारियों को धमकी देनी शुरू कर दी। क्या यही reason था कि वे गाड़ी निकालने की कोशिश कर रहे थे? 🤔 तेज गाली-गलौज और लाठियां डंडे से हमलावर हुए, इससे पहले कि कर्मचारी उनके पीछे दौड़ते हुए मारते गए। यह तो बहुत ही अनुचित और अजीब तरीका है।
 
वाह बेटा, यह तो बहुत गंभीर है 😱। ऐसे युवकों को जानबूझकर टोल प्लाजा पर हमला करने की स्थिति में लाना भयंकर आघात का कारण बनता है। और फिर भी, ये दो कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हुए, जिसने उन्हें बहुत दुखी कर दिया है 🤕। तोल प्लाजा पर मारपीट की घटना ने सोनीपत के लोगों को भी बहुत चिंतित किया है। यहां पर हमें युवाओं को व्यावसायिक जीवन में आने-जाने के तरीके सिखाने की जरूरत है, और उन्हें ऐसी गलत तरीकों से बचाने की कोशिश करनी चाहिए 🤝
 
ਇਹ ਕੋਈ गड़बड़ी का ਮामलਾ ਨਹੀਂ, ਪਰ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਬੁੱਢੇ ਜ਼ਿਆਦਾਤਰ ਗੱਲ ਅਸੀਂ ਨਹੀਂ ਕਹਿ ਸਕਦੇ। ਪਰੋ, ਤੁਸੀਂ ਜਾਣਦੇ ਹੋ ਕਿ ਗੱਡੀਆਂ ਵਧਦੀਆਂ ਹਨ ਅਤੇ ਟੋਲ ਪਲੇਜ਼ 'ਤੇ ਮਾਰਪੀਟ ਕਰ ਗਈ। ਜੇ ਉਸ ਦਰਵਾਜੇ 'ਤੇ 100 ਯੂਆਏ ਦਿੱਤੇ ਜਾਣ, ਤਾਂ ਕੀ ਲੋਕ ਨੀਂਹ ਉੱਪਰ ਭਗਣ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਦੇ ਹਨ।
 
बहुत भयावह घटना हुई। तोल प्लाजा पर जाने वालों को सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार और टोल प्लाजा मैनेजर को सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। युवकों ने जबरदस्ती बैरियर तोड़कर गाड़ी निकालने की कोशिश की, तो कर्मचारियों को भी विरोध करना पड़ा . यह घटना सिर्फ युवाओं के लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है। हमें सबक सीखने की जरूरत है और एक दूसरे के साथ सहानुभूति रखनी चाहिए।
 
वाह बोले, यह सीन्स मैंने कभी नहीं देखा। पुलिस तो कर्मचारियों को भी गंभीर रूप से घायल कर देती है और फिर क्या? युवकों ने जो बैरियर खत्म किया, वहां पर सीसीटीवी कैमरे लग गए हैं। अब तो यह वायरल हो गया है और सभी देख रहे हैं कि पुलिस कैसे रोज़ मारपीट कर लेती है।
 
मैंने कल सोनीपत की यात्रा की थी, वहां टोल प्लाजा पर घूमने गए थे। मुझे लगता है कि कैसे ज्यादा लोगों ने गाड़ी भराई, टोल प्लाजा पर हो रहे व्यवसाय में ज्यादा बदलाव आ गया है। पहले तो यहां साफ-सुथरी रहती थी, अब जानवरों की भी गाड़ियों से लिपटी देखी गई।
 
🤕 यह तो बहुत ही दुखद घटना है जिसने सोनीपत के लोगों को बहुत परेशान किया है। टोल प्लाजा पर ऐसी घटनाएं कभी नहीं हुईं, और अगर ऐसी भी हुईं तो बार-बार निमंत्रण नहीं देते। यहां पर कर्मचारियों ने अपनी जान बचाई है, लेकिन उनकी आर्थिक स्थिति कैसे रहेगी, इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। यह वायरल होने वाली वीडियो देखने के बाद, यह साफ तौर पर समझ में आता है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए हमें एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदार रहना चाहिए।
 
यह तो बहुत बड़ा दुखद है🤕, जब युवाओं की बिल्कुल भी समझदारी नहीं रहती और वे अन्य लोगों पर अपनी निराशा को छिपाने की कोशिश करते हैं। ऐसा तो पहले कभी सुना नहीं था, आजकल यह इतनी आम बात बन गई है कि किसी भी चीज़ में विरोध करने के लिए निंदनीय तरीकों का सहारा लिया जा रहा है।

मेरे अनुसार, ऐसी घटनाओं से हमें सोचने की जरूरत है कि हम कैसे अपने देश को और भी बेहतर बना सकते हैं। हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हर व्यक्ति को सम्मान मिले, चाहे वह किसी भी वर्ग या स्थिति से हो।
 
Wow 😱🚨 ये तो बहुत ही गंभीर और दुखद घटना है, जिसने पूरे सोनीपत में चिंता की लहर फैला दी है 🤕। यह हमला बिल्कुल उचित नहीं है और कर्मचारियों पर इस तरह का व्यवहार करना स्वीकार्य नहीं है 💔। पुलिस को तुरंत इन युवकों को गिरफ्तार कर लेना चाहिए और उन्हें सजा दिलानी चाहिए 👮‍♂️। यह घटना ने हमें सोचने पर मजबूर किया है कि हमारे समाज में शांति और सम्मान की कहानी कैसे आगे बढ़ाई जाए 🤔
 
मैंने सोनीपत टोल प्लाजा पर ऐसी घटना देखी जो बहुत दुखद है। युवकों की गाली-गलौज करने से पहले उन्हें समझाना चाहिए कि कैसे हमारे देश में टॉल टैक्स का पालन करना जरूरी है। तोल प्लाजा पर हमला करना और लाठियां डंडे निकालकर कर्मचारियों पर हमला करना बिल्कुल भी सही नहीं है 😡🚫

मुझे लगता है कि युवाओं को ऐसी घटनाएं देखने से पहले उन्हें शिक्षित करना चाहिए ताकि वे जान सकें कि कैसे हमारे समाज में एक्सप्रेस वे पर सुरक्षा का ध्यान रखना होता है। इसके अलावा, सरकार और पुलिस को भी ऐसी घटनाओं की रोकथाम करने के लिए कदम उठाने चाहिए।
 
😔 ये दुर्भाग्यपूर्ण घटना सुनकर मुझे बहुत दुख हुआ। कैसे युवक ऐसा विरोध करने के लिए मारपीट कर रहे थे, यह समझना मुश्किल है। टोल प्लाजा पर एसयूवी पहुंचना और नियमों का उल्लंघन करना एक जिम्मेदारी है, लेकिन मारपीट करना बिलकुल सही नहीं है। यह दिखाता है कि हमारे समाज में भ्रष्टाचार और अनियंत्रित स्वाभाव हो गया है। लोगों को अपने अधिकारों के लिए लड़ने का सही तरीका जानने की जरूरत है, न कि बैरियर तोड़कर गाड़ी निकालने की। यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना हमें सोचने पर मजबूर कर रही है कि हम अपने समाज को बेहतर बनाने के लिए क्या कर सकते हैं।
 
वाह, यह तो बहुत ही खतरनाक मोड़ हुआ। वीडियो में देखा जा रहा है कि युवक कर्मचारियों पर हमले करने के लिए तैयार थे। यह तो उनकी ठीक से नहीं समझाई गई समस्या की वजह बन गया। प्रशासन को तुरंत इस मामले में कार्रवाई करनी चाहिए। 🚨
 
ये तो बिल्कुल ऐसा ही घटिया दृश्य देखने को मिलता है 🤯। युवाओं का एक ग्रुप सोनीपत टोल प्लाजा पर मारपीट कर रहा है। वहां दो कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह तो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण बात है, क्योंकि पुलिस और अन्य अधिकारी तुरंत ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नहीं आते। सीसीटीवी कैमरे से इस घटना का रिकॉर्ड भी लिया गया, जिससे सारी बातें साफ हो गई हैं।
 
आज की युवा पीढ़ी क्या हुआ है 🤔 यह देखकर मुझे बहुत परेशानी हो रही है। सोनीपत की ऐसी घटना तो पहले भी कई बार हुई है, लेकिन इस तरह की गंभीरता में कभी नहीं आयी थी। जैसे ही वीडियो वायरल होता गया, मैंने सोचा कि हमें अपने देश के भविष्य के लिए ऐसी चीजों को रोकने की जरूरत है। अगर हम अपने बच्चों को सड़क पर हिंसा करने की आदत नहीं मिलेगी, तो वे बेहतर नागरिक बन सकते हैं।

मुझे लगता है कि सरकार को ऐसी समस्याओं का समाधान ढूंढने की जरूरत है, ताकि युवाओं को ऐसी चीजें करने के लिए प्रोत्साहित न हो। हमें अपने देश को बेहतर बनाने के लिए सामूहिक प्रयास करना होगा।
 
मुझे यह सुनकर बहुत उदासपण हुआ 🤕, युवाओं को ऐसे बारे में पता नहीं था कि जब विरोध कर रहे हों तो उन्हें लाठियां और डंडे निकालने चाहिए। अगर सुरक्षा गार्ड्स भी ऐसे ही देखते हैं तो यह देश तो एक बहुत बड़ा पागलपन बन जाएगा 😂. मुझे लगता है कि हमें शिक्षित करने की जरूरत है, लोगों को पता चलना चाहिए कि विरोध कर रहे हैं तो सार्थक तरीके से।

मैंने सुना था कि बीते महीने में दिल्ली में भी ऐसी ही घटनाएं हुई थीं, लोगों ने गाड़ियों को खींच कर उन्हें रोका और पुलिस पर हमला किया 🚨. यह बहुत ही चिंताजनक है कि हमारे देश में ऐसी घटनाएं बार-बार होती जा रही हैं।

मुझे लगता है कि युवाओं को शिक्षित करने और उनके भविष्य के लिए सोचकर हमें काम करने की जरूरत है। अगर हम उन्हें सही रास्ते पर चलने में मदद करेंगे, तो वे देश के लिए कुछ सकारात्मक बातें कर सकते हैं 🤝.
 
ये तो बहुत ही दुखद घटना है 🤕। टोल प्लाजा पर ऐसे हमले होने से नियमों का उल्लंघन करने वालों की जिम्मेदारी कहीं नहीं दिख रही है। यहां पर कर्मचारियों को उनके काम में भी चुनौती दी गई है, और उनकी सुरक्षा की गारंटी नहीं हुई। ऐसे हमलों के लिए जिम्मेदार युवकों को सजा मिलनी चाहिए।
 
मुझे यह बात बहुत पसंद नहीं है जब युवक अपने रिज़ल्टों से जूझते हैं और दूसरों को भी इसमें शामिल कर लेते हैं। वो तीन गाड़ियाँ निकली तो मुझे लगता है कि पुलिस चालू होगी, लेकिन इस बार सब फिसल गया। अगर युवक बैरियर निकालना चाहते थे तो वो समझ सकते थे कि इसके खिलाफ विरोध करेगा और अपनी आवाज़ सुनाएंगे।
 
ये देखकर परेशान है जैसे हमारे युवाओं को सिर्फ पैसों की बात करने से समझने में असमर्थ हैं। यहां टोल प्लाजा के कर्मचारियों ने अपना काम सही ढंग से नहीं किया, लेकिन युवाओं को ऐसा व्यवहार करना जैसे बैरियर तोड़कर और मारपीट करना... यह तो बहुत ही गंभीर परिणाम है।
 
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