स्पॉटलाइट-3 पाकिस्तानी भाई सूरज ढलते ही लकवाग्रस्त हो जाते थे: इन्हें ‘सोलर किड्स’ क्यों कहते हैं, कैसे एक गोली पर निर्भर है जिंदगी, देखें वीडियो

पाकिस्तान में रहने वाले तीन भाइयों ने एक दुर्लभ बीमारी से पीड़ित होने का दर्जा प्राप्त किया है, जिसमें उनका शरीर सूरज डूबने पर लकवाग्रस्त हो जाता है। यह बीमारी उन्हें एक गोली पर निर्भर कर देती है और उनकी जिंदगी को पूरी तरह से नियंत्रित करती है।

इन तीन भाइयों की कहानी बहुत ही रोचक है। पाकिस्तान में रहने वाले यह तीन भाइयों ने अपने बचपन को एक गोली पर जीतने की कला सीख ली थी। उन्होंने अपने शरीर को इतना मजबूत बनाया था कि वह अपने आप को एक गोली पर खड़े होकर भी रख सकते थे।

लेकिन उनकी यह शक्ति उनकी जिंदगी को पूरी तरह से बदल देती है। जब वे सूरज डूबते हैं, तो उनका शरीर लकवाग्रस्त होने लगता है और उन्हें अपने आसपास की दुनिया से अलग होने का दर्जा प्राप्त होता है।

इन भाइयों की यह बीमारी इतनी गंभीर है कि उनके माता-पिता को उन्हें अपने घरों में अकेले रखना पड़ता है। उन्हें दुनिया से अलग कर देना पड़ता है और उन्हें एक विशेष प्रकार की देखभाल से पालन-पोषण करना पड़ता है।

इन भाइयों की कहानी हमें कई सवाल उठाती है। क्या यह बीमारी उनके शरीर में किसी विशेष चिकित्सीय समस्या की वजह से है? और क्या इससे पहले भी उन्हें इसी तरह की समस्या थी?

इन सवालों के जवाब ढूंढने के लिए हमें इन भाइयों की कहानी में गहराई लेनी होगी। उनकी कहानी सुनकर हमें यह समझने को मिलता है कि कैसे एक दुर्लभ बीमारी किसी की जिंदगी को पूरी तरह से बदल सकती है।
 
बिल्कुल तो ये बात मुझे थोड़ी परेशान करती है ... इन तीन भाइयों की कहानी बहुत रोचक है, लेकिन फिर भी यह सवाल उठता है कि हमें उनकी इस दुर्लभ बीमारी के बारे में ज्यादा जानकारी कैसे पाएंगे। क्या हमें इनके इलाज के बारे में और जानकारी नहीं मिल सकती? 🤔

और फिर भी, यह सवाल उठता है कि क्या हम अपने देश में ऐसी स्थिति को पूरी तरह से समझने के लिए तैयार हैं? यानी कि जब तक हमें इसके बारे में जानकारी नहीं मिलती, तब तक हम इसे स्वीकार नहीं कर सकते।
 
मैंने पढ़ा है कि ये तीन भाइयों को फोर्स फीड सिंड्रोम कहा जाता है, लेकिन मुझे लगता है कि इसका मतलब है कि उनकी शरीर में सूरज डूबने पर कुछ जानलेवा हो गया हो। यह बहुत ही दुर्लभ बीमारी है। मैं नहीं समझ पाया कि उनकी माँ और पापा कैसे अपने बच्चों की देखभाल करेंगे। मुझे लगता है कि सरकार को इस पर ध्यान देने की जरूरत है, लेकिन फिर भी मैं यह सोचता हूँ कि शायद वे अच्छी तरह से नहीं जानते कि कैसे इनकी देखभाल करे।

मुझे लगता है कि ये तीन भाइयों को एक अलग संस्थान में रखा जाना चाहिए जहाँ वे उनकी बीमारी के लिए पूरी तरह से अच्छी देखभाल प्राप्त कर सकें। लेकिन यह भी सच है कि ऐसा संभव नहीं हो सकता है और इसलिए मुझे लगता है कि सरकार ने इसके लिए एक विशेष रूप से बनाए गए विशेषज्ञों की जरूरत है।
 
मुझे लगता है कि ये तीन भाइयों की कहानी बहुत ही न्यूनतम है। लोग इतने दिलचस्प नहीं हैं कि एक व्यक्ति को सूरज डूबने पर लकवाग्रस्त होने की समस्या हो। इससे तो यही समझ में आता है कि उनके पास शायद कोई खास कौशल नहीं हैं।
 
ये तीन भाइयों की कहानी बहुत ही रोचक है, लेकिन मुझे लगता है कि उनकी बीमारी के पीछे कुछ और जानकारी चाहिए। शायद यह बीमारी उनके शरीर में कोई विशेष समस्या नहीं है, बल्कि इसके पीछे कुछ भौतिक या परिस्थितीय कारक हो सकते हैं। मुझे लगता है कि हमें इन भाइयों की कहानी को और गहराई से समझने की जरूरत है, ताकि हम उनकी मदद कर सकें।
 
ये तीन भाइयों की कहानी बहुत ही रोचक है, मुझे उनकी कहानी सुनकर खुशी हुई 🤩। लेकिन यह बीमारी बहुत गंभीर है, यही नहीं बल्कि दुर्लभ है। मुझे लगता है कि हमें इस बीमारी को जानने के लिए और समझने के लिए जाना चाहिए। शायद हमें इसके पीछे की चिकित्सीय समस्या को सुधारने का मौका भी मिल सकता है। मुझे लगता है कि इन तीन भाइयों की कहानी से हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है, यही नहीं बल्कि उनकी जिंदगी को समझने का मौका भी मिल सकता है।
 
मुझे लगता है कि यह बीमारी नहीं है, बल्कि यह किसी विशेष परीक्षण या दवा का परिणाम हो सकता है। मैंने देखा है कि पाकिस्तान में कई लोगों को ऐसे परीक्षण और दवाएं लगाई जाती हैं, जिनके परिणामस्वरूप वे इस तरह की समस्याओं से गुजरते हैं।

मुझे लगता है कि सरकार यहां पर कुछ छुपाया बैठा है, और हमें पूरी सच्चाई तक पहुंचने में रुकावट डालने की कोशिश कर रही है। मैंने देखा है कि ऐसे कई मामले हैं, जहां लोगों को ऐसी समस्याओं से गुजरना पड़ता है, और वे नहीं जानते कि इसका कारण क्या है।

मुझे लगता है कि हमें इस बात पर ध्यान देने की जरूरत है कि हम अपने आसपास की दुनिया से कितना अलग हो रहे हैं। और यह भी सवाल उठता है, कि हमारे देश में ऐसे कई मामले हैं जहां लोगों को इस तरह की समस्याओं से गुजरना पड़ता है।
 
इस दुर्लभ बीमारी नाले में बहने वाली जल धारा की तुलना में भी तेज़ है। यह ऐसी बीमारी है जो एक गोली पर जीने की कला सीखने के बाद भी रोजमर्रा की चीज़ों में नाक लगने से उनके शरीर को पूरी तरह से बदल देती है। इनकी कहानी हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि कैसे हम अपने शरीर को इतना मजबूत बना सकते हैं कि वह एक गोली पर खड़े होकर भी रख सके। लेकिन एक बार जब उनका शरीर लकवाग्रस्त होने लगता है, तो यह जिंदगी को पूरी तरह से बदल देती है। 🤔
 
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