अरे, यह मामला तो क्या सोचिएगा, एक वकील व्हिस्की का टेट्रापैक पेश कर देता है, जजों की चौंकाने वाली बात! लेकिन थोड़ा सोचते हैं तो यहाँ पर कई राज्यों में शराब की कीमतें अलग-अलग होती हैं, अरे तो यह तो सरकार का नियम ही है कि शराब की कीमतें एक जगह पर लिखी हुई होंगी, नहीं तो यह बिल्कुल भ्रमपूर्ण होगा!
लेकिन जजों की बात सुनते हैं तो यह सवाल उठता है कि शराब की बिक्री पर नियंत्रण की आवश्यकता है, और सरकार ने ऐसा क्यों नहीं कहा है? खैर, यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले की ओर बढ़ रहा है, और हम देखेंगे कि क्या जजों की चिंताएं वास्तविकता में बदल जाती हैं?
लेकिन जजों की बात सुनते हैं तो यह सवाल उठता है कि शराब की बिक्री पर नियंत्रण की आवश्यकता है, और सरकार ने ऐसा क्यों नहीं कहा है? खैर, यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले की ओर बढ़ रहा है, और हम देखेंगे कि क्या जजों की चिंताएं वास्तविकता में बदल जाती हैं?