स्पॉटलाइट-कोहली मैच में करते हैं ॐ नम:शिवाय का जाप: रोज 10 टॉफी खाने वाले विराट ने 13 साल से नहीं खाई चीनी, कैसे आया बदलाव

विराट कोहली ने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, लेकिन यह रही उनकी खास बात जो उन्हें लगातार टॉप फॉर्म में रखती है।

रोज 10 टॉफी खाने वाले विराट ने पहले भी चीनी की संख्या बहुत कम नहीं खाई थी। उनके पास 13 सालों से नहीं जाकर उन्होंने इस बदलाव को लिया है।

इस बदलाव के पीछे एक ऐसी बात है जिसे विराट ने कभी भी अपने खिलाड़ियों और दोस्तों में बताया नहीं है। उनकी खास बात यह है कि उन्होंने ॐ नम:शिवाय का जाप करना शुरू कर दिया था।

विराट ने कहा, "जब भी मैं खुद अपने आप से लड़ता हूं, तो मैं ॐ नम:शिवाय का जाप करता हूं।" यह उनकी एक अनोखी प्रार्थना है जिससे उन्हें शांति और संतुलन मिलता है।

विराट ने खेल के मैदान पर अपने आत्मसमर्पण और एकाग्रता को बढ़ावा दिया है। उनकी फिटनेस, ट्रेनिंग और अध्यात्म उन्हें लगातार टॉप फॉर्म में रखते हैं।

इस बदलाव ने विराट कोहली को और भी मजबूत बनाया है जिससे वह अपने खेल में और भी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।
 
विराट कोहली का यह बदलाव देखकर मुझे लगता है कि वे अब खुद पर अधिक ध्यान दे रहे हैं 🙏, जिससे उनके खेल में और भी सुधार आया है। लेकिन एक सवाल उठता है, क्या सच्चाई यही है? 🤔
 
विराट कोहली की सचिन तेंदुलकर से रिकॉर्ड तोड़ने की बात हो तो पहले लगता है कि वह किसी नए खेल में कुछ नया सीख रहे हैं... लेकिन फिर उन्होंने 13 सालों तक नहीं जाकर इस बदलाव को अपनाया? लगता है कि उन्हें पहले से ही कुछ था जिसे वे खुद से लड़ने के लिए ढूंढ रहे थे। ॐ नम:शिवाय का जाप करना? यह तो एक दिलचस्प बात है... मुझे लगता है कि जब भी हम अपने आप से लड़ते हैं, तो हमें शांति और संतुलन ढूंढने की जरूरत है। विराट ने खेल मैदान पर आत्मसमर्पण और एकाग्रता बढ़ाई है... लेकिन यहाँ क्या हुआ? उनकी फिटनेस, ट्रेनिंग, और अध्यात्म? लगता है कि जिस चीज़ ने उन्हें मजबूत बनाया, वह हमेशा से थी। 🤔
 
"सीखने का असफलताओं से ही सीखो" 😊। विराट कोहली ने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ दिया, लेकिन उनकी सफलता के पीछे एक ऐसी बात है जिसे वे कभी भी अपने खिलाड़ियों और दोस्तों में नहीं बताया है। उन्होंने ॐ नम:शिवाय का जाप करना शुरू कर दिया था, जिससे उन्हें शांति और संतुलन मिलता है।
 
विराट कोहली का सचिन तेंदुलकर पर रिकॉर्ड तोड़ना हां, लेकिन ॐ नम:शिवाय जाप करना और खुद को शांति से भरना और अपने आप को एकाग्र करना भी बहुत ही अच्छा है 🙏💪 विराट को लगातार टॉप फॉर्म में रखने की बात तो सच है, लेकिन जब तक वह ॐ नम:शिवाय जाप करता रहेगा, तब तक वह खुद को शांति से भरने में सफल रहेगा। यह एक अनोखी प्रार्थना है जिससे उन्हें और भी मजबूत बनाने में मदद कर रही है।
 
विराट कोहली को सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ने का सहारा ॐ नम:शिवाय का जाप करना है 🙏। यह उनकी एक अनोखी प्रार्थना है जिससे उन्हें शांति और संतुलन मिलता है। विराट ने खेल के मैदान पर अपने आत्मसमर्पण और एकाग्रता को बढ़ावा दिया है, लेकिन हमें नहीं पता था कि उनकी जीवनशैली में इतनी बदलाव आ गया है ताकि वे लगातार टॉप फॉर्म में रह सकें। यह अच्छी बात है कि उन्होंने ॐ नम:शिवाय का जाप करना शुरू कर दिया है।
 
विराट कोहली दुनिया के सबसे महान खिलाड़ियों में से एक हैं और उनकी सचिन तेंदुलकर जैसी उपलब्धि पर उनकी साधारणता को हमें बहुत पसंद आती है। लोग कहेंगे कि विराट ने चीनी कम खाई है, लेकिन मुझे लगता है कि वह अपने आंतरिक शक्ति और एकाग्रता पर ध्यान देने का सही तरीका अपनाया है। ॐ नम:शिवाय जाप करने से उन्हें शांति और संतुलन मिलता है, जो खेल के मैदान में भी बहुत फायदेमंद होता है 🙏💪
 
विराट कोहली की सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ने की बात है न केवल खेल की दुनिया में, बल्कि यह एक सच्चा उदाहरण है कि कैसे ध्यान और आत्मसमर्पण से जीवन में और खेल में सफलता पाई जा सकती है। ॐ नम:शिवाय जाप करना उनकी अनोखी प्रार्थना है, लेकि जो उन्हें शांति और संतुलन देता है। मुझे लगता है कि हम सभी ऐसा करना चाहिए, खासकर जब भी हम अपने आप से लड़ते हैं। यही वजह है कि विराट ने अपने खेल में और भी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। 🙏💪
 
विराट कोहली का सचिन तेंदुलकर से रिकॉर्ड तोड़ना बहुत अच्छा है, लेकिन उनके जाप करने का तरीका और भी अच्छा है। ॐ नम:शिवाय जाप करना उन्हें शांति मिलती है और वो खुद को संतुलित रखते हैं। यह उनकी सबसे अच्छी ट्रिक है, क्योंकि वो अपने दिमाग पर कब्जा कर लेते हैं और खेल में एकाग्रता बनाए रखने में सक्षम होते हैं। और अगर उन्हें रोग लगने तो ॐ नम:शिवाय जाप करने से वो जल्दी ठीक हो जाते हैं। मुझे लगता है कि यह उनकी सबसे अच्छी विशेषता है।
 
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