स्पॉटलाइट-कोहली मैच में करते हैं ॐ नम:शिवाय का जाप: रोज 10 टॉफी खाने वाले विराट ने 13 साल से नहीं खाई चीनी, कैसे आया बदलाव

विराट कोहली ने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ दिया था, लेकिन उनके बाद भी कई ऐसे खिलाड़ी हैं जो उनकी तरह फिट और टॉप फॉर्म में रहते हैं। लेकिन इनमें से किसी भी खिलाडी की कहानी जितनी विशिष्ट और प्रेरक है, वही है विराट कोहली की।

विराट कोहली, जो अपने 13 साल की चीनी कमाई का रिकॉर्ड तोड़ रहे थे, अब उनकी दिनचर्या में एक नया बदलाव आया है। जब तक वह रोजाना 10 टॉफी खाते थे, तब तक उन्होंने कभी भी चीनी नहीं खाई थी।

विराट कोहली ने कहा, "मैंने हमेशा अपने जीवन में संतुलन बनाए रखने की कोशिश की। मेरे पास एक अच्छा फिटनेस ट्रेनर और डाइटिस्ट थे, जो मुझे बताते रहते थे कि मैं अपने शरीर को कैसे पोषित कर सकता हूं।"

लेकिन जब वह भारत-साउथ अफ्रीका वनडे सीरीज के पहले मैच में सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ रहे थे, उनकी दिनचर्या में एक नया बदलाव आया। विराट ने अपने खेल में और भी प्रयास किया, और उनकी टीम को भी सफलता मिली।

विराट कोहली ने कहा, "जब मैं मैदान पर रहता हूं, तो मेरे शरीर और दिमाग दोनों एक साथ मिलकर काम करते हैं। मैं अपने खेल में इतना प्रयास करता हूं कि मुझे अपनी चीनी कमाई को भूलने का मौका नहीं मिलता।"

विराट कोहली ने जाहिर किया, "मैं हमेशा अपने जीवन में संतुलन बनाए रखने की कोशिश करता हूं। मेरे पास एक अच्छा फिटनेस ट्रेनर और डाइटिस्ट है, जो मुझे बताते रहते हैं कि मैं अपने शरीर को कैसे पोषित कर सकता हूं।"

इस तरह, विराट कोहली ने अपने खेल में और भी प्रयास किया, और उनकी टीम को सफलता मिली। वह अब एक ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं जो अपने खेल में और भी प्रयास करते रहते हैं, और उनकी चीनी कमाई को भूलने का मौका नहीं मिलता।
 
बोले विराट कोहली, "मेरी दिनचर्या में बदलाव आया, लेकिन मैं अपने खेल में और भी प्रयास करता रहूँगा। मेरे फिटनेस ट्रेनर और डाइटिस्ट मुझे हमेशा सही सलाह देते हैं, और मैं उनकी बातों को मानने की कोशिश करता हूँ। लेकिन जब मैं मैदान पर रहता हूँ, तो मेरा शरीर और दिमाग एक साथ मिलकर काम करते हैं।" 🏟️💪
 
बिल्कुल सही, विराट कोहली की कहानी तो एक प्रेरणा है हम सभी के लिए। वह तो सचिन से ज्यादा फिट और टॉप फॉर्म में रहते हैं 🏋️‍♂️। परन्तु, मुझे लगता है कि विराट कोहली की सबसे बड़ी सफलता यह नहीं है, बल्कि वह अपने जीवन में संतुलन बनाए रखने की कोशिश करते रहते हैं और अपने खेल में प्रयास करते रहते हैं। तो विराट कोहली की कहानी तो एक सच्चा रोमांस है हमारे लिए।
 
विराट कोहली की कहानी बहुत प्रेरक है 🙌। उन्होंने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ा और फिर भी अपने खेल में और भी प्रयास करते रहते हैं। उनकी दिनचर्या में बदलाव आया, लेकिन वे अपने जीवन में संतुलन बनाए रखने की कोशिश करते हैं। यह एक अच्छा संदेश है कि हमें अपने खेल और जीवन में संतुलन बनाना चाहिए। 🏟️
 
विराट कोहली की यह कहानी देखकर मुझे थोड़ा अजीब लगा 🤔। पहले तो वो सचिन का रिकॉर्ड तोड़ रहे थे, फिर खुद अपनी चीनी कमाई का रिकॉर्ड तोड़ने की बात करते हैं। लेकिन जब वो सचिन का रिकॉर्ड तोड़ रहे थे, तो उनकी दिनचर्या में कुछ बदलाव नहीं आया? और अब जब वो अपनी चीनी कमाई का रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं, तो उनकी दिनचर्या में फिर से एक नया बदलाव आया? यह बहुत अजीब लग रहा है 🙄
 
🤔 विराट कोहली की दिनचर्या में एक नया बदलाव आया है, लेकिन यह बदलाव हमेशा से ही उनके खेल में सफलता लाने की उनकी अनन्य प्रतिभा से जुड़ा हुआ है। विराट ने अपने खेल में और भी प्रयास किया, और अब वह एक ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं जो अपने खेल में और भी प्रयास करते रहते हैं। यह हमें दिखाता है कि विराट कोहली ने उनकी संतुलित दिनचर्या को कभी भी छोड़ने की जरूरत नहीं थी। उनकी सफलता हमेशा से उनकी मेहनत और समर्पण के परिणामस्वरूप हुई है। विराट कोहली की कहानी हमें प्रेरित करती है कि हम अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए हमेशा अपने साथ रहना चाहिए।
 
विराट कोहली की कहानी मुझे बहुत पसंद आती है 🙏। वह अपने खेल में इतना प्रयास करते रहते हैं कि उनकी टीम को सफलता मिल जाती है। लेकिन मुझे लगता है कि उनकी सबसे बड़ी ताकत यह है कि वे अपने जीवन में संतुलन बनाए रखने की कोशिश करते रहते हैं। जब तक वह रोजाना 10 टॉफी खाते थे, तब तक उन्होंने कभी भी चीनी नहीं खाई थी। यह उनकी समझ और संतुलन की बात है। 🤔
 
मेरे दोस्तों को लगता है कि विराट कोहली से जुड़ी यह कहानी तो सचमुच बहुत प्रेरक है। वह अपने खेल में इतना प्रयास करते रहते हैं और अपने शरीर को भी एक साथ दिमाग के साथ फिट रखते हैं। लेकि जो कुछ उन्होंने अपनाया है वह तो हम सभी सीख सकते हैं। उनके दिनचर्या में बदलाव करना और अपने खेल में प्रयास करना तो हमारे लिए एक अच्छा उदाहरण है।
 
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