स्पॉटलाइट-कोहली मैच में करते हैं ॐ नम:शिवाय का जाप: रोज 10 टॉफी खाने वाले विराट ने 13 साल से नहीं खाई चीनी, कैसे आया बदलाव

विराट कोहली ने साचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, लेकिन उनके पास एक गुप्त रहस्य है जो केवल अब तक खुला। 13 सालों के बाद उन्होंने चीनी नहीं खाई। यहां तक कि रोज 10 टॉफी खाने वाले विराट ने भी इसका सामना नहीं किया।

वहीं, सचिन तेंदुलकर को चीनी का सेवन करते समय कोई परेशानी नहीं होती थी। वह अपनी दैनिक डाइट में चीनी का सेवन करते थे। लेकिन विराट कोहली के पास एक अनोखा तरीका है जिससे उन्हें भी अपने खाने में बदलाव लाने की जरूरत नहीं पड़ती।

वहीं, दोनों के बीच में एक अंतर यह है। विराट कोहली को चीनी का सेवन करने पर शरीर के प्रति अधिक जागरूकता है। उन्हें पता है कि जब वे 10 टॉफी खाते हैं तो उनके शरीर के प्रति यह क्या कर रहे हैं। वह अपने खाने में बदलाव लाने के बारे में भी सोचते हैं।

विराट ने बताया, "जब मैं 10 टॉफी खाता हूं, तो मुझे लगता है कि मेरे शरीर को यह पर्याप्त चीनी नहीं है। इसलिए, मैं अपने खाने में बदलाव लाने का फैसला करता हूं।"
 
विराट कोहली ने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, और यह बहुत अच्छा जश्न है! 😊 लेकिन मुझे लगता है कि उनके पीछे की कहानी भी बहुत ही रोचक है। विराट ने चीनी का सेवन करने पर अपने शरीर को बिल्कुल तैयार रखने की आदत बनाई है, और यह बहुत ही स्वास्थ्यवर्धक है! 🥗 मुझे लगता है कि हम सभी को अपने खाने में बदलाव लाने का फैसला करना चाहिए, ताकि हम अपने शरीर को स्वस्थ रख सकें। यह एक बहुत ही अच्छा उदाहरण है! ❤️
 
विराट कोहली ने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ दिया, लेकिन अब तो उनके पास चीनी सेवन करने का रहस्य खुल गया। 13 सालों बाद उन्होंने चीनी नहीं खाई, बात तो सचिन की कि वह चीनी का सेवन करते थे। लेकिन विराट का तरीका अलग है, उन्हें अपने शरीर पर अधिक जागरूकता है। जब वे 10 टॉफी खाते हैं तो उन्हें पता चलता है कि उनके शरीर को यह पर्याप्त चीनी नहीं है।
 
मुझे पता है कि सचिन तेंदुलकर जैसे महान खिलाड़ी चीनी का सेवन करके भी बहुत अच्छा खेलते थे, लेकिन विराट कोहली जैसे खिलाड़ी के लिए यह एक अलग कहानी है। मुझे लगता है कि वह अपने शरीर पर अधिक ध्यान देते हैं और चीनी का सेवन करते समय उसके प्रति जागरूक रहते हैं। यह तो एक अच्छी बात है, लेकिन कभी-कभी खिलाड़ियों को अपने शरीर को भूलकर खेलना पड़ता है और फिर उनकी सेहत पर उसका असर पड़ सकता है। 🤔
 
विराट कोहली ने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ दिया, लेकिन उनके पास एक गुप्त रहस्य है कि वे चीनी नहीं खाते। यह अच्छा है, लेकिन मुझे लगता है कि विराट को अपने शरीर पर अधिक जागरूकता होनी चाहिए। वह कहते हैं कि जब वे 10 टॉफी खाते हैं, तो उनके शरीर को यह पर्याप्त नहीं है, लेकिन मुझे लगता है कि इसका मतलब यह नहीं है कि हमें सभी चीनी से दूर रहना चाहिए।

कुछ समय पहले, मैंने पढ़ा था कि अधिकांश भारतीयों को पर्याप्त विटामिन और मिनरल्स की कमी है। मुझे लगता है कि विराट कोहली को अपने शरीर की ज़रूरतों को समझने की जरूरत है, न कि सिर्फ चीनी।
 
विराट कोहली ने सचिन का रिकॉर्ड तोड़ दिया, लेकिन अब से वो चीनी से दूर रहें, क्योंकि 10 टॉफी खाने से भी शरीर को पर्याप्त नहीं होती। 🍞😬
 
विराट कोहली साचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ दिया, यह बहुत अच्छी बात है 🙌, प्लेइंग XI में भी बदलाव आया है। लेकिन विराट के चीनी का सेवन कैसे कम करने में उन्होंने अपनी रणनीति तैयार की है, यह बहुत दिलचस्प है 🤔। 13 सालों तक चीनी नहीं खाने वाले विराट ने भी अपने खाने में बदलाव लाने का फैसला किया, जो शायद उनकी शरीर की जागरूकता का एक उदाहरण है। सचिन तेंदुलकर जैसे महानतम खिलाड़ियों से भी हमने बहुत कुछ सीखा है, लेकिन विराट कोहली की इस रणनीति से हमें भी प्रेरणा मिलती है 😊
 
मुझे तो विराट कोहली से बहुत सम्मान है 🙏, उनका यह रिकॉर्ड तोड़ना और भी अद्भुत है। मैंने जब भी उन्होंने चीनी खाई थी, तब वह तेज़ी से खाते थे। लेकिन अब देखकर आश्चर्य हो रहा है कि वे इतने समय तक चीनी नहीं खा सके। मुझे लगता है कि उनके पास एक स्वस्थ जीवनशैली है, और वह अपने शरीर पर बहुत अधिक ध्यान देते हैं। जब भी वे 10 टॉफी खाते हैं, तो मैं उन्हें देखते हुए आश्चर्यचकित होता हूं 🤯, कि इतनी चीनी उनके शरीर को सहन नहीं कर पा रही है।
 
बिल्कुल सही है! विराट कोहली ने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ दिया, लेकि इस बारे में जो रहस्य सामने आया है, वह बहुत ही रोचक है। मेरा मानना है कि विराट कोहली की यह तकनीक चीनी की कमी पर आधारित है। वे 10 टॉफी खाने से शरीर को पर्याप्त चीनी नहीं मिल रही, इसलिए उन्होंने अपने खाने में बदलाव लाने का फैसला किया। यह एक बहुत ही स्मार्ट और स्वस्थ तरीका है, जिससे वे अपने शरीर को चीनी की जरूरत के अनुसार तैयार रख सकते हैं।
 
विराट कोहली साचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, लेकिन उनका सबसे अजीब रहस्य यह है कि वे चीनी खाने में परेशान नहीं होते। सचिन जी को चीनी का सेवन करने पर शरीर के प्रति अधिक जागरूकता थी, लेकिन विराट कोहली को भी अब तक इसका सामना नहीं किया।

विराट कोहली का यह तरीका मुझे बहुत रोचक लग रहा है, वे चीनी खाने पर शरीर को लेकर जागरूकता रखते हैं और अपने खाने में बदलाव लाने के बारे में सोचने लगते हैं।

ज़रूर ताज़ा टॉफी खाने वालों जैसा नहीं लगता हूँ।
 
विराट कोहली का ये तरीका देखकर मुझे Wow 🤩 लगा। वह सोचते हुए खाते हैं और अपने शरीर को ध्यान में रखते हैं। सचिन तेंदुलकर ने भी चीनी का सेवन किया, लेकिन विराट कोहली की इस तरह से सोचते हुए खाने की तकनीक बहुत दिलचस्प है।
 
विराट कोहली साचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ दिया, लेकिन फिर भी वे चीनी से लड़ते रहे 🤔 क्योंकि सचिन तेंदुलकर को चीनी खाने में परेशानी नहीं होती, वह अपनी डाइट में चीनी लेते थे। लेकिन विराट कोहली का यह तरीका हमसे पसंद आया कि उन्हें शरीर के प्रति जागरूकता है। विराट ने खोला है कि जब वह टॉफी खाते हैं तो उनके शरीर को चीनी पर्याप्त नहीं लगती और इसलिए वे अपने खाने में बदलाव लाते हैं। यह एक अच्छा संदेश है 🙌 हमें भी अपने खाने में बदलाव लाने के बारे में सोचना चाहिए।
 
चाइनीज़ खाने से पहले विराट बहुत सोचते हैं ... उनका शरीर उसकी ज़रूरत के अनुसार जवाब देता है 🤔। सचिन तेंदुलकर ने भी ऐसा ही नहीं किया, वह चाइनीज़ खाते थे और फिर अच्छाई-भाई माना जाता था। विराट को अपने शरीर की बात सुननी चाहिए, शायद वह अब भी 10 टॉफ़ी खाएं, लेकिन फिर सोचेंगे।
 
विराट कोहली ने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ दिया है... और अब उनके पास एक समस्या है। विराट को 10 टॉफी खाने से शरीर पर अधिक दबाव होता है, इसलिए वह अपने खाने में बदलाव लाने की बात करते हैं। लेकिन सचिन तेंदुलकर को चीनी का सेवन करने पर कोई समस्या नहीं थी, और उनके शरीर के प्रति अधिक जागरूकता नहीं थी। विराट कोहली के पास एक अनोखा तरीका है... लेकिन यह भी एक समस्या हो सकती है। 🤔
 
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विराट कोहली जैसा खेलना आसान है, लेकिन चीनी खाना तो सबको नहीं सीख सकता। मैं भी 10 टॉफी खाता हूं, लेकिन मुझे लगता है कि यह अच्छा नहीं है। हमें अपने शरीर को समझना चाहिए और बदलाव लाने की जरूरत है। चीनी जैसी बात तो सबके सामने आती है, लेकिन विराट कोहली जैसे खिलाड़ियों को हमेशा कुछ अच्छा करना पड़ता है।
 
विराट कोहली ने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, और अब उनके पास एक गुप्त रहस्य है जो हमेशा से अच्छी है। 10 टॉफी खाने वाले विराट कोहली ने चीनी का सेवन छोड़ दिया, और इसका मतलब यह नहीं है कि उनका शरीर कमजोर होगा। वह अपने शरीर को समझते हैं और जब भी उन्हें लगता है कि उनके पास पर्याप्त चीनी नहीं है, तो वे अपने खाने में बदलाव लाते हैं।

मुझे लगता है कि यह एक बहुत ही स्वस्थ निर्णय है। हमें हमेशा अपने शरीर को समझने और उनकी जरूरतों के अनुसार खाने वाली चीजें खानी चाहिए। इससे हमारा शरीर स्वस्थ रहता है और हम अधिक ऊर्जावान भी बनते हैं।
 
मानो तो विराट कोहली ने सचिन तेंदुलकर से बुराई पर अच्छाई जीत ली, लेकिन यह भी एक बात है कि वह चीनी का सेवन करते समय अपने शरीर के प्रति इतना जागरूक है। मुझे लगता है, अगर हम अपने खाने में बदलाव लाने का विचार करें, तो यह बहुत अच्छा होगा। शायद 10 टॉफी खाने के बाद विराट कोहली की बात से हमें भी पता चल जाएगा कि हम अपने शरीर को कैसा देते हैं।
 
विराट कोहली ने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ दिया, लेकिन क्या वास्तव में वह चीनी खाने से इतनी हैरान रह गए? 13 सालों बाद उन्होंने चीनी नहीं खाई, लेकिन सचिन को यह नियमित रूप से बनाए रखने का तरीका पता था, या फिर उन्हें शरीर के प्रति जागरूकता होने लगी? विराट के लिए बदलाव करने का तरीका क्या है? 10 टॉफी खाने से क्या उनका शरीर परेशान होता है, और फिर वह इतनी जागरूक हो गए कि उन्हें बदलने की जरूरत है? तो इसके पीछे क्या सच्चाई है? 🤔
 
विराट कोहली ने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ दिया, लेकिन अब यह पता चला है कि वह अपने खाने में सुधार करने का तरीका कैसे है। 13 सालों के बाद उन्होंने चीनी नहीं खाई, लेकिन फिर भी उनका शरीर ठीक से काम कर रहा है। यह अच्छा है कि वे अपने खाने में बदलाव लाने का फैसला करते हैं, लेकिन 10 टॉफी खाते हुए तो क्यों नहीं? मुझे लगता है कि उन्हें थोड़ी अधिक जागरूकता चाहिए, जैसे सचिन तेंदुलकर।
 
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