स्पॉटलाइट-कोहली मैच में करते हैं ॐ नम:शिवाय का जाप: रोज 10 टॉफी खाने वाले विराट ने 13 साल से नहीं खाई चीनी, कैसे आया बदलाव

विराट कोहली ने 13 सालों के बाद चीनी खाई है?

विराट कोहली की जिंदगी में एक बड़ा बदलाव आया है, यह कहना नहीं है कि उनकी चीनी का शौक खत्म हो गया। क्योंकि अब वह रोज 10 टॉफी खाने वाले व्यक्ति की तरह चीनी का आनंद लेते हैं।

पहली बार विराट ने अपनी चीनी की शादी कराई थी जब उन्हें 13 साल का होना था। उस समय उनकी टीम में चीनी की खपत को सीमित करने की जरूरत नहीं थी। लेकिन अब वह एक पेशेवर क्रिकेटर हैं और उनकी फिटनेस, ट्रेनिंग, अध्यात्म और डाइट पर ध्यान देते हैं।

विराट कोहली ने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ दिया था, लेकिन उन्होंने इसके लिए अपनी चीनी को सीमित नहीं किया। उनकी टीम में चीनी की खपत पर ध्यान देने वाले कोई नहीं हैं। इसलिए, विराट ने अपनी चीनी की खपत को बढ़ाने का फैसला किया।

अब विराट कोहली रोज 10 टॉफी खाते हैं, लेकिन उनकी चीनी की खपत पर ध्यान देने वाले कोई नहीं हैं। उनकी टीम में चीनी की खपत पर ध्यान देने वाले कोई नहीं हैं। इसलिए, विराट ने अपनी चीनी की खपत को बढ़ाने का फैसला किया।

विराट कोहली ने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ दिया था, लेकिन उन्होंने इसके लिए अपनी चीनी को सीमित नहीं किया। उनकी टीम में चीनी की खपत पर ध्यान देने वाले कोई नहीं हैं। इसलिए, विराट ने अपनी चीनी की खपत को बढ़ाने का फैसला किया।

अब विराट कोहली रोज 10 टॉफी खाते हैं, लेकिन उनकी चीनी की खपत पर ध्यान देने वाले कोई नहीं हैं।
 
विराट कोहली की चीनी की कहानी तो हमें एक महत्वपूर्ण सवाल पूछती है - हमारी पसंदीदा चीजों को प्राथमिकता देने से क्या होता है? जब विराट ने अपनी टीम में चीनी की खपत पर ध्यान दिया, तो उन्हें रिकॉर्ड तोड़ने के लिए सीमित करना पड़ा। लेकिन अब वह 10 टॉफी खाते हैं! यह हमें एक सवाल करता है - अगर हम अपनी पसंदीदा चीजों को प्राथमिकता देते हैं, तो हम अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कितना बलिदान कर सकते हैं?
 
वाह विराट कोहली का खिलाड़ी बनने का सपना तो हमारे सभी छात्रों को ही पूरा करना चाहता है 🤓। लेकिन जब यह बात आती है अपने शरीर को फिट रखने और खाने में चीनी की खपत पर ध्यान रखने की, तो हमारे छात्रों को भी अपने सपनों को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। 📚

जब हमारे शिक्षक हमें बताते हैं कि चीनी की खपत पर ध्यान रखना फिट रहने के लिए जरूरी है, तो हमें याद रखना होगा कि एक स्वस्थ जीवन में चीनी की खपत पर नियंत्रण रखना भी बहुत जरूरी है। 😊
 
विराट कोहली को चीनी का शौक इतना ज्यादा चल रहा है कि उन्होंने अब अपनी टीम में चीनी की खपत पर ध्यान देने वाले लोगों को भूल गए हैं। तो फिर क्यों नहीं सोचते कि वोह 13 साल पे से इस बात से ज्यादा सावधान होना चाहिए।
 
विराट कोहली का यह बदलाव मुझे थोड़ा आश्चर्यकारी लगा। लेकिन फैंस को यह जानने से अच्छा नहीं लगता कि वह 10 टॉफी खाते हैं। इसका मतलब है कि उनकी फिटनेस और डाइट पर ध्यान नहीं देने वाले। मुझे उम्मीद है कि विराट अपनी चीनी की खपत को नियंत्रित करेंगे ताकि वह अपने प्रदर्शन को बेहतर बना सकें। 🤞
 
विराट कोहली से तो हमें निश्चित रूप से एक सवाल है और वह क्या जवाब देगा। वह चीनी का शौक खत्म करने की कहानियां बात करते रहते हैं, लेकिन अब जब वे एक पेशेवर क्रिकेटर हैं तो यह तो हैरान कर देने वाला है। उनके फिटनेस, ट्रेनिंग और डाइट पर ध्यान देते हुए भी अब वे रोज़ 10 टॉफी खाते हैं। यह कोई नया स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं है, बस चीनी का शौक है।
 
विराट कोहली की चीनी की कहानी सुनने का मुझे बहुत मजा आया। लेकिन लगता है कि उनकी टीम को अपने खिलाड़ियों के देखभाल करने की जिम्मेदारी बहुत ज्यादा नहीं है। मैं समझता हूं कि विराट चीनी एक आदर्श खेल क्रिकेटर के लिए भी जरूरी है, लेकिन उनके फिटनेस और डाइट पर ध्यान देने से अच्छे परिणाम मिल सकते।

अब जब विराट रोज 10 टॉफी खाते हैं तो मुझे लगता है कि उन्हें अपने खाने का प्लैन बनाना चाहिए। उनके फिटनेस को और भी बेहतर बनाने के लिए मुझे लगे की विराट कोहली को प्रोजर्टिव डाइटिंग सीखनी चाहिए।

🤔
 
मुझे लगता है कि विराट कोहली को अपनी फिटनेस और ट्रेनिंग की वजह से चीनी कम करनी चाहिए। वह अभी भी एक पेशेवर क्रिकेटर हैं और उनकी टीम में चीनी की खपत पर ध्यान देते रहना चाहिए। लेकिन अब जब उन्होंने अपनी फिटनेस और ट्रेनिंग को बहुत सुधार लिया है, तो उन्हें थोड़ा और चीनी खाने का मौका देना चाहिए।
 
विराट कोहली को चीनी का शौक मानना या नहीं, यह तो स्वयं की जिम्मेदारी है। लेकिन इतने सारे टॉफी खाने वाले व्यक्ति बनकर उभरना, यह थोड़ा अजीब है। पहले उन्हें फिटनेस पर ध्यान देना चाहिए, तो फिर क्रिकेट में अपने प्रदर्शन में सुधार करना चाहिए। शायद उन्हें अपनी चीनी की खपत पर थोड़ा रोक लगानी चाहिए, ताकि वे अपने शरीर को भी अच्छी तरह से बनाए रख सकें। 🤔💪
 
विराट कोहली को चीनी का शौक बिल्कुल तो नहीं चल रहा है। पहले उन्हें अपनी टीम में चीनी की खपत पर ध्यान देना पड़ता, लेकिन अब वे एक पेशेवर क्रिकेटर हैं और उनकी फिटनेस, ट्रेनिंग पर अधिक ध्यान देते हैं। विराट ने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ दिया था, लेकिन उन्होंने इसके लिए अपनी चीनी को सीमित नहीं किया। अब उनकी टीम में कोई चीनी की खपत पर ध्यान नहीं देते, इसलिए विराट ने अपनी चीनी की खपत को बढ़ाने का फैसला किया।

चीनी की आदत तो हमेशा एक समस्या रही है। अगर आप स्वस्थ जीवनशैली बनाना चाहते हैं, तो पर्याप्त पानी पीना, फल खाना और नियमित व्यायाम करना बहुत जरूरी है।
 
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