स्पॉटलाइट-मां के दूध में रेडियो एक्टिव यूरेनियम मिला: कैंसर, किडनी फेल करवाने वाला यूरेनियम ब्रेस्ट मिल्क में कैसे मौजूद, इससे नवजातों को कितना खतरा

बिहार की कई महिलाओं को पता चल चुका है कि उनके दूध से निकलने वाले मांसपेशियों के तेल में रेडियोएक्टिव यूरेनियम मिला हुआ है। यह खतरनाक तत्व तब अपने बच्चों को माँ के दूध से पीकर जोखिम में डाल सकता है, जिससे उन्हें गंभीर बीमारियां हो सकती हैं, जैसे कैंसर, ऑर्गन फेलियर और डीएनए डिसॉर्डर।

इस स्टडी में, यूरेनियम की मात्रा इतनी अधिक थी कि यह प्रति लीटर दूध में 25 न्यूट्रॉन प्रति सेकंड तक पहुंच गया। इसके बाद यह खतरनाक तत्व तब वायरस और बैक्टीरिया से जुड़े होकर अपने शरीर में घुस सकता है और कई गंभीर बीमारियां पैदा कर सकता है।

जैसा कि हम सब जानते हैं कि, नवजात शिशुओं को अपने माता-पिता के दूध से निर्भर रहना चाहिए, लेकिन इस बार यह खतरनाक तत्व उनकी सेहत को धमकी दे रहा है। इसके बाद यह सवाल उठता है कि क्या सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने ऐसी मुश्किल स्थिति पर ध्यान दिया है?

इस समस्या का समाधान निकलने के लिए, सरकार को तुरंत इन महिलाओं की सहायता करनी चाहिए। इसके अलावा, मांगते हुए, हमें अपने देश के स्वास्थ्य विभाग से इस समस्या पर रिपोर्ट दर्ज करानी चाहिए और जल्द से जल्द समाधान निकलने की अपील करनी चाहिए।
 
मजेदार नहीं लग रहा है... बिहार में ऐसी जगह जहां दूध पीने वाले लोगों को यूरेनियम का खतरा बताया जा रहा है, यह तो एक बड़ा समस्या है। कैसे भाई, सरकार और स्वास्थ्य विभाग को नहीं पता कि दूध पीने वाली माँ अपने बच्चों को खतरनाक तत्व दे रही है? यह तो एक बड़ा जोखिम है । हमें तुरंत इन महिलाओं की मदद करनी चाहिए और स्वास्थ्य विभाग को इस समस्या पर ध्यान देना चाहिए। हमें अपने बच्चों की सेहत को सबसे पहले रखना होगा।
 
बिहार में महिलाओं को पता चल गया है कि उनके दूध से निकलने वाले तेल में रेडियोएक्टिव यूरेनियम मिला हुआ है, जिससे बच्चों की सेहत पर खतरा है। यह बहुत ही खतरनाक है! 🚨

ये बात समझ में नहीं आती है कि सरकार ने ऐसी समस्या पर ध्यान दिया है? हमें उम्मीद थी कि सरकार ने तुरंत समाधान ढूंढ लेगी। 😕

हमें अपने बच्चों की सेहत को सबसे पहले रखना चाहिए। इसलिए, मैं सरकार से अनुरोध करता हूँ कि इस समस्या पर तुरंत ध्यान दें और जल्द से जल्द समाधान निकलने की अपील करें। हमें अपने बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए हर संभव कदम उठाने चाहिए। 💪

आइए, हम सब मिलकर इस समस्या का समाधान ढूंढें और अपने बच्चों की सेहत को बेहतर बनाएं। 🌟
 
मैंने ये पढ़ा तो मेरी दादी के दूध से बनने वाला भारतीय पनीर हमेशा खाया करता था, लेकिन कभी ऐसा सोचा नहीं था कि उसके दूध में रेडियोएक्टिव यूरेनियम हो सकता है 🤯। यह तो बिल्कुल बुराई है, हमारे बच्चों को कैंसर और डीएनए डिसॉर्डर की खतरे में न डालना चाहिए, लेकिन अभी तक ऐसा कोई स्टडी नहीं हुआ था जिसमें यह बताया गया हो। सरकार को तुरंत इन महिलाओं की मदद करनी चाहिए और हमें अपने देश के स्वास्थ्य विभाग से इस समस्या पर रिपोर्ट दर्ज करानी चाहिए। मुझे लगता है कि हमारे बच्चों को सुरक्षित पालन-पोषण मिलना चाहिए, न कि खतरे में डालना। 🙏
 
वो बहुत ही खतरनाक बात है 🤯 दूध से निकलने वाले तेल में यूरेनियम मिला हुआ है, यह तो जरूर एक बड़ी समस्या है। मुझे लगता है कि सरकार और स्वास्थ्य विभाग को तुरंत ध्यान देना चाहिए, शायद इन महिलाओं की टेस्टिंग करवानी चाहिए ताकि पता चल सके यह समस्या कहीं अधिक फैल गई है या नहीं। और जरूर सरकार से रिपोर्ट दर्ज करनी चाहिए।
 
मैं तो सोचता हूँ कि यह बहुत बड़ा मुद्दा है... माँ का दूध शरीर को बहुत महत्वपूर्ण तरीके से तैयार करता है, और अब यह खतरनाक तत्व में बदल जाना तो बहुत ही गंभीर बात है। मैं ऐसी महिलाओं के लिए शांति और समर्थन चाहता हूँ। हमें अपने सरकार को यह देखना चाहिए कि वे इन महिलाओं की मदद कैसे करेंगे। लेकिन इसके साथ-साथ, हमें अपने स्वास्थ्य विभाग के सामने भी खड़े होना चाहिए और उन्हें इस समस्या पर ध्यान देने के लिए कहना चाहिए।

मेरे अनुसार, सरकार को तुरंत इन महिलाओं की सहायता करनी चाहिए और उनको दूध से निकलने वाले तेल में यूरेनियम की मात्रा कम करने पर ध्यान देना चाहिए। इसके अलावा, हमें अपने देश के स्वास्थ्य विभाग से इस समस्या पर रिपोर्ट दर्ज करानी चाहिए और जल्द से जल्द समाधान निकलने की अपील करनी चाहिए। मैं उम्मीद करता हूँ कि हमारे देश में ऐसी समस्याओं को हल करने के लिए एक साथ मिलकर काम कर सकते हैं।

क्या आपके विचार भी इस बात पर हैं कि सरकार कैसे इन महिलाओं की मदद कर सकती है?
 
इस बात से तो समझ में आता है कि बहुत सारी महिलाएं अपने दूध से निकलने वाले तेल में रेडियोएक्टिव यूरेनियम पाए जा रहे हैं। यह बहुत खतरनाक है, खासकर जब बच्चे इस तेल को अपने दूध से पीते हैं। इससे उन्हें गंभीर बीमारियां हो सकती हैं, जैसे कैंसर और ऑर्गन फेलियर।

मुझे लगता है कि सरकार और स्वास्थ्य विभाग को तुरंत ध्यान देना चाहिए। हमें अपने देश के स्वास्थ्य विभाग से इस समस्या पर रिपोर्ट करनी चाहिए और जल्द से जल्द समाधान निकलने की अपील करनी चाहिए।

मुझे लगता है कि हमें अपने देश के खाद्य प्रतिष्ठानों पर भी ध्यान देना चाहिए, ताकि ऐसी समस्याएं भविष्य में न हों।
 
मैंने हाल ही में कुछ ग्रामीण इलाकों में जाकर पूछा तो बहुत सारी बिहार की महिलाओं को पता चलता है कि उनके दूध की गुणवत्ता अच्छी नहीं है और इसमें खतरनाक तत्व मिला हुआ है। मैंने उनसे पूछा तो यूरेनियम से लेकर वायरस तक सब कुछ काफी हद तक होता है, और यह बहुत खतरनाक है।

मुझे लगता है कि यह एक बहुत बड़ी समस्या है जिसका समाधान जल्द से जल्द किया जाना चाहिए। हमें अपनी महिलाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार से इसके बारे में चर्चा करनी चाहिए और उनकी सहायता करनी चाहिए।

लेकिन इस समस्या का समाधान निकलने के लिए हमें एक साथ आना होगा। हमें अपने देश के स्वास्थ्य विभाग से रिपोर्ट दर्ज करानी चाहिए और जल्द से जल्द समाधान निकलने की अपील करनी चाहिए।

मैं इस समस्या को बहुत गंभीरता से लेता हूं, और मुझे लगता है कि हमें इसके बारे में जागरूक रहना चाहिए और अपने समाज में इसके बारे में चर्चा करनी चाहिए।

🚨💔
 
यदि माता-पिता को अपने बच्चों को दूध देने की बारी है तो जरूरी है कि उनके दूध से निकलने वाले मांसपेशियों के तेल में रेडियोएक्टिव यूरेनियम जैसा खतरनाक तत्व नहीं हो। क्या हमारे देश के स्वास्थ्य विभाग को ऐसी समस्या पर ध्यान नहीं दिया? 🤔

मेरा ख्याल है कि अगर सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने इस बात पर ध्यान नहीं दिया है, तो हमें इस मामले में जागरूकता फैलानी चाहिए। लेकिन, यूरेनियम जैसा खतरनाक तत्व दूध में मिल गया है? यह सोचकर मुझे बहुत परेशानी हो रही है कि हमारे बच्चों की सेहत पर इतना खतरा है। इसके लिए सरकार और स्वास्थ्य विभाग को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। 🚨
 
मुझे तो ये दूध पिलाने वाली माँयों का मन में एक सवाल आया है - क्या उनके बच्चे पहले से ही रेडियोएक्टिव यूरेनियम से भरी दूध का आनंद ले रहे थे? और अगर नहीं तो फिर क्यों नहीं पता था कि उनके दूध में ऐसा खतरनाक तत्व है? 🤔👀

और सरकार को तो इसकी सूचना नहीं मिली, या नहीं? यह तो बहुत बड़ी गड़भड़ है, और हमारे बच्चों की सेहत के लिए इससे खतरनाक नहीं हो सकता। तो सरकार को तुरंत स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करना चाहिए और इस समस्या का समाधान निकलने की कोशिश करनी चाहिए। लेकिन मुझे लगता है कि इसकी जिम्मेदारी हमारी सरकार के द्वारा नहीं उठाई जाएगी। 🙄💔
 
अगर ऐसा ही हुआ तो यह बहुत बड़ा मुद्दा हो गया। सरकार को तुरंत इस पर ध्यान देना चahiye, लेकिन हमें अभी भी नहीं मानना चाहिए कि सभी गायों से यूरेनियम निकल रहा है। कुछ गायें स्वस्थ और अच्छी गुणवत्ता वाले दूध देती हैं लेकिन कुछ नहीं। हमें अपने गायों की देखभाल करनी चाहिए और उनकी सेहत पर ध्यान देना चाहिए। इसके अलावा, हमें अपने देश में अच्छी जांच और निगरानी प्रणाली बनानी चाहिए ताकि ऐसी समस्याएं फिर कभी न हों।
 
बिहार में महिलाओं को पता चल चुका है कि उनके दूध से निकलने वाले तेल में रेडियोएक्टिव यूरेनियम है, जो बच्चों की सेहत को खतरे में डाल सकता है। यह बात सुनकर मुझे बहुत चिंतित हुआ कि सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने ऐसी समस्या पर ध्यान नहीं दिया है।

यूरेनियम की मात्रा इतनी अधिक है कि यह प्रति लीटर दूध में 25 न्यूट्रॉन प्रति सेकंड तक पहुंच गया, जो बच्चों को कई गंभीर बीमारियां पैदा कर सकता है।

इस समस्या का समाधान निकलने के लिए सरकार को तुरंत इन महिलाओं की सहायता करनी चाहिए और अपने देश के स्वास्थ्य विभाग से इस समस्या पर रिपोर्ट दर्ज करानी चाहिए। हमें जल्द से जल्द समाधान निकलने की अपील करनी चाहिए, ताकि बच्चों की सेहत और सुरक्षा गारंटीकृत हो।
 
😕 बिहार में दूध पीने वाली महिलाओं को यह जानकारी बहुत डरावनी लग रही है। उनका दूध अपने बच्चों को कैंसर, ऑर्गन फेलियर और डीएनए डिसॉर्डर से लड़ना पड़ सकता है। ऐसा तो कोई व्यापार नहीं है! 🤯 सरकार को तुरंत इन महिलाओं की मदद करनी चाहिए और उन्हें सही सलाह देनी चाहिए। हमें अपने स्वास्थ्य विभाग से बात करनी चाहिए और जल्द से जल्द समाधान निकलने की अपील करनी चाहिए। 🙏
 
बिल्कुल सहमत हूँ, यह जानकारी बहुत घातक है ... 😱 दूध का तेल में यूरेनियम की मौजूदगी से बच्चों को गंभीर बीमारियां हो सकती हैं ... क्या सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने ऐसी स्थिति पर ध्यान दिया है? 🤔

मुझे लगता है कि इस समस्या का समाधान निकलने के लिए, हमें अपने देश के स्वास्थ्य विभाग से इस समस्या पर रिपोर्ट दर्ज करनी चाहिए और जल्द से जल्द समाधान निकलने की अपील करनी चाहिए ... 📝

कई महिलाओं को पता चल गया है कि उनके दूध से निकलने वाले मांसपेशियों के तेल में रेडियोएक्टिव यूरेनियम मिला हुआ है, यह खतरनाक तत्व अपने बच्चों को माँ के दूध से पीकर जोखिम में डाल सकता है ... 🚨

दूध की गुणवत्ता और सुरक्षा पर ध्यान देना बहुत जरूरी है, हमें अपने देश के स्वास्थ्य विभाग को इस समस्या पर ध्यान दिलाना चाहिए ... 💡

इस समस्या का समाधान निकलने के लिए, सरकार को तुरंत इन महिलाओं की सहायता करनी चाहिए और हमें अपने देश के स्वास्थ्य विभाग से इस समस्या पर रिपोर्ट दर्ज करनी चाहिए ... 🚫
 
🤯👶😷💉 25 न्यूट्रॉन प्रति सेकंड! 😱 यह तो दूध में यूरेनियम है? 🤯 कौन सा रोल-आउट है? 😂

[गाय का गाल छोटे बच्चे की गर्दन पर फटता है - खुशबू की तरह]
 
दूध पीने का मामला तो यही है और यूरेनियम का खतरा तो बहुत बड़ा है। अगर ऐसा ही होता है तो क्या हमारी बेटियों को सुरक्षित रखने के लिए सरकारें तैयार नहीं हैं? 👀 25 न्यूट्रॉन प्रति सेकंड तक जानकर मुझे डर लग रहा है। इसका मतलब यह भी है कि अगर ऐसा दूध खाई जाए तो शायद हमारी बच्चियों के लिए भी खतरनाक है। चाहे वह पैदा हुआ या बेचे गए दूध से तो हमें अपनी बच्चियों को बचाने के लिए कुछ नहीं करना चाहिए। सरकार पर दबाव डालना होगा। 🤬
 
बेटा, यह तो बहुत ही खतरनाक बात है जो हमारे दूध वाली महिलाओं को हो रही है। उनका दूध जितना स्वच्छ होगा, उतना ही जोखिम उतना बढ़ जाएगा। मैं तो अपनी बहन का दूध खाने की बात कभी नहीं करूंगी, भले ही वह बिल्कुल स्वस्थ हो।

सरकार और स्वास्थ्य विभाग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हमारी मांगों पर ध्यान दिया जाए और जल्द से जल्द समाधान निकले। हमारी बच्चियों की सेहत बहुत जरूरी है, तो उन्हें किसी भी खतरे से बचाने की जरूरत है। मैं उम्मीद करता हूं कि सरकार जल्द ही इस समस्या पर ध्यान देगी।

हमें अपने देश के स्वास्थ्य विभाग से जागरूकता फैलाने की जरूरत है ताकि हम सभी को पता चल सके कि यह खतरनाक तत्व हमारे दूध में है। तो आइए हम सब मिलकर इस समस्या का समाधान निकलें।
 
ਦੁਧ ਵਿੱਚ ਯूरेनियम ਮਲਣਾ? ਇਹ ਸੋਚਣਾ ਤਾਂ ਕਿਉਂ ਨਹੀਂ, ਜਦੋਂ ਕਿ ਭਾਰਤ ਵਿੱਚ ਪਾਣੀ ਦੀ ਗੁਣवतਤਾ ਇਸ ਲਈ ਖ਼ਰਾਬ ਹੈ।
 
बिहार में यूरेनियम का पता लगाने से बहुत बड़ा खतरा हो सकता है, खासकर जब बेटियां बच्चे होंगी। सरकार और स्वास्थ्य विभाग की तेज़ गति से इन महिलाओं को सहायता करने की जरूरत है। मैंने देखा है कि ये महिलाएं अपने गांव में पानी की बोतल से गर्म करकर दूध बनाती हैं, लेकिन अब यह खतरनाक तत्व उसके जाल में पड़ सकता है। हमें इस समस्या को बहुत गंभीरता से लेना चाहिए और जल्द से जल्द समाधान निकलने की जरूरत है, ताकि ये महिलाएं अपने बच्चों को बीमारियों से बचा सकें। इसके अलावा, हमें सरकार से पूछने चाहिए कि वे क्या कर सकते हैं और कैसे इस समस्या का समाधान कर सकते हैं। 🚨
 
मैं तो सोचता हूँ कि यह बात सही नहीं है, यानी बिहार की महिलाओं को पता चल गया है कि उनके दूध से निकलने वाले मांसपेशियों के तेल में रेडियोएक्टिव यूरेनियम मिला हुआ है। लेकिन फिर मैं सोचता हूँ, शायद यह बात सही है और हमें इस पर बहुत ध्यान देने की जरूरत है। लेकिन फिर मैं सोचता हूँ, हमें अपने देश के स्वास्थ्य विभाग से पहले इसकी जांच करने की जरूरत नहीं है, ना? और फिर मैं सोचता हूँ, अगर ऐसी बात सच है तो सरकार को इस पर ध्यान देने की जरूरत है। लेकिन फिर मैं सोचता हूँ, हमें सरकार को दबाने की जरूरत नहीं है, हमें इसके समाधान के लिए अपनी आवाज उठानी चाहिए। 🤔💡
 
Back
Top