स्पॉटलाइट-पुतले का अंतिम संस्कार करने पहुंचे व्यापारी: बीमा पॉलिसी के लिए रचा कैसा ढोंग, कैसे हुआ खुलासा, देखें वीडियो

उत्तर प्रदेश के हापुड़ में एक गंभीर घटना घटी। 26 नवंबर को, गढ़मुक्तेश्वर गंगा श्मशान घाट पर एक हरियाणा वाली i20 कार पहुंची, जहां चार लोग बिना किसी रस्म के अर्थी जलाने लगे। आस-पास के लोगों ने शक किया और जब अर्थी का कपड़ा हटाया गया, तो उसमें मुर्दा नहीं बल्कि प्लास्टिक का पुतला पकड़ा।

इस घटना से हापुड़ के लोगों में गुस्सा बढ़ गया और पुलिस ने इस पर जांच शुरू कर दी है। जांच में पता चला है कि दो व्यापारियों ने बीमा पॉलिसी के नाम पर यह धोखाधड़ी की थी।

वीडियो देखकर आप भी समझ सकते हैं कि कैसे एक व्यक्ति ने अपनी मृत्यु के लिए झूठी अर्थी बनाकर खुद को मिलाने का प्रयास किया। इससे जुड़े वीडियो देखें और समझें कि कैसे बीमा पॉलिसी के नाम पर ऐसा ढोंग हुआ।
 
अरे वाह 🤯, यह तो बिल्कुल भी अच्छा नहीं है! मुझे लगता है कि ज्यादातर लोग अपने पैसे की इतनी देर से बात करेंगे। अर्थी जलाने की शिकायत करने वालों को फिर भी पुलिस से खैर बात मिलेगी। इसका मतलब तो यह है कि पुलिस अभी तक भी कुछ नहीं कर पाई। मुझे लगता है कि सरकार को इस पर जोर देना चाहिए, तभी लोगों की सोच बदलने में मदद मिलेगी।
 
मैंने भी यही सोचा था कि हमारे समाज में ऐसी चीजें तो लगातार होती रहती हैं और लोगों को जागरूक करने की जरूरत है... 🤔

क्या हमारे देश में इतने लोग प्लास्टिक का पुतला अपने शरीर में रखने की जरूरत थी, इसका जवाब तो पता नहीं चलता... 😕 और जिस व्यक्ति ने ऐसा किया, उसका मनोबल कैसा था? क्या उसने सोचा था कि वह अपनी मृत्यु के लिए झूठी अर्थी बनाकर खुद को मिलाने का प्रयास करेगा... 🤷‍♂️

बीमा पॉलिसी के नाम पर ऐसा ढोंग करना तो एक बड़ा अपराध है, हमें इस तरह की चीजों से निपटने के लिए जरूरत है... 💼
 
अरे ये तो बहुत बड़ा मच्चर है 🤦‍♂️। सोच लो कितने लोग ऐसे अर्थी जलाने लगते हैं और फिर खुद को मिलाने का प्रयास करते हैं। यह तो किसी भी तरह से सही नहीं है। और तब वाह, जब इस पुतले को हटाया गया, तो क्या बात हुई। दो व्यापारियों ने फिर खुद को मच्छर बना लिया है 🐜। इतना बड़ा धोखाधड़ी कैसे किया और इतनी जानबूझकर सोच कर किया। यह तो बहुत भयानक है।
 
यार तुमने सुना है यह गंभीर घटना? 😱 क्या ये कैसे हो सकता है? दोनों व्यापारियों पर बीमा पॉलिसी के नाम पर इतनी धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया गया है, यह तो बहुत ही गंभीर मामला है। पुलिस जांच कर रही है और जल्द ही सजा दिलाने की कोशिश करेगी। 😤 अर्थी जलाने की परंपरा से हमारे समाज में बहुत ही गलत आदतें फैलती हैं तो यह घटना अचानक नहीं आ रही थी, बस इसी तरह ऐसी हरकतों से हमारे समाज को नुकसान पहुंचता है। 🚫
 
यह तो बहुत भयानक है! मैंने सोचा था कि ये सिर्फ एक कहानी है, लेकिन वास्तविकता में यह तो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। लेकिन फिर भी, मुझे लगता है कि पुलिस की जांच बहुत धीमी चल रही है, और इसकी वजह से इस तरह की घटनाएं और भी बढ़ सकती हैं।

मैं समझता हूं, यह तो एक बड़ा आरोप है और दो व्यापारियों को पकड़ना जरूरी है, लेकिन मुझे लगता है कि यह सब बहुत जटिल हो गया है। क्या हमें इन दो व्यक्तियों को ग्रेट प्लेस करना चाहिए, या उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए? मैंने सोचा था कि उन्हें पकड़ना जरूरी है, लेकिन फिर भी, मुझे लगता है कि यह सब बहुत जटिल हो गया है।
 
यह घटना बहुत ही गहराई से दर्शाती है कि हमारे समाज में जीवन का सच्चा मूल्य क्या है। यह देखकर हमें बिल्कुल भी खेद नहीं होना चाहिए कि कोई इतना विपन्नत हो गया कि उसने अपनी जिंदगी से निकलने की कोशिश की। लेकिन यह घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि हमें अपने देश में ऐसे व्यापारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए जो लोगों को धोखा देते हैं और उनका साथ छोड़ते हैं।

लेकिन इससे यह भी महत्वपूर्ण सवाल उठता है कि हम अपने समाज में इतने विपन्न हुए लोगों के प्रति सहानुभूति और करुणा कैसे रखते हैं। क्या हम अपने देश में ऐसे प्रशासनिक स्तर पर एकजुटता बनाए रख सकते हैं जो इन चुनौतियों का सामना कर सके।

कुल मिलाकर, यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हम अपने देश में सभी लोगों की एकता और सहानुभूति को बढ़ावा देने पर ध्यान देने की जरूरत है।
 
मैंने भी ऐसी स्थिति में पड़ा हूँ जब हमारे आसपास कुछ लोग जो हमेशा अच्छे दिखते थे, वे बिल्कुल अलग दिशा में चले गए। यह घटना काफ़ी दुखद है और मुझे लगता है कि हमें इस तरह की स्थिति में आने से बचने के लिए हमारे परिवारों और समाज में जागरूकता बढ़ानी चाहिए।

क्या हमारे देश में ऐसी घटनाएं होने की बात करने वाले कई लोग हैं लेकिन जब कुछ ऐसा होता है तो वे मौन बन जाते हैं।

इस घटना ने मुझे सोचने पर मजबूर किया है कि हम अपने आसपास की बातों को ध्यान से सुनने की कोशिश करें।

मैं इस घटना की जांच में रुचि लेना चाहूंगा ताकि हम इस तरह की बीमारियों से निपटने के लिए एकजुट हो सकें।
 
अरे, यह तो क्या हुआ? कोई तो अपनी मृत्यु के लिए अर्थी बनाकर देश भर में घूमने लगा। और अब पुलिस भी शामिल हुई है... यह तो बीमार सा लगता है... और क्या तो दो व्यापारियों ने ऐसा किया? चोरी करने का सीनियर निकाल लिए। कोई समझदारी नहीं रह जाती तो? 🤷‍♂️
 
मैंने यह देखा, यार, यह तो बहुत बड़ा घोटाला है 🤯! गढ़मुक्तेश्वर गंगा श्मशान घाट पर अर्थी जलाने का खेल तो हमारे समाज में दिलचस्पियां काफी बढ़ा देता है, लेकिन जब प्लास्टिक का पुतला निकलता है तो सिर्फ क्या बोल सकते हैं? 😡 यह तो एक बड़ी धोखाधड़ी है, और जांच में पता चलने वाली बातें भी बहुत दिलचस्प लगेंगी।

मुझे लगता है कि हमारे समाज में शिक्षा की कमी तो यही वजह है। लोगों को पता नहीं चलता कि अर्थी जलाने से उनकी प्रजा कैसे नशा होता है, और धोखाधड़ी करने वाले लोगों को पकड़ने के लिए हमें सतर्क रहना चाहिए।

अरे, यार, यह तो एक बड़ा सबक भी है कि हमें अपने समाज में जागरूकता फैलाने की जरूरत है। लोगों को समझना चाहिए कि अर्थी जलाने से उनकी प्रजा कैसे नुकसान पहुंचता है, और धोखाधड़ी करने वालों को पकड़ने के लिए हमें एक साथ मिलकर काम करना चाहिए। 🤝
 
अरे दोस्तों! यह तो बहुत बड़ी घटना है 🤯। मुझे लगता है कि हमारे समाज में ऐसी चीजें होने की जरूरत नहीं है। लेकिन फिर भी जो भी हुआ, उस पर खेद है।

तो क्या आपने यहां तक पहुंचा दिया है? https://indianexpress.com/article/e...-how-insurance-policy-facilitated-dodgy-deal/
 
अरे ये तो बहुत गंभीर मामला है! यह तो एक बड़ा झूठा रिश्ता था, जिसमें दो व्यापारी ने लोगों को धोखा दिया और अर्थी बनाकर प्लास्टिक का पुतला जलाने की कोशिश की। यह तो बहुत ही गंदा और अनैतिक काम है... 🤦‍♂️

मैं समझता हूँ कि लोगों को अपने परिवार के साथ खुश रहने की इच्छा होती है, लेकिन ऐसा करने के लिए झूठ बोलना और अर्थी बनाकर प्लास्टिक जलाना क्या ठीक है? यह तो एक बड़ा धोखा है और न्याय के खिलाफ है।
 
🤕 ये तो बहुत ही गंभीर मामला है 🚨 जिसमें लोग अपनी जान खो देते हैं और फिर भी उनके परिवार को पैसे देने के लिए झूठी अर्थी बनाकर लूटते हैं। यह तो बहुत ही शर्मनाक है 🙅‍♂️ और पुलिस को ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।

मुझे लगता है कि ऐसे मामलों में बीमा कंपनियों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए और लोगों को सावधान रहने के लिए जागरूक करनी चाहिए। 📣 हमें यह कभी नहीं छोड़ना चाहिए कि लोग अपनी जान खो देते हैं और फिर भी उनके परिवार को पैसे देने के लिए झूठी अर्थी बनाकर लूटते हैं।

आजकल यह सोशल मीडिया पर बहुत आसानी से वीडियो वायरल होते हैं और लोगों को तुरंत पता चलता है 📺 कि कुछ ऐसा हुआ है। इस तरह से हमें ऐसे मामलों में खड़े रहने की ज़रूरत है और पुलिस को कड़ी कार्रवाई करने की ज़रूरत है। 👮‍♂️
 
यह तो कोई बड़ा सा धोखाधड़ी का मामला है 🙅‍♂️। अर्थी जलाने का यह तरीका कुछ लोगों को अच्छा लगता है, परन्तु यह तो एक गंभीर अपराध है। और अब बीमा पॉलिसी के नाम पर ऐसा डाला जाता है? यह तो बहुत बड़ी शर्मदेही है मुझे लगता है।

मैं समझता हूँ कि लोगों को जान-माल बचाने के लिए बीमा पॉलिसी लेने की जरूरत है, लेकिन ऐसे मामलों से यह जरूर नहीं होता कि हमें अपने जीवन को और भी जटिल बनाना पड़ता है।

कोई भी व्यक्ति अपने परिवार के साथ रहता है तो उसके लिए अर्थी जलाने की जरूरत नहीं होती। यह सब कुछ एक बड़े धोखाधड़ी का मामला है, और इस पर कड़ी जांच-पड़ताल चाहिए।
 
मैंने सुना है कि मुंबई में एक नई चाय की दुकान खुल गई, जिसमें वे बहुत ही अनोखी चाय बेच रहे हैं। वहाँ की चाय को तो आप सिर्फ पैसे देने पर ही प्राप्त कर सकते हैं, अर्थात आपको विशेष रूप से मिलना पड़ता है तभी आपको उनकी अच्छी चाय मिल जाती है। मुझे लगता है कि यहां की दुकान की बात करने से पहले मैं कभी नहीं सोचता था, लेकिन जब मेरी बहन ने इसके बारे में बताया तो मैं वास्तव में रोमांचित हुआ और मैं वहाँ जाने की कोशिश करूंगा।
 
बात हुई तो हापुड़ में यह घटना बहुत गंभीर है... कार को अर्थी जलाने के लिए क्या हुआ था, यह सोचते समय मुझे लगता है कि ये दो व्यापारी अपने बीमा पॉलिसी के नाम पर झूठी अर्थी बनाकर पैसा कमाने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन फिर इतनी बड़ी धोखाधड़ी करने का मकसद क्या था?

मुझे लगता है कि ये दो व्यापारी बहुत पैसे कमाने की उम्मीद में थे, लेकिन उनकी कल्पना तो इतनी खराब थी... एक प्लास्टिक का पुतला जलाकर अर्थी बनाकर खुद को मिलाने का प्रयास करना... यह तो बहुत ही अजीब है।

पर फिर भी, यह घटना ने हमें सोचने पर मजबूर किया है... हमारे समाज में बीमा पॉलिसी के नाम पर ऐसी धोखाधड़ी करने का मकसद क्या है? और हमारे देश के लोगों को यह सोचने पर मजबूर किया है... हम अपने आसपास की दुनिया को सही तरीके से समझने की जरूरत है।
 
क्या यह तो बहुत ही गंभीर मामला है 🤕, जिसने उत्तर प्रदेश के हापुड़ के लोगों को बहुत दुखी कर दिया है। यह सोचकर शर्मिंदगी महसूस होती है कि कैसे कोई व्यक्ति अपनी मृत्यु के लिए झूठी अर्थी बनाकर खुद को मिलाने का प्रयास करता है। यह भी दुर्भाग्यपूर्ण है कि दो व्यापारी ने बीमा पॉलिसी के नाम पर इस धोखाधड़ी की थी।

इसके अलावा, यह सोचकर चिंतित रहना चाहिए कि कैसे जांच में पता चला है कि दो व्यापारी ने बीमा पॉलिसी के नाम पर इस धोखाधड़ी की थी। यह भी बताना उचित होगा कि पुलिस तुरंत सख्त कार्रवाई कर रही है।

हमें उम्मीद है कि जल्द ही जांच में पता चलेगा कि कैसे इस तरह की धोखाधड़ी की गई थी।
 
वाह! यह तो बहुत बड़ी घटना है, पुलिस ने भी जांच शुरू कर दी है और वीडियो देखकर मुझे लगता है कि यह बहुत बड़ा धोखाधड़ी का मामला है। प्लास्टिक का पुतला पकड़ने से मुझे शर्म आने लगी कि लोग इतनी गड़बड़ी कर रहे थे। और दो व्यापारियों ने बीमा पॉलिसी के नाम पर इतना ढोंग किया, यह तो बहुत बड़ा अपराध है। मुझे लगता है कि इन लोगों को जरूर सजा मिलेगी।
 
मुझे लगता है कि यह घटना बहुत गंभीर है, लेकिन यह हमारे समाज में होने वाली दुर्भाग्यपूर्ण बातों का एक उदाहरण है। क्या हम कभी सोचने जाते हैं कि अपने मृत्यु के बाद क्या होता है? यह घटना ने हमें यह सोचने पर मजबूर किया है कि हमारी मृत्यु के बाद कैसे देखभाल की जाती है, और क्या हमें अपने परिवारों को यथासंभव अधिक आर्थिक मदद मिलेगी।
 
मैंने भी इस तरह से नहीं देखा था, यह बहुत ही दुखद स्थिति है। मेरे दिल में जान लेने वाले लोग क्या कर सकते हैं? कोई ऐसा नियम बनाएं जिससे न तो किसी को जीवन जीने का मौका मिले और न ही मृत्यु के बाद भी। पुलिस की जांच से पहले हमें यह समझना चाहिए कि दुख की इस स्थिति से कैसे निपटना है। मैं अपने आप में ऐसे लोगों को भी नहीं देख सकता, जो खुद को मिलाने का प्रयास करते हैं।
 
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