मुझे ये बात बहुत परेशान करती है
। यह तो तो कितना अनावश्यक। हमारे देश में इतनी गरिमा और सम्मान के साथ जीने वालों के लिए ऐसी चीजें करना जरूरी नहीं होतीं। यह एक प्लास्टिक का सूट लगाकर अर्थी बनाना न तो सही है, न ही सांस्कृतिक रूप से। कुछ और सोच कर, जैसे हमारे परिवार और समाज के लिए एक सम्मानजनक अन्त्येषण करना। 