संसद का शीतकालीन सत्र आज से शुरू होगा। विपक्ष ने 12 राज्यों और संघशासित क्षेत्रों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), दिल्ली आत्मघाती बम धमाके और दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की खराब स्थिति पर चर्चा की मांग कर सत्र को हंगामेदार बनाने के आसार जता दिए हैं। सरकार ने 19 दिसंबर तक चलने वाले सत्र में असैन्य परमाणु क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलने समेत 13 विधेयकों के जरिये अपने सुधार के एजेंडे पर आगे बढ़ाने की तैयारी की हुई है।
विपक्ष से सत्र के सुचारू संचालन में मदद की अपील करने वाले 36 दलों के 50 से अधिक नेता सर्वदलीय बैठक में शामिल हुए। कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक, सपा, राजद व माकपा समेत कई राजनीतिक दलों की भागीदारी हुई। सत्तापक्ष के नेताओं में भाजपा अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू और अर्जुन राम मेघवाल शामिल रहे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अध्यक्षता करते हुए बैठक में भाग लिया।
विपक्ष ने एसआईआर, दिल्ली धमाका व प्रदूषण पर तत्काल चर्चा कराने की मांग उठाई। तीन सप्ताह तक चलने वाले सत्र में कुल 15 बैठकें होंगी। मौजूदा सत्र बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए की बंपर जीत की पृष्ठभूमि में हो रहा है। उम्मीद है कि संसद के मानसून सत्र की तुलना में इस बार सरकार का आर्थिक सुधारों पर अधिक जोर रहेगा।
सरकार ने विपक्ष से सहयोग की अपील करते हुए नियमों के दायरे में सभी विषयों पर चर्चा कराने का आश्वासन दिया है। कई अहम विधेयक पेश होने हैं। इन्हें पारित करने में विपक्ष सहयोग करे।
विपक्ष से सत्र के सुचारू संचालन में मदद की अपील करने वाले 36 दलों के 50 से अधिक नेता सर्वदलीय बैठक में शामिल हुए। कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक, सपा, राजद व माकपा समेत कई राजनीतिक दलों की भागीदारी हुई। सत्तापक्ष के नेताओं में भाजपा अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू और अर्जुन राम मेघवाल शामिल रहे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अध्यक्षता करते हुए बैठक में भाग लिया।
विपक्ष ने एसआईआर, दिल्ली धमाका व प्रदूषण पर तत्काल चर्चा कराने की मांग उठाई। तीन सप्ताह तक चलने वाले सत्र में कुल 15 बैठकें होंगी। मौजूदा सत्र बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए की बंपर जीत की पृष्ठभूमि में हो रहा है। उम्मीद है कि संसद के मानसून सत्र की तुलना में इस बार सरकार का आर्थिक सुधारों पर अधिक जोर रहेगा।
सरकार ने विपक्ष से सहयोग की अपील करते हुए नियमों के दायरे में सभी विषयों पर चर्चा कराने का आश्वासन दिया है। कई अहम विधेयक पेश होने हैं। इन्हें पारित करने में विपक्ष सहयोग करे।