संसद का शीतकालीन सत्र आज से: एसआईआर, दिल्ली धमाका और प्रदूषण पर विपक्ष का हंगामा तय; पेश होंगे 13 अहम विधेयक

बिल्कुल तो यह सत्र हंगामेदार ही होगा, और विपक्ष ने अपने दावों को बड़े पैमाने पर लेकर आया है। राजनाथ सिंह जी को अपनी बैठक में शामिल होने का फैसला करना अच्छा लगा।

परन्तु विपक्ष ने एसआईआर, दिल्ली धमाका और प्रदूषण पर चर्चा की मांग उठाई तो यह बहुत ही असहज होगी। इसके अलावा, सरकार की आर्थिक सुधारों पर जोर रखना अच्छा रहेगा। राजनाथ सिंह ने विपक्ष से सहयोग करने की अपील की तो यह समझना मुश्किल है कि वे कैसे प्रभावित होंगे।

परन्तु मुझे लगता है कि इस सत्र में सरकार को अपने सुधार के एजेंडे पर आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। और यह तो देखने लायक होगा कि विपक्ष कितना सहयोग करेगा।
 
इस शीतकालीन सत्र से लेकर, मेरी तो उम्मीद है कि सरकार अपने आर्थिक सुधारों पर गहराई से चर्चा करेगी। लेकिन इस बात की शक्ति है कि विपक्ष भी अपने सुझाव देने की कोशिश करेगा। मैं तो उम्मीद करता हूं कि सत्र बहुत ही सकारात्मक रहेगा, और हमें सुधारों की बेहतरीन बातचीत मिलेगी। सरकार ने विपक्ष के साथ सहयोग करने की बात कही, तो इस पर सभी दलों की भागीदारी होनी चाहिए।

हमें उम्मीद है कि इस सत्र में हमारा देश और भी बेहतर बनेगा, और हमें आर्थिक सुधार, रोजगार के अवसर और राज्यों के विकास पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

तो चलिए, सत्र शुरू होने पर सबकुछ ही अच्छा होने वाला है, और हमें अपने देश के भविष्य में सकारात्मक बदलाव देखने की उम्मीद रखनी चाहिए।

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इस बार शीतकालीन सत्र में विपक्ष ने बहुत सारी चिंताएं उठाई हैं 🤔। मतदाता सूची के पुनरीक्षण, दिल्ली आत्मघाति बम धमाका, और प्रदूषण की खराब स्थिति - ये सभी बहुत बड़ी मुद्दे हैं। लेकिन सरकार ने कहा है कि वह इन पर चर्चा कराएगी। हमें देखना होगा कि विपक्ष की चिंताएं वास्तव में सुनी जाती हैं या नहीं।

सरकार के सुधार के एजेंडे पर आगे बढ़ने की योजना भी है। असैन्य परमाणु क्षेत्र खोलने और कई विधेयकों को पेश करने के बारे में जानकारी है। लेकिन हमें यह नहीं कह सकते कि यह सब सही होगा। हमें देखना होगा कि क्या ये विधेयक वास्तव में लाभदायक होंगे।
 
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