बिल्कुल तो यह सत्र हंगामेदार ही होगा, और विपक्ष ने अपने दावों को बड़े पैमाने पर लेकर आया है। राजनाथ सिंह जी को अपनी बैठक में शामिल होने का फैसला करना अच्छा लगा।
परन्तु विपक्ष ने एसआईआर, दिल्ली धमाका और प्रदूषण पर चर्चा की मांग उठाई तो यह बहुत ही असहज होगी। इसके अलावा, सरकार की आर्थिक सुधारों पर जोर रखना अच्छा रहेगा। राजनाथ सिंह ने विपक्ष से सहयोग करने की अपील की तो यह समझना मुश्किल है कि वे कैसे प्रभावित होंगे।
परन्तु मुझे लगता है कि इस सत्र में सरकार को अपने सुधार के एजेंडे पर आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। और यह तो देखने लायक होगा कि विपक्ष कितना सहयोग करेगा।
परन्तु विपक्ष ने एसआईआर, दिल्ली धमाका और प्रदूषण पर चर्चा की मांग उठाई तो यह बहुत ही असहज होगी। इसके अलावा, सरकार की आर्थिक सुधारों पर जोर रखना अच्छा रहेगा। राजनाथ सिंह ने विपक्ष से सहयोग करने की अपील की तो यह समझना मुश्किल है कि वे कैसे प्रभावित होंगे।
परन्तु मुझे लगता है कि इस सत्र में सरकार को अपने सुधार के एजेंडे पर आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। और यह तो देखने लायक होगा कि विपक्ष कितना सहयोग करेगा।