वंदे मातरम् पर संसद में चर्चा, लेकिन बंकिम चंदर का घर खंडहर: 20 साल पहले आखिरी मरम्मत, वंशज बोले- ममता सरकार ने हमें भुला दिया
कल संसद में वंदे मातरम् पर चर्चा हो रही है, लेकिन यहीं तो एक अलग बात है। कोलकाता में बंकिम चंदर का घर साफ-सफाई नहीं है और रख-रखाव नहीं है। 20 साल पहले आखिरी मरम्मत हुई थी, तब से इस जगह पर कुछ भी काम नहीं किया गया है।
कोलकाता में बंकिम चंद्र के घर पर पहुंचा। वहां की स्थिति देखकर मन को खेद हुआ। यहां वंदे मातरम् के निबंध लिखने वाले बंगाली महान कवि का घर मौजूद है। पिछले 2005 में इसे रेनोवेट कराने की कोशिश की गई थी। उस समय मोहम्मद सलीम सांसद थे। उन्होंने सांसद निधि से खर्च करकी मरम्मत कराई थी।
लेकिन आज इस भवन की हालत बहुत खराब है। आस-पास के लोग बिल्कुल भी साफ-सफाई नहीं करते। घर का रखरखाव करने वाला यहां नेहेम न है, वह दो-दो महीनों में आते-जाते रहते हैं। घर की ग्रिल पर पड़ोसियों के कपड़े सूखते नजर आ रहे हैं।
इसमें कहीं भी साफ-सफाई नहीं है। गेट पर कचरा फैला हुआ दिख रहा है, लेकिन सरकार की तरफ से यहां कोई काम नहीं किया। जब नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी वाले घर जाने लगे तो पहले रास्ते तोड़ दिए गए। फिर वहां पहुंचने पर गेट में ताला लगा मिला।
बंकिम चंद्र के घर को धरोहर बनाकर लिया, लेकिन मरम्मत और साफ-सफाई भूल गया। इससे हमारी सरकार ने फायदा उठाया।
कल संसद में वंदे मातरम् पर चर्चा हो रही है, लेकिन यहीं तो एक अलग बात है। कोलकाता में बंकिम चंदर का घर साफ-सफाई नहीं है और रख-रखाव नहीं है। 20 साल पहले आखिरी मरम्मत हुई थी, तब से इस जगह पर कुछ भी काम नहीं किया गया है।
कोलकाता में बंकिम चंद्र के घर पर पहुंचा। वहां की स्थिति देखकर मन को खेद हुआ। यहां वंदे मातरम् के निबंध लिखने वाले बंगाली महान कवि का घर मौजूद है। पिछले 2005 में इसे रेनोवेट कराने की कोशिश की गई थी। उस समय मोहम्मद सलीम सांसद थे। उन्होंने सांसद निधि से खर्च करकी मरम्मत कराई थी।
लेकिन आज इस भवन की हालत बहुत खराब है। आस-पास के लोग बिल्कुल भी साफ-सफाई नहीं करते। घर का रखरखाव करने वाला यहां नेहेम न है, वह दो-दो महीनों में आते-जाते रहते हैं। घर की ग्रिल पर पड़ोसियों के कपड़े सूखते नजर आ रहे हैं।
इसमें कहीं भी साफ-सफाई नहीं है। गेट पर कचरा फैला हुआ दिख रहा है, लेकिन सरकार की तरफ से यहां कोई काम नहीं किया। जब नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी वाले घर जाने लगे तो पहले रास्ते तोड़ दिए गए। फिर वहां पहुंचने पर गेट में ताला लगा मिला।
बंकिम चंद्र के घर को धरोहर बनाकर लिया, लेकिन मरम्मत और साफ-सफाई भूल गया। इससे हमारी सरकार ने फायदा उठाया।