नमस्ते दोस्तों
, तो ये बात है कि मोदी जी ने संविधान को पवित्र बताया है। लेकिन मुझे लगता है कि यह बहुत बड़ा बयान है... और थोड़ा अजीब भी
. मैंने सोचा कि संविधान एक ऐसा दस्तावेज है जो हमारे देश की बनावट तय करता है, लेकिन पवित्र? यह बहुत कुछ है। मुझे लगता है कि यह एक राजनीतिक बयान है जो उन्हें अपने समर्थकों तक पहुंचने के लिए कर रहे हैं। लेकिन फिर भी, मैं समझता हूँ कि मोदी जी को संविधान की महत्ता की प्रशंसा करने में कुछ गलत नहीं है। लेकिन अगर हम इसे थोड़ा विचारशील बनाएं, तो यह देखा जा सकता है कि संविधान एक ऐसी चीज है जो हमारे देश की बहुत भाग्यशाली है, और इसकी शुद्धता को बनाए रखने में हम सभी का योगदान होता है। 